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आग लगने से आठ मकान राख, 10 लाख की संपति का नुकसान
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उर्रा (बहराइच)। बोझिया गांव निवासी एक ग्रामीण के मकान में सोमवार देर रात आग लग गई। शोर सुनकर पहुंचे लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक लपटों ने सात और मकानों को चपेट में ले लिया। इन सभी आठ मकानों में रखा सारा सामान जल कर राख हो गया। लगभग 10 लाख की संपत्ति का नुकसान हुआ है। सुबह लेखपाल ने गांव पहुंचकर क्षति का आकलन कर रिपोर्ट तहसील को भेज दी है। सभी परिवारों के लोग खुले आसमान तले रहने को विवश हैं।
मोतीपुर तहसील अंतर्गत कोतवाली मुर्तिहा क्षेत्र के बोझिया गांव निवासी सरजू देवी पत्नी सीताराम के मकान में मंगलवार रात करीब 10 बजे अज्ञात कारणों से आग लग गई। परिवार के लोगों ने भागकर जान बचाई और मदद के लिए शोर मचाया। आसपास के लोग दौड़े और आग बुझाने में जुट गए, लेकिन पछुआ हवा के कारण भड़की आग ने पड़ोसी बालकराम, सियाराम, द्वारिका, गनेश, रामरूप, इतवारी, बैजनाथ के मकानों को आगोश में ले लिया।
देखते ही देखते आठ ग्रामीणों के मकान धू-धू कर जल गए। साथ ही इन मकानों में रखी नकदी, कपड़ा, जेवरात, अनाज सब कुछ जल गया। ग्रामीणों के मुताबिक लगभग 10 लाख की संपत्ति का नुकसान आग से हुआ है। ग्राम प्रधान शिवसागर ने घटना की सूचना तहसील को दी।
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लेखपाल रामपलट ने सुबह गांव पहुंचकर क्षति का आंकलन किया। लेखपाल ने बताया कि रिपोर्ट तहसील को सौंप दी गई है। उपजिलाधिकारी बाबूराम ने बताया कि रिपोर्ट मिली है। जल्द ही पीड़ितों को राहत सहायता राशि प्रदान की जाएगी। वहीं, आठ परिवारों के 45 से अधिक लोग खुले आसमान तले रहने को विवश हैं।
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मोतीपुर तहसील अंतर्गत कोतवाली मुर्तिहा क्षेत्र के बोझिया गांव निवासी सरजू देवी पत्नी सीताराम के मकान में मंगलवार रात करीब 10 बजे अज्ञात कारणों से आग लग गई। परिवार के लोगों ने भागकर जान बचाई और मदद के लिए शोर मचाया। आसपास के लोग दौड़े और आग बुझाने में जुट गए, लेकिन पछुआ हवा के कारण भड़की आग ने पड़ोसी बालकराम, सियाराम, द्वारिका, गनेश, रामरूप, इतवारी, बैजनाथ के मकानों को आगोश में ले लिया।
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देखते ही देखते आठ ग्रामीणों के मकान धू-धू कर जल गए। साथ ही इन मकानों में रखी नकदी, कपड़ा, जेवरात, अनाज सब कुछ जल गया। ग्रामीणों के मुताबिक लगभग 10 लाख की संपत्ति का नुकसान आग से हुआ है। ग्राम प्रधान शिवसागर ने घटना की सूचना तहसील को दी।
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लेखपाल रामपलट ने सुबह गांव पहुंचकर क्षति का आंकलन किया। लेखपाल ने बताया कि रिपोर्ट तहसील को सौंप दी गई है। उपजिलाधिकारी बाबूराम ने बताया कि रिपोर्ट मिली है। जल्द ही पीड़ितों को राहत सहायता राशि प्रदान की जाएगी। वहीं, आठ परिवारों के 45 से अधिक लोग खुले आसमान तले रहने को विवश हैं।