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10 लाख लोगों ने अंधेरे में काटी रात
अमर उजाला/श्रावस्ती
Updated Sat, 08 Jul 2017 11:27 PM IST
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बिजली
- फोटो : SELF
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जिले के चार सौ गांवों में शुक्रवार की रात करीब 10 लाख लोग अंधेरे में रहे। शाम छह बजे से बाधित हुई विद्युत आपूर्ति पूरी रात नहीं शुरू हो सकी। वहीं शुक्रवार दिन में भी बार बार हो रही विद्युत कटौती से जमुनहा, सिरसिया, गिलौला, इकौना, हरिहरपुररानी ब्लॉक के लोग बेहाल रहे। शनिवार की सुबह आई बिजली थोड़ी ही देर के बाद फिर कट गई। इसके बाद देर शाम तक लोग विद्युत आपूर्ति की बाट जोहते रहे। पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारी ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत कटौती के पीछे बलरामपुर में ग्रिड फेल होने तथा ओवर लोड की समस्या बताते रहे। इससे उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल रहे।
जिले के चार सौ गांवों में करीब 26 हजार विद्युत उपभोक्ता हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर तारों और अन्य संसाधनों से विद्युत आपूर्ति के चलते आए दिन फाल्ट होते रहते हैं। इसकी ओर जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। शुक्रवार को भी ग्रामीण इलाकों में पूरे दिन बिजली की आवाजाही लगी रही।
बार-बार हो रही कटौती के चलते गर्मी से लोग बेहाल रहे। शाम को कुछ समय के लिए बिजली आई तो लोगों ने राहत की सांस ली। कुछ समय बाद छह बजे बिजली गई तो फिर पूरी रात नहीं आई। इससे जमुनहा, सिरसिया, गिलौला, इकौना, हरिहरपुररानी ब्लॉक के करीब 10 लाख लोग अंधेरे में रहे। लोगों ने जब पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों से विद्युत कटौती का कारण जानने का प्रयास किया तो उन्हें बताया कि बलरामपुर में ग्रिड फेल होने तथा क्षेत्र में ओवर लोड के चलते आपूर्ति में दिक्कत आ रही है।
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उमस के बीच किसी तरह लोगों ने रात बिताई। शनिवार की सुबह कुछ समय के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बहाल की गई। जो थोड़ी देर के बाद फिर से कट गई। इससे उपभोक्ताओं में नाराजगी रही। सबसे खराब स्थिति कछार वासियों की रही। जहां बरसात के कारण उत्पन्न कीचड़ व जल भराव के बीच विषैले जीव जंतुओं का खतरा बना हुआ है। इस बारे में अधिशासी अभियंता पावर कॉर्पोरेशन नंद लाल ने बताया कि बलरामपुर में ग्रिड फेल होने के कारण आपूर्ति बाधित हुई थी। वैकल्पिक रूप से व्यवस्था कर कलेक्ट्रेट, जिला अस्पताल व भिनगा नगर को आपूर्ति दी गई थी। ग्रीड की मरम्मत का कार्य जारी है। जल्द ही पूरे जिले में विद्युत आपूर्ति बहाल करा दी जाएगी।
श्रावस्ती। बरसात व खेती किसानी के इस मौके पर ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को बिजली की सख्त आवश्यकता है। इसके विपरीत शुक्रवार से जिले की विद्युत व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है। भिनगा नगर को छोड़ समूचे जिले की विद्युत आपूर्ति ठप है। जिससे उपभोक्ता आक्रोशित हैं।
शिवपुरा निवासी विजय बहादुर वर्मा कहते हैं कि बरसात के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में कीचड़ व जलभराव की समस्या उत्पन्न है। भीषण उमस के कारण विषैले जीवों का खतरा भी बना हुआ है। गांव के गौतम प्रसाद कहते हैं कि कई क्षेत्रों में अपेक्षित बरसात न होने के कारण किसान धान की नर्सरी बचाने व रोपाई के लिए बिजली के सहारे खेतों की सिंचाई करने को मजबूर हैं। आपूर्ति बाधित होने से खेती किसानी पिछड़ रही है। खैरी निवासी विश्वनाथ व रामसहाय कहते हैं कि जरूरत के वक्त विद्युत आपूर्ति बाधित रहना कोई नई बात नहीं है। परीक्षा, खेती किसानी या फिर बरसात में अक्सर विद्युत आपूर्ति बाधित रहती है।
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जिले के चार सौ गांवों में करीब 26 हजार विद्युत उपभोक्ता हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर तारों और अन्य संसाधनों से विद्युत आपूर्ति के चलते आए दिन फाल्ट होते रहते हैं। इसकी ओर जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। शुक्रवार को भी ग्रामीण इलाकों में पूरे दिन बिजली की आवाजाही लगी रही।
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बार-बार हो रही कटौती के चलते गर्मी से लोग बेहाल रहे। शाम को कुछ समय के लिए बिजली आई तो लोगों ने राहत की सांस ली। कुछ समय बाद छह बजे बिजली गई तो फिर पूरी रात नहीं आई। इससे जमुनहा, सिरसिया, गिलौला, इकौना, हरिहरपुररानी ब्लॉक के करीब 10 लाख लोग अंधेरे में रहे। लोगों ने जब पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों से विद्युत कटौती का कारण जानने का प्रयास किया तो उन्हें बताया कि बलरामपुर में ग्रिड फेल होने तथा क्षेत्र में ओवर लोड के चलते आपूर्ति में दिक्कत आ रही है।
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उमस के बीच किसी तरह लोगों ने रात बिताई। शनिवार की सुबह कुछ समय के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बहाल की गई। जो थोड़ी देर के बाद फिर से कट गई। इससे उपभोक्ताओं में नाराजगी रही। सबसे खराब स्थिति कछार वासियों की रही। जहां बरसात के कारण उत्पन्न कीचड़ व जल भराव के बीच विषैले जीव जंतुओं का खतरा बना हुआ है। इस बारे में अधिशासी अभियंता पावर कॉर्पोरेशन नंद लाल ने बताया कि बलरामपुर में ग्रिड फेल होने के कारण आपूर्ति बाधित हुई थी। वैकल्पिक रूप से व्यवस्था कर कलेक्ट्रेट, जिला अस्पताल व भिनगा नगर को आपूर्ति दी गई थी। ग्रीड की मरम्मत का कार्य जारी है। जल्द ही पूरे जिले में विद्युत आपूर्ति बहाल करा दी जाएगी।
श्रावस्ती। बरसात व खेती किसानी के इस मौके पर ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को बिजली की सख्त आवश्यकता है। इसके विपरीत शुक्रवार से जिले की विद्युत व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है। भिनगा नगर को छोड़ समूचे जिले की विद्युत आपूर्ति ठप है। जिससे उपभोक्ता आक्रोशित हैं।
शिवपुरा निवासी विजय बहादुर वर्मा कहते हैं कि बरसात के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में कीचड़ व जलभराव की समस्या उत्पन्न है। भीषण उमस के कारण विषैले जीवों का खतरा भी बना हुआ है। गांव के गौतम प्रसाद कहते हैं कि कई क्षेत्रों में अपेक्षित बरसात न होने के कारण किसान धान की नर्सरी बचाने व रोपाई के लिए बिजली के सहारे खेतों की सिंचाई करने को मजबूर हैं। आपूर्ति बाधित होने से खेती किसानी पिछड़ रही है। खैरी निवासी विश्वनाथ व रामसहाय कहते हैं कि जरूरत के वक्त विद्युत आपूर्ति बाधित रहना कोई नई बात नहीं है। परीक्षा, खेती किसानी या फिर बरसात में अक्सर विद्युत आपूर्ति बाधित रहती है।