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बुखार और डेंगू से दो बुजुर्गों की मौत
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चांदीनगर (बागपत)। गढ़ी कलंजरी गांव में एक बुजुर्ग की बुखार से मौत हो गई जबकि दो लोगों को डेंगू की पुष्टि हुई है। दोनों का इलाज निजी चिकित्सक के यहां चल रहा है। इसके अलावा रटौल गांव में डेंगू से बुजुर्ग की मौत हो गई। दोनों गांव में कई लोग बुखार से पीड़ित है। गांव में स्वास्थ्य शिविर और फॉगिंग कराने की मांग की है।
गढ़ी कलंजरी निवासी लच्छू (60) एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित था, जिसका निजी चिकित्सक के यहां उपचार चल रहा था। शुक्रवार को हालात बिगड़ने पर उसकी मौत हो गई। गांव के धीरेंद्र पुत्र नवल किशोर व पूरब पुत्र धीरेंद्र में डेंगू की पुष्टि हुई है। दोनों का इलाज निजी चिकित्सक के यहां चल रहा है। इनके अलावा गांव में बाला, जानवी, अमन, धर्मेंद्र सहित करीब 15 लोग बुखार से पीड़ित बताए जा रहे है। इनमें बच्चे भी शामिल है। लोगों को अपना इलाज कराने के लिए प्राइवेट चिकित्सकों का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव की गलियों में गंदे पानी के जलभराव के कारण डेंगू, मलेरिया जैसी खतरनाक बीमारियां फैल रही है। कई बार शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। ग्रामीणों में नवल किशोर, नरेश, भवर सिंह, धीरेंद्र, कपिल , संदीप ने गांव में स्वास्थ्य शिविर लगवाने और फॉगिंग कराने की मांग की है।
उधर, रटौल के रहने वाले सलामु पुत्र कासम अली को छह दिनों से बुखार से पीड़ित थे। परिजनों के अनुसार उनकी प्लेटलेट्स लगातार कम हो रही थी। डॉक्टर ने डेंगू होना बताया था। शुक्रवार सुबह करीब तीन बजे उनकी मौत हो गई। इससे परिजनों मेें कोहराम मच गया। ग्रामीणों के अनुसार गांव में दस से ज्यादा लोग बुखार से पीड़ित है। रटौल में गंदगी के ढेर लगे है तो जलभराव भी हुआ है। इसलिए ही बीमारी फैलने की बात कही जा रही है। ग्रामीण सतीश, शहजाद, राकेश, शमशाद, संदीप, मोनू, कपिल, सचिन आदि ने गांव में सफाई कराने के साथ कैंप लगाने की मांग की है।
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लहचौड़ा में लगाया स्वास्थ्य शिविर
लहचौड़ा गांव में तीन दिन पहले युवक अरुण की मौत हो गई थी। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्वास्थ्य शिविर लगाकर मरीजों की जांच कर दवाई वितरित की। शिविर में करीब 79 मरीजों ने अपना इलाज कराया।
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गढ़ी कलंजरी निवासी लच्छू (60) एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित था, जिसका निजी चिकित्सक के यहां उपचार चल रहा था। शुक्रवार को हालात बिगड़ने पर उसकी मौत हो गई। गांव के धीरेंद्र पुत्र नवल किशोर व पूरब पुत्र धीरेंद्र में डेंगू की पुष्टि हुई है। दोनों का इलाज निजी चिकित्सक के यहां चल रहा है। इनके अलावा गांव में बाला, जानवी, अमन, धर्मेंद्र सहित करीब 15 लोग बुखार से पीड़ित बताए जा रहे है। इनमें बच्चे भी शामिल है। लोगों को अपना इलाज कराने के लिए प्राइवेट चिकित्सकों का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव की गलियों में गंदे पानी के जलभराव के कारण डेंगू, मलेरिया जैसी खतरनाक बीमारियां फैल रही है। कई बार शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। ग्रामीणों में नवल किशोर, नरेश, भवर सिंह, धीरेंद्र, कपिल , संदीप ने गांव में स्वास्थ्य शिविर लगवाने और फॉगिंग कराने की मांग की है।
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उधर, रटौल के रहने वाले सलामु पुत्र कासम अली को छह दिनों से बुखार से पीड़ित थे। परिजनों के अनुसार उनकी प्लेटलेट्स लगातार कम हो रही थी। डॉक्टर ने डेंगू होना बताया था। शुक्रवार सुबह करीब तीन बजे उनकी मौत हो गई। इससे परिजनों मेें कोहराम मच गया। ग्रामीणों के अनुसार गांव में दस से ज्यादा लोग बुखार से पीड़ित है। रटौल में गंदगी के ढेर लगे है तो जलभराव भी हुआ है। इसलिए ही बीमारी फैलने की बात कही जा रही है। ग्रामीण सतीश, शहजाद, राकेश, शमशाद, संदीप, मोनू, कपिल, सचिन आदि ने गांव में सफाई कराने के साथ कैंप लगाने की मांग की है।
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लहचौड़ा में लगाया स्वास्थ्य शिविर
लहचौड़ा गांव में तीन दिन पहले युवक अरुण की मौत हो गई थी। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्वास्थ्य शिविर लगाकर मरीजों की जांच कर दवाई वितरित की। शिविर में करीब 79 मरीजों ने अपना इलाज कराया।