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त्वचा रोगियों के साथ वायरल बुखार के मरीज भी बढ़े

Tue, 20 Jul 2021 11:48 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 20 Jul 2021 11:48 PM IST
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Viral fever patients also increased with skin patients
जिला अस्पताल की ओपीडी में बढ़ी मरीजों की संख्या
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संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। मौसम बदलने से त्वचा रोग के मरीजों में की संख्या में वृद्धि हो गई है। खासतौर पर फंगल इंफेक्शन (फफुंदीय संक्रमण) बढ़ रहा है। इसके अलावा वायरल बुखार के मरीज भी अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल में पहले जहां आमतौर पर त्वचा रोग की ओपीडी करीब 50 थी, यह अब बढ़कर 100 के पार पहुंच चुकी है। इनमें काफी तादाद में बच्चे और महिलाएं भी हैं। बारिश व नमी के मौसम में फंगल इंफेक्शन आम है। हाथ-पैर, कोहनी, पैर के पंजे और जांघ में होने वाले संक्रमण से ज्यादा परेशानी होती है। जिला अस्पताल इस संबंध में जिला अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक लाठियान ने बताया कि पिछले कुछ दिन से त्वचा रोग के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। इनमें काफी मरीज फंगल इंफेक्शन (फफुंदीय त्वचा संक्रमण) के भी हैं। गंदगी और साफ-सफाई पर ध्यान न देने के कारण फंगल इंफेक्शन अधिक होता है। बारिश के मौसम में ज्यादा साफ सफाई की जरूरत होती है। इसके अलावा वायरल फीवर के मरीज भी बढ़ गए हैं।
ये हैं संक्रमण
त्वचा पर दाने या चकते पड़ना
त्वचा में खुजली व सूजन
जलन के साथ त्वचा का लाल होना
खुजली के साथ दाने पड़कर पस पड़ जाना
ऐसे करें बचाव
बारिश के पानी में भीगने से बचें।
बारिश में भीग जाएं तो साफ पानी से नहाएं।
ज्यादा देर तक शरीर को गीला न रहने दें।
पसीना ज्यादा आता हो तो दिन में एक से दो बार नहाएं।
फंगल इंफेक्शन से पीड़ित रोगी के कपड़े, कंघी, चप्पल का इस्तेमाल न करें।
गीले कपड़े पहनने से बचें।
त्वचा संबंधी रोग होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
वायरल फीवर को हल्के में न लें
मौसम बदलते ही ज्यादातर लोगों को बुखार और सर्दी जुकाम की शिकायत शुरू हो जाती है। इस तरह के बुखार को मौसमी बुखार भी कहा जाता है। इस तरह के बुखार चार से छह दिन में खुद ही ठीक हो जाते हैं, लेकिन इससे होने वाले कमजोरी और अन्य समस्याओं का असर कई दिन तक रहता है। आमतौर पर इस तरह के बुखार वायरल इंफेक्शन के कारण होता है, जिन लोगों की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होती है, उन लोगों को मौसम में बदलाव आते ही इस तरह का बुखार हो जाना बहुत ही सामान्य होता है। हालांकि इसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
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वायरल फीवर से कैसे करें बचाव
वायरल फीवर कुछ दिन में अपने आप ठीक हो जाता है। हालांकि इससे होना वाली समस्याओं को ठीक करने के लिए डॉक्टर आपको कुछ दर्द निवारक और एंटीबायोटिक दवाएं दे सकते हैं। इसके अलावा आप कुछ सामान्य से उपायों को प्रयोग में लाकर भी लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
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वायरल फीवर में शरीर को ज्यादा से ज्यादा आराम दें।
अगर गले में खराश या दर्द है तो हल्के गर्म पानी में नमक डालकर गरारे करना काफी फायदेमंद होता है।
गले के दर्द को ठीक करने के लिए हल्के गर्म पानी में शहद और नमक डालकर भी गरारे कर सकते हैं।
शरीर में पानी की कमी होने से रोकने के लिए तरल पदार्थों का सेवन करें, थोड़ी थोड़ी देर में पानी पीते रहे।
अगर आपकी नाक बंद है तो भाप लेने से भी फायदा मिलता है।
बुखार होने पर घर से बाहर न निकले, यह संक्रमण के कारण होने वाली समस्या है ऐसे में दूसरे लोगों को भी संक्रमण होने का डर रहता है।
बुखार में लोग अक्सर खुद से ही दवाइयों का सेवन करने लगते हैं, ध्यान रखें शरीर की आवश्यकता के हिसाब से ही दवाइयां लें। बिना डॉक्टर के सलाह के किसी भी तरह की दवाइयों का सेवन न करें।
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