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तराई में झमाझम बरसात, किसानों के चेहरे खिले, मकान ढहा
Updated Wed, 02 Aug 2017 11:34 PM IST
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बहराइच। तराई में काफी इंतजार के बाद बुधवार को झमाझम बरसात हुई। जिससे तराई तर हो गई। किसानों के चेहरे खिल उठे। वहीं भारी वर्षा के बीच शहर के मोहल्ला गुदड़ी में स्थित एक पुराना मकान ढह गया। मकान में रह रहे लोग व सड़क पर आने-जाने वाले राहगीर बाल-बाल बचे। मकान का मलबा पीपल चौराहा-गुदड़ी मार्ग पर फैल गया। जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। सूचना नगर पालिका परिषद को दी गई है। लेकिन देर शाम तक मलबे को हटाने का इंतजाम नहीं हो सका था।
तराई में बादल उमड़-घुमड़कर लौट जाते थे। उमस और गर्मी से लोग बेहाल थे। इस उमस और गर्मी के बीच बुधवार सुबह से बूंदाबांदी का दौर शुरू हुआ। लोगों को लग रहा था कि पहले की तरह ही बादल फिर दगा दे जाएंगे। लेकिन 11 बजे के आसपास शुरू हुआ वर्षा का क्रम दोपहर बाद तक जारी रहा। झमाझम बरसात हुई। इससे लोगों को जहां गर्मी से निजात मिली। वहीं किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। बरसात को धान की खेती के लिए अमृत बताया जा रहा है। फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह ने बताया कि 15 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड हुई है। वर्षा के चलते तापमान में भी गिरावट दर्ज हुई। जिससे उमस से राहत मिलेगी। उधर भारी वर्षा के बीच शहर के मोहल्ला गुदड़ी में पीपल चौराहा-गुदड़ी मार्ग पर स्थित पुराना मकान दोपहर में ढह गया। वर्षा के कारण आवागमन नहीं था। जिससे राहगीर बाल-बाल बचे। वहीं मकान में रह रहे लोगों की भी जिंदगी किसी तरह बची। गौरतलब हो कि इस मकान में अनिल कुमार अपने परिवार के साथ रहते हैं। लेकिन जब मकान ढहा, तब वह परिवार समेत दूसरे हिस्से में थे। ढहे मकान का मलबा पीपल चौराहा-गुदड़ी मुख्य मार्ग पर बिखरा हुआ है। जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित है। मकान ढहने की सूचना नगर पालिका परिषद को दी गई है। लेकिन अब तक मलबे को हटाने के लिए कोई इंतजाम नहीं हो सका है।
24 घंटे में भारी वर्षा के मिल रहे संकेत
फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ.एमवी सिंह ने बताया कि आगामी 24 घंटे में भारी वर्षा के संकेत मिल रहे हैं। ऐसे में किसानों को सजग रहना होगा। जिन किसानों ने अरहर और उड़द के फसल की बोआई की है। वह खेतों में पानी जमा न होने दें।
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तराई में बादल उमड़-घुमड़कर लौट जाते थे। उमस और गर्मी से लोग बेहाल थे। इस उमस और गर्मी के बीच बुधवार सुबह से बूंदाबांदी का दौर शुरू हुआ। लोगों को लग रहा था कि पहले की तरह ही बादल फिर दगा दे जाएंगे। लेकिन 11 बजे के आसपास शुरू हुआ वर्षा का क्रम दोपहर बाद तक जारी रहा। झमाझम बरसात हुई। इससे लोगों को जहां गर्मी से निजात मिली। वहीं किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। बरसात को धान की खेती के लिए अमृत बताया जा रहा है। फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह ने बताया कि 15 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड हुई है। वर्षा के चलते तापमान में भी गिरावट दर्ज हुई। जिससे उमस से राहत मिलेगी। उधर भारी वर्षा के बीच शहर के मोहल्ला गुदड़ी में पीपल चौराहा-गुदड़ी मार्ग पर स्थित पुराना मकान दोपहर में ढह गया। वर्षा के कारण आवागमन नहीं था। जिससे राहगीर बाल-बाल बचे। वहीं मकान में रह रहे लोगों की भी जिंदगी किसी तरह बची। गौरतलब हो कि इस मकान में अनिल कुमार अपने परिवार के साथ रहते हैं। लेकिन जब मकान ढहा, तब वह परिवार समेत दूसरे हिस्से में थे। ढहे मकान का मलबा पीपल चौराहा-गुदड़ी मुख्य मार्ग पर बिखरा हुआ है। जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित है। मकान ढहने की सूचना नगर पालिका परिषद को दी गई है। लेकिन अब तक मलबे को हटाने के लिए कोई इंतजाम नहीं हो सका है।
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24 घंटे में भारी वर्षा के मिल रहे संकेत
फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ.एमवी सिंह ने बताया कि आगामी 24 घंटे में भारी वर्षा के संकेत मिल रहे हैं। ऐसे में किसानों को सजग रहना होगा। जिन किसानों ने अरहर और उड़द के फसल की बोआई की है। वह खेतों में पानी जमा न होने दें।
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