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पर्यटक 15 दिन नहीं कर सकेंगे बोटिंग
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बिछिया (बहराइच)। चौधरी चरण सिंह गिरिजापुरी बैराज व उससे निकलने वाली सरयू और शारदा नहर की सफाई का के लिए बैराज का गेट खोल दिया जाएगा।
इससे बैराज पर संगम कर घाघरा नदी बनने वाली गेरुआ और कौड़ियाला नदियां सूख जाएंगी। यह स्थिति पखवारे भर रहेगी। इस दौरान कतर्नियाघाट सेंक्चुरी आने वाले पर्यटक बोटिंग का लुत्फ नहीं उठा सकेंगे।
नेपाल से निकलने वाली गेरुआ और कौड़ियाला नदियों का संगम चौधरी चरण सिंह गिरिजापुरी बैराज पर होता है। इस बैराज से शारदा और सरयू नहरों का संचालन किया जाता है।
शारदा सहायक परियोजना की नहरों से लखीमपुर और बाराबंकी क्षेत्र में सिंचाई की व्यवस्था है। सरयू नहर से बहराइच समेत पूर्वांचल के जिले सिंचाई सुविधा से लाभान्वित होते हैं।
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शारदा सहायक व सरयू नहर परियोजना के नहरों व बैराज की साफ-सफाई का कार्य 38 लाख की लागत से शुरू कर दिया गया है। बैराज से तीन किलोमीटर की दूरी तक नहर की मरम्मत होगी।
बैराज के फाटक भी दुरुस्त किए जाएंगे। रंग रोगन होगा। बैराज के अवर अभियंता संतराम वर्मा ने बताया कि 14 अप्रैल की मध्य रात्रि से बैराज पर क्लोजर कर दिया जाएगा।
जिससे गेरुआ नदी का पानी घाघरा नदी में गिर जाएगा। नदी के सूखनेे पर सरयू नहर की साफ-सफाई हो सकेगी। बैराज के फाटक दुरुस्त किए जाएंगे। रंग-रोगन का कार्य भी होगा।
रेत में तब्दील हो जाएगी नदी
बैराज व नहरों की साफ-सफाई के कारण 14 से 19 अप्रैल के बीच क्लोजर के कारण गेरुआ नदी का पानी पूरी तरह घाघरा में चला जाएगा। ऐसे में नदी सूख जाएगी। सिर्फ रेत नजर आएगी।
इस दौरान कतर्नियाघाट सेंक्चुरी भ्रमण पर आने वाले पर्यटकों को बोटिंग का लुत्फ नहीं मिल सकेगा। यह स्थिति लगभग पखवारे भर रहेगी।
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इससे बैराज पर संगम कर घाघरा नदी बनने वाली गेरुआ और कौड़ियाला नदियां सूख जाएंगी। यह स्थिति पखवारे भर रहेगी। इस दौरान कतर्नियाघाट सेंक्चुरी आने वाले पर्यटक बोटिंग का लुत्फ नहीं उठा सकेंगे।
नेपाल से निकलने वाली गेरुआ और कौड़ियाला नदियों का संगम चौधरी चरण सिंह गिरिजापुरी बैराज पर होता है। इस बैराज से शारदा और सरयू नहरों का संचालन किया जाता है।
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शारदा सहायक परियोजना की नहरों से लखीमपुर और बाराबंकी क्षेत्र में सिंचाई की व्यवस्था है। सरयू नहर से बहराइच समेत पूर्वांचल के जिले सिंचाई सुविधा से लाभान्वित होते हैं।
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शारदा सहायक व सरयू नहर परियोजना के नहरों व बैराज की साफ-सफाई का कार्य 38 लाख की लागत से शुरू कर दिया गया है। बैराज से तीन किलोमीटर की दूरी तक नहर की मरम्मत होगी।
बैराज के फाटक भी दुरुस्त किए जाएंगे। रंग रोगन होगा। बैराज के अवर अभियंता संतराम वर्मा ने बताया कि 14 अप्रैल की मध्य रात्रि से बैराज पर क्लोजर कर दिया जाएगा।
जिससे गेरुआ नदी का पानी घाघरा नदी में गिर जाएगा। नदी के सूखनेे पर सरयू नहर की साफ-सफाई हो सकेगी। बैराज के फाटक दुरुस्त किए जाएंगे। रंग-रोगन का कार्य भी होगा।
रेत में तब्दील हो जाएगी नदी
बैराज व नहरों की साफ-सफाई के कारण 14 से 19 अप्रैल के बीच क्लोजर के कारण गेरुआ नदी का पानी पूरी तरह घाघरा में चला जाएगा। ऐसे में नदी सूख जाएगी। सिर्फ रेत नजर आएगी।
इस दौरान कतर्नियाघाट सेंक्चुरी भ्रमण पर आने वाले पर्यटकों को बोटिंग का लुत्फ नहीं मिल सकेगा। यह स्थिति लगभग पखवारे भर रहेगी।