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धर्मगुरुओं ने संभाला मोर्चा तो आया टीकाकरण में उत्साह
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स्वास्थ्य का अभियान
- कोरोनारोधी टीकाकरण अभियान की शुरूआत में कुछ जगह स्वास्थ्य विभाग की टीम को विरोध तक झेलना पड़ा
- मस्जिद से एलान कराया तो स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ गए धर्मगुरु, जागरूकता के बाद टीका लगवाने आए
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। कोरोनारोधी टीका लगाने की शुरूआत में स्वास्थ्य विभाग की टीमों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ा। लोगों में कोविड के प्रति जागरूकता नहीं होेने के कारण कई जगह विरोध झेलना पड़ा। हालात ऐसे थे कि कई मोहल्लों में लोगों ने टीका लगवाने से साफ इंकार कर दिया गया। तब स्वास्थ्य विभाग ने समाज के गणमान्य लोगों, धर्मगुरुओं का सहारा लिया और चिकित्सकों तक ने आगे आकर टीकाकरण की कमान संभाली। मस्जिदों से एलान कराते हुए टीका लगवाने का फायदा बताया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ धर्मगुरु भी गए। इसका इतना असर दिखाई दिया कि टीकाकरण अभियान तेजी पकड़ गया।
18 वर्ष से ज्यादा उम्र वाले सौ प्रतिशत पहली डोज
जनपद में 18 वर्ष से ज्यादा उम्र वाले नौ लाख 35 हजार 105 को पहली डोज लग चुकी है, जबकि आठ लाख 12 हजार 346 को दूसरी डोज लग चुकी है। लक्ष्य के सापेक्ष 18 वर्ष से ज्यादा उम्र वाले सौ प्रतिशत पहली डोज लगाई जा चुकी है। इसके अलावा किशोरों व 12-14 वर्ष की उम्र वालों को टीका लगाने का अभियान भी तेजी से चल रहा है। जल्द ही सभी को टीका लगाए जाने की उम्मीद है।
कोरोना से बचाव के लिए टीका जरूरी है। इस बात का मस्जिद से एलान कराया गया और लोगों को बताया गया कि टीका लगवाने से किसी तरह का नुकसान नहीं होता है। इसके बाद किसी ने टीका लगवाने को लेकर आपत्ति नहीं जताई। - हबीबुर्रहमान, शहर काजी
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कोरोना संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए ही टीका लगाया जा रहा है। मगर, शुरूआत में भ्रांतियां हो गई थी कि टीका लगवाने से कोई फायदा नहीं होता है। इसके लगने से बीमार हो जाते है। टीम के साथ जाकर लोगों को जागरूक किया गया तो उसका खूब असर दिखा। - पंडित राजकुमार शास्त्री
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कोरोना रोधी टीके को लेकर शुरूआत में कुछ लोगों ने अफवाह फैला दी कि इससे शरीर में गलत प्रभाव पड़ेगा। इसलिए लोग शुरूआत में टीका नहीं लगवा रहे थे। हमने टीम के साथ जाकर लोगों को समझाया तो उनकी समझ में आया और टीका लगवाने के साथ ही उन्होंने अन्य लोगों को जागरूक किया। - राजुद्दीन, चेयरमैन नगर पालिका
टीकाकरण अभियान की शुरूआत में कुछ समस्या हुई थी, लेकिन हम लगातार लोगों को जागरूक करने में लगे रहे। जब लोगों ने टीका लगवाना शुरू किया तो उनको देखकर अन्य लोग भी आगे आए और एक वक्त ऐसा आया कि टीका लगवाने को भीड़ लगने लगी। - डा. विभाष राजपूत, सीएचसी अधीक्षक
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- कोरोनारोधी टीकाकरण अभियान की शुरूआत में कुछ जगह स्वास्थ्य विभाग की टीम को विरोध तक झेलना पड़ा
- मस्जिद से एलान कराया तो स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ गए धर्मगुरु, जागरूकता के बाद टीका लगवाने आए
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। कोरोनारोधी टीका लगाने की शुरूआत में स्वास्थ्य विभाग की टीमों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ा। लोगों में कोविड के प्रति जागरूकता नहीं होेने के कारण कई जगह विरोध झेलना पड़ा। हालात ऐसे थे कि कई मोहल्लों में लोगों ने टीका लगवाने से साफ इंकार कर दिया गया। तब स्वास्थ्य विभाग ने समाज के गणमान्य लोगों, धर्मगुरुओं का सहारा लिया और चिकित्सकों तक ने आगे आकर टीकाकरण की कमान संभाली। मस्जिदों से एलान कराते हुए टीका लगवाने का फायदा बताया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ धर्मगुरु भी गए। इसका इतना असर दिखाई दिया कि टीकाकरण अभियान तेजी पकड़ गया।
18 वर्ष से ज्यादा उम्र वाले सौ प्रतिशत पहली डोज
जनपद में 18 वर्ष से ज्यादा उम्र वाले नौ लाख 35 हजार 105 को पहली डोज लग चुकी है, जबकि आठ लाख 12 हजार 346 को दूसरी डोज लग चुकी है। लक्ष्य के सापेक्ष 18 वर्ष से ज्यादा उम्र वाले सौ प्रतिशत पहली डोज लगाई जा चुकी है। इसके अलावा किशोरों व 12-14 वर्ष की उम्र वालों को टीका लगाने का अभियान भी तेजी से चल रहा है। जल्द ही सभी को टीका लगाए जाने की उम्मीद है।
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कोरोना से बचाव के लिए टीका जरूरी है। इस बात का मस्जिद से एलान कराया गया और लोगों को बताया गया कि टीका लगवाने से किसी तरह का नुकसान नहीं होता है। इसके बाद किसी ने टीका लगवाने को लेकर आपत्ति नहीं जताई। - हबीबुर्रहमान, शहर काजी
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कोरोना संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए ही टीका लगाया जा रहा है। मगर, शुरूआत में भ्रांतियां हो गई थी कि टीका लगवाने से कोई फायदा नहीं होता है। इसके लगने से बीमार हो जाते है। टीम के साथ जाकर लोगों को जागरूक किया गया तो उसका खूब असर दिखा। - पंडित राजकुमार शास्त्री
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कोरोना रोधी टीके को लेकर शुरूआत में कुछ लोगों ने अफवाह फैला दी कि इससे शरीर में गलत प्रभाव पड़ेगा। इसलिए लोग शुरूआत में टीका नहीं लगवा रहे थे। हमने टीम के साथ जाकर लोगों को समझाया तो उनकी समझ में आया और टीका लगवाने के साथ ही उन्होंने अन्य लोगों को जागरूक किया। - राजुद्दीन, चेयरमैन नगर पालिका
टीकाकरण अभियान की शुरूआत में कुछ समस्या हुई थी, लेकिन हम लगातार लोगों को जागरूक करने में लगे रहे। जब लोगों ने टीका लगवाना शुरू किया तो उनको देखकर अन्य लोग भी आगे आए और एक वक्त ऐसा आया कि टीका लगवाने को भीड़ लगने लगी। - डा. विभाष राजपूत, सीएचसी अधीक्षक