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जल निगम ने माना, फैक्ट्रियां बढ़ा रहीं जल प्रदूषण
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Wed, 26 Apr 2017 12:24 AM IST
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वेस्ट यूपी के छह जिलों में प्रदूषित पेयजल लोगों को मिलने पर एनजीटी ने नाराजगी जताई है। दोआबा पर्यावरण समिति की याचिका पर एनजीटी ने यह सुनवाई की। जल निगम ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए माना कि फैक्ट्रियों से निकलने वाले प्रदूषित जल से प्रदूषण बढ़ा है। मामले की सुनवाई बुधवार को भी जारी रहेगी।
दोआबा पर्यावरण समिति दाहा के चेयरमैन चंद्रवीर सिंह ने बताया कि उनकी याचिका पर एनजीटी के चेयरमैन स्वतंत्र कुमार ने मंगलवार को सुनवाई की। अपना पक्ष रखने के लिए जल निगम के अधिकारी भी पहुंचे। जल निगम ने माना कि सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत, मेरठ और गाजियाबाद में जल प्रदूषण फैक्ट्रियों के कारण भी बढ़ा है।
एनजीटी ने सरकार से पूछा है कि लोगों को राहत देने के लिए कौन सा कदम उठाया गया है। छह जिलों के लोग गंदा पानी पीन के लिए मजबूर हैं। केंद्रीय भूजल बोर्ड ने भी अपनी रिपोर्ट में पानी को प्रदूषित माना है। इस मामले की सुनवाई बुधवार को भी एनजीटी में जारी रहेगी।
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क्या है पानी में खराबी?
पीने के पानी में लैड, क्रोमियम, नाइट्रेट, आयरन, आर्सेनिक जैसे तत्व सामान्य से अधिक मात्रा में मौजूद हैं। इनसे बीमारियां फैलती है। चंद्रवीर सिंह ने बताया कि प्रत्येक जिले में समस्या का स्थायी समाधान होना चाहिए।
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दोआबा पर्यावरण समिति दाहा के चेयरमैन चंद्रवीर सिंह ने बताया कि उनकी याचिका पर एनजीटी के चेयरमैन स्वतंत्र कुमार ने मंगलवार को सुनवाई की। अपना पक्ष रखने के लिए जल निगम के अधिकारी भी पहुंचे। जल निगम ने माना कि सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत, मेरठ और गाजियाबाद में जल प्रदूषण फैक्ट्रियों के कारण भी बढ़ा है।
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एनजीटी ने सरकार से पूछा है कि लोगों को राहत देने के लिए कौन सा कदम उठाया गया है। छह जिलों के लोग गंदा पानी पीन के लिए मजबूर हैं। केंद्रीय भूजल बोर्ड ने भी अपनी रिपोर्ट में पानी को प्रदूषित माना है। इस मामले की सुनवाई बुधवार को भी एनजीटी में जारी रहेगी।
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क्या है पानी में खराबी?
पीने के पानी में लैड, क्रोमियम, नाइट्रेट, आयरन, आर्सेनिक जैसे तत्व सामान्य से अधिक मात्रा में मौजूद हैं। इनसे बीमारियां फैलती है। चंद्रवीर सिंह ने बताया कि प्रत्येक जिले में समस्या का स्थायी समाधान होना चाहिए।