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देखेरख के अभाव में खंडहर में तब्दील हो गया गुदुवापुर एएनएम सेंटर
Updated Fri, 16 Jun 2017 11:48 PM IST
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देखरेख के अभाव में खंडहर में तब्दील हो गया एएनएम सेंटर
केेंद्र के निर्माण के बाद किसी भी स्वास्थ्य कर्मचारी की नहीं हुई तैनाती
इलाज को भटक रहीं महिलाएं, ग्रामीणों ने सीएमओ को भेजा पत्र
गुदुवापुर गांव स्थित एएनएम सेंटर का मामला
बहराइच। गुदुवापुर गांव में लाखों रुपये की लागत से बना एएनएम सेंटर देखेरख के अभाव में खंडहर में तब्दील हो गया है। पूरे भवन में पेड़ पौधे उग आए हैं। वहीं भवन जीर्ण-शीर्ण हालत में है। सेंटर संचालित न होने से क्षेत्र की महिलाओं को इलाज के लिए जिला मुख्यालय का चक्कर काटना पड़ता है। इससे परेशान ग्रामीणों ने सीएमओ को पत्र भेजकर सेंटर की मरम्मत कराने तथा एएनएम की तैनाती की मांग की है।
हुजूरपुर विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गुदुवापुर में वर्ष 2010 में 25 लाख रुपये की लागत से एएनएम सेंटर का निर्माण हुआ था। इससे क्षेत्र की महिलाओं में इलाज की आस जगी थी, लेकिन यह उनका सपना ही रह गया। निर्माण के बाद से ही यहां पर किसी स्वास्थ्य कर्मी की तैनाती नहीं हुई, जिससे सेंटर में ताला पड़ गया। वहीं देखरेख न होने के कारण सात वर्ष में ही सेंटर खंडहर में तब्दील हो गया है। पूरे सेंटर में पेड़ पौधे उग आए हैं। छत और दीवार जगह-जगह दरक गई है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है, जिससे क्षेत्र व गांव की महिलाएं इलाज के लिए जिला अस्पताल का चक्कर लगा रही हैं। गांव निवासी किसान नेता दीपेंद्र सिंह, भाकियू के ब्लॉक अध्यक्ष रामगोपाल प्रजापति, उपाध्यक्ष संतोष पाठक, राकेश लोधी, सुरेंद्र विक्रम सिंह, ज्ञान प्रसाद तिवारी, राधेश्याम यादव, लालता प्रसाद, भगेलू आदि ने सीएमओ डॉ. अरुणलाल को पत्र भेजकर एएनएम सेंटर की मरम्मत तथा स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती की मांग की है। साथ ही कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। इस मामले में सीएमओ से बात की गई तो उन्होंने कहा कि सेंटर खंडहर में तब्दील होने की जानकारी उन्हें नहीं थी। चिरैयाटांड़ के एमओआईसी से रिपोर्ट मांगी जा रही है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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केेंद्र के निर्माण के बाद किसी भी स्वास्थ्य कर्मचारी की नहीं हुई तैनाती
इलाज को भटक रहीं महिलाएं, ग्रामीणों ने सीएमओ को भेजा पत्र
गुदुवापुर गांव स्थित एएनएम सेंटर का मामला
बहराइच। गुदुवापुर गांव में लाखों रुपये की लागत से बना एएनएम सेंटर देखेरख के अभाव में खंडहर में तब्दील हो गया है। पूरे भवन में पेड़ पौधे उग आए हैं। वहीं भवन जीर्ण-शीर्ण हालत में है। सेंटर संचालित न होने से क्षेत्र की महिलाओं को इलाज के लिए जिला मुख्यालय का चक्कर काटना पड़ता है। इससे परेशान ग्रामीणों ने सीएमओ को पत्र भेजकर सेंटर की मरम्मत कराने तथा एएनएम की तैनाती की मांग की है।
हुजूरपुर विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गुदुवापुर में वर्ष 2010 में 25 लाख रुपये की लागत से एएनएम सेंटर का निर्माण हुआ था। इससे क्षेत्र की महिलाओं में इलाज की आस जगी थी, लेकिन यह उनका सपना ही रह गया। निर्माण के बाद से ही यहां पर किसी स्वास्थ्य कर्मी की तैनाती नहीं हुई, जिससे सेंटर में ताला पड़ गया। वहीं देखरेख न होने के कारण सात वर्ष में ही सेंटर खंडहर में तब्दील हो गया है। पूरे सेंटर में पेड़ पौधे उग आए हैं। छत और दीवार जगह-जगह दरक गई है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है, जिससे क्षेत्र व गांव की महिलाएं इलाज के लिए जिला अस्पताल का चक्कर लगा रही हैं। गांव निवासी किसान नेता दीपेंद्र सिंह, भाकियू के ब्लॉक अध्यक्ष रामगोपाल प्रजापति, उपाध्यक्ष संतोष पाठक, राकेश लोधी, सुरेंद्र विक्रम सिंह, ज्ञान प्रसाद तिवारी, राधेश्याम यादव, लालता प्रसाद, भगेलू आदि ने सीएमओ डॉ. अरुणलाल को पत्र भेजकर एएनएम सेंटर की मरम्मत तथा स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती की मांग की है। साथ ही कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। इस मामले में सीएमओ से बात की गई तो उन्होंने कहा कि सेंटर खंडहर में तब्दील होने की जानकारी उन्हें नहीं थी। चिरैयाटांड़ के एमओआईसी से रिपोर्ट मांगी जा रही है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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