{"_id":"61ddc4f95609ff5b6b7a20d1","slug":"youth-sentenced-to-ten-years-in-rape-case-baghpat-news-mrt5729853150","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुष्कर्म के मामले में युवक को दस साल कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दुष्कर्म के मामले में युवक को दस साल कारावास
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बालैनी क्षेत्र की रहने वाली महिला से वर्ष 2010 में किया था दुष्कर्म
अन्य दो युवकों को साक्ष्य के अभाव में अदालत ने दोषमुक्त किया
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। वर्ष 2010 में बालैनी क्षेत्र की एक महिला से दुष्कर्म करने के मामले में एक युवक को दस साल कैद की सजा सुनाई गई है। 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अन्य दो युवकों को साक्ष्य के अभाव में अदालत ने दोषमुक्त किया।
विशेष लोक अभियोजक इंद्रपाल सिंह ने बताया कि बालैनी क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली महिला ने वर्ष 2010 में एक मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें कहा गया था कि वह चार मई 2010 को अपनी दो वर्षीय बेटी का इलाज कराने के लिए दिल्ली जा रही थी। वह बागपत जाने के लिए बालैनी से मैजिक गाड़ी में बैठ गई थी, लेकिन वह रुपये घर भूल गई थी। इस कारण ही वह रास्ते में उतरकर घर वापस जाने को बस का इंतजार करने लगी। तभी वहां मैजिक गाड़ी में तीन युवक पहुंचे और उसे जबरन गाड़ी में डालकर ले गए। उसके साथ दुष्कर्म किया गया और उसे कई दिन तक भूखा-प्यास रखा गया। उसकी मां ने उच्चाधिकारियों से शिकायत की तो उसे सड़क किनारे छोड़ दिया गया। वह दो जून 2010 को थाने में पहुंची। आरोप लगाया था कि आरोपियों व पुलिसकर्मियों ने उनसे जबरन लिखवा लिया कि वह अपनी मर्जी से उन युवकों के साथ गई थी। बाद में महिला की ओर से मुकदमा दर्ज किया गया था।
यह मामला एडीजे विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट शैलेंद्र पांडेय की अदालत में चल रहा था। इस मामले में अदालत ने गवाही व साक्ष्यों के आधार पर एक को दोषी मानते हुए दस साल कैद की सजा सुनाई तो 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। अर्थदंड नहीं देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अर्थदंड की राशि में से 40 हजार रुपये पीड़िता को दिए जाएंगे। अन्य दो युवकों को साक्ष्य के अभाव में अदालत ने दोषमुक्त किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
अन्य दो युवकों को साक्ष्य के अभाव में अदालत ने दोषमुक्त किया
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। वर्ष 2010 में बालैनी क्षेत्र की एक महिला से दुष्कर्म करने के मामले में एक युवक को दस साल कैद की सजा सुनाई गई है। 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अन्य दो युवकों को साक्ष्य के अभाव में अदालत ने दोषमुक्त किया।
विशेष लोक अभियोजक इंद्रपाल सिंह ने बताया कि बालैनी क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली महिला ने वर्ष 2010 में एक मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें कहा गया था कि वह चार मई 2010 को अपनी दो वर्षीय बेटी का इलाज कराने के लिए दिल्ली जा रही थी। वह बागपत जाने के लिए बालैनी से मैजिक गाड़ी में बैठ गई थी, लेकिन वह रुपये घर भूल गई थी। इस कारण ही वह रास्ते में उतरकर घर वापस जाने को बस का इंतजार करने लगी। तभी वहां मैजिक गाड़ी में तीन युवक पहुंचे और उसे जबरन गाड़ी में डालकर ले गए। उसके साथ दुष्कर्म किया गया और उसे कई दिन तक भूखा-प्यास रखा गया। उसकी मां ने उच्चाधिकारियों से शिकायत की तो उसे सड़क किनारे छोड़ दिया गया। वह दो जून 2010 को थाने में पहुंची। आरोप लगाया था कि आरोपियों व पुलिसकर्मियों ने उनसे जबरन लिखवा लिया कि वह अपनी मर्जी से उन युवकों के साथ गई थी। बाद में महिला की ओर से मुकदमा दर्ज किया गया था।
विज्ञापन
यह मामला एडीजे विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट शैलेंद्र पांडेय की अदालत में चल रहा था। इस मामले में अदालत ने गवाही व साक्ष्यों के आधार पर एक को दोषी मानते हुए दस साल कैद की सजा सुनाई तो 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। अर्थदंड नहीं देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अर्थदंड की राशि में से 40 हजार रुपये पीड़िता को दिए जाएंगे। अन्य दो युवकों को साक्ष्य के अभाव में अदालत ने दोषमुक्त किया।
विज्ञापन