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यमुना उफनी, फसलें हुई जलमग्न
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Mon, 15 Aug 2016 12:55 AM IST
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यमुना का बढ़ता जलस्तर।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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हथिनी कुंड बैराज से छोड़े गए पानी के कारण यमुना उफान पर है। नदी की सीमा से लगे करीब दर्जनभर गांव के किसानों की फसलें जलमग्न हैं। पानी खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण बाढ़ नियंत्रण कक्ष ने तहसीलदारों को अलर्ट कर दिया है। ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
बैराज से एक लाख 31 हजार क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया। रविवार को पानी यमुना की सीमा से सटे खेतों तक पहुंच गया। शामली की सीमा से सटे टांडा में खतरा सबसे अधिक रहता है। नांगल, छपरौली, बदरखा, ककौर खुर्द, ककौर कलां, मांडी, जागौस, बागपत के निकट काठा और पाली जबकि खेकड़ा में सांकरौद गांव के किसानों की सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई है।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष के प्रभारी नवनीत सक्सेना ने बताया कि यमुना में इस जल स्तर 210.10 मीटर है, जबकि बागपत में खतरे का निशान 209 मीटर पर है। फिलहाल पानी खेतों तक पहुंच गया है। अगर और अधिक पानी नहीं छोड़ा गया तो आबादी में कोई दिक्कत नहीं होगी। लेकिन तीनों तहसीलों के तहसीलदारों को इस बाबत सूचना प्रेषित कर दी गई है।
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यहां सबसे ज्यादा खतरा
यमुना में जल स्तर बढ़ने से छपरौली क्षेत्र के टांडा, बदरखा, ककौर और जागौस में पानी गांव तक पहुंच जाता है। अगर और अधिक जलस्तर बढ़ा तो ग्रामीणों को परेशानी हो सकती है। किसान अनीस, शकील, जमशेद, इराम, सरदार, सुभाष, इकबाल और ओमवीर का कहना है कि फसलें जलमग्न हो गई है। ग्रामीण फिलहाल पानी के बहाव पर नजर रखे हुए हैं।
इनके घर खतरे के निशान पर ः टांडा के शौकीन, रौनक, सद्को समेत चार परिवार ऐसे हैं, जिनके घर यमुना किनारे हैं। पानी चढ़ा तो सबसे पहले इनके घरों तक पहुंचेगा। इनकी चिंता बढ़नी शुरू हो गई है, लेकिन फिलहाल इन्होंने अपना घर नहीं छोड़ा है।
सहम गए पाली के किसान
पाली गांव में नाव चलाने वाले रविवार को नाव नदी में उतारने की हिम्मत नहीं जुटा सके। यहां के किसान मेहंदी हसन, अनवर, जब्बार, इलियास, कल्लू और बाबू का कहना है कि जलस्तर बढ़ गया है। फसलें डूब गई है। अगर हथिनी कुंड बैराज से अधिक पानी छोड़ा गया या फिर बारिश हुई तो पूर्व की तरह मुसीबत झेलनी पड़ेगी।
हिंडन से भी कम खतरा नहीं ः बाढ़ नियंत्रण कक्ष के मुताबिक इस वक्त हिंडन में जल का स्तर 209.33 मीटर पर है, जबकि इसके खतरे का निशान 210.50 मीटर पर है। सोमवार तक इसमें भी जल स्तर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि फिलहाल हिंडन का पानी खेतों तक नहीं पहुंचा है।
अभी किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष से अपडेट लिया जा रहा है। प्रशासन के पास पुख्ता इंतजाम है।
- हृदय शंकर तिवारी, डीएम।
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बैराज से एक लाख 31 हजार क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया। रविवार को पानी यमुना की सीमा से सटे खेतों तक पहुंच गया। शामली की सीमा से सटे टांडा में खतरा सबसे अधिक रहता है। नांगल, छपरौली, बदरखा, ककौर खुर्द, ककौर कलां, मांडी, जागौस, बागपत के निकट काठा और पाली जबकि खेकड़ा में सांकरौद गांव के किसानों की सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई है।
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बाढ़ नियंत्रण कक्ष के प्रभारी नवनीत सक्सेना ने बताया कि यमुना में इस जल स्तर 210.10 मीटर है, जबकि बागपत में खतरे का निशान 209 मीटर पर है। फिलहाल पानी खेतों तक पहुंच गया है। अगर और अधिक पानी नहीं छोड़ा गया तो आबादी में कोई दिक्कत नहीं होगी। लेकिन तीनों तहसीलों के तहसीलदारों को इस बाबत सूचना प्रेषित कर दी गई है।
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यहां सबसे ज्यादा खतरा
यमुना में जल स्तर बढ़ने से छपरौली क्षेत्र के टांडा, बदरखा, ककौर और जागौस में पानी गांव तक पहुंच जाता है। अगर और अधिक जलस्तर बढ़ा तो ग्रामीणों को परेशानी हो सकती है। किसान अनीस, शकील, जमशेद, इराम, सरदार, सुभाष, इकबाल और ओमवीर का कहना है कि फसलें जलमग्न हो गई है। ग्रामीण फिलहाल पानी के बहाव पर नजर रखे हुए हैं।
इनके घर खतरे के निशान पर ः टांडा के शौकीन, रौनक, सद्को समेत चार परिवार ऐसे हैं, जिनके घर यमुना किनारे हैं। पानी चढ़ा तो सबसे पहले इनके घरों तक पहुंचेगा। इनकी चिंता बढ़नी शुरू हो गई है, लेकिन फिलहाल इन्होंने अपना घर नहीं छोड़ा है।
सहम गए पाली के किसान
पाली गांव में नाव चलाने वाले रविवार को नाव नदी में उतारने की हिम्मत नहीं जुटा सके। यहां के किसान मेहंदी हसन, अनवर, जब्बार, इलियास, कल्लू और बाबू का कहना है कि जलस्तर बढ़ गया है। फसलें डूब गई है। अगर हथिनी कुंड बैराज से अधिक पानी छोड़ा गया या फिर बारिश हुई तो पूर्व की तरह मुसीबत झेलनी पड़ेगी।
हिंडन से भी कम खतरा नहीं ः बाढ़ नियंत्रण कक्ष के मुताबिक इस वक्त हिंडन में जल का स्तर 209.33 मीटर पर है, जबकि इसके खतरे का निशान 210.50 मीटर पर है। सोमवार तक इसमें भी जल स्तर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि फिलहाल हिंडन का पानी खेतों तक नहीं पहुंचा है।
अभी किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष से अपडेट लिया जा रहा है। प्रशासन के पास पुख्ता इंतजाम है।
- हृदय शंकर तिवारी, डीएम।