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देव उठनी एकादशी पर तुलसी विवाह कराने से मिलेगी सुख समृद्धि
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बागपत। देव उठनी एकादशी पर तुलसी का शालिग्राम से विवाह कराने पर सुख व समृद्धि की प्राप्ति होगी। इस बार देव उठनी एकादशी रविवार की होने के कारण कुछ लोग दोष लगने की बात मानकर तुलसी विवाह अगले दिन करेंगे, लेकिन सोमवार को एकादशी खत्म होगी और इसका लाभ नहीं मिलेगा।
ज्योतिषाचार्य पंडित राजकुमार शास्त्री के अनुसार देव उठनी एकादशी का बड़ा महत्व है। इस दिन से शुभ कार्यों पर लगा विराम हट जाता है और इस दिन से विवाह, मुंडन आदि कार्य प्रारंभ हो जाते है। इस दिन की शुरुआत भगवान शालिग्राम व माता तुलसी के विवाह से होती है, अगर कोई तुलसी माता का विवाह भगवान शालिग्राम से करते है तो उन्हें सुख समृद्धि मिलती है। पंडित राजकुमार शास्त्री ने बताया कि एकादशी रविवार सुबह 5.40 बजे से प्रारंभ होकर सोमवार सुबह 6.40 तक रहेगी। उनके अनुसार देव उठनी एकादशी रविवार को होने के कारण कुछ लोग ये मानते है कि रविवार को तुलसी की पूजा करने से दोष लगता है। इस कारण कुछ लोग 15 नवंबर को तुलसी विवाह करेंगे, लेकिन एकादशी 15 नवंबर को सुबह समाप्त होगी। इसलिए तुलसी विवाह रविवार को उत्तम होगा और यह विवाह कराने पर सुख समृद्धि की प्राप्ति होगी।
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ज्योतिषाचार्य पंडित राजकुमार शास्त्री के अनुसार देव उठनी एकादशी का बड़ा महत्व है। इस दिन से शुभ कार्यों पर लगा विराम हट जाता है और इस दिन से विवाह, मुंडन आदि कार्य प्रारंभ हो जाते है। इस दिन की शुरुआत भगवान शालिग्राम व माता तुलसी के विवाह से होती है, अगर कोई तुलसी माता का विवाह भगवान शालिग्राम से करते है तो उन्हें सुख समृद्धि मिलती है। पंडित राजकुमार शास्त्री ने बताया कि एकादशी रविवार सुबह 5.40 बजे से प्रारंभ होकर सोमवार सुबह 6.40 तक रहेगी। उनके अनुसार देव उठनी एकादशी रविवार को होने के कारण कुछ लोग ये मानते है कि रविवार को तुलसी की पूजा करने से दोष लगता है। इस कारण कुछ लोग 15 नवंबर को तुलसी विवाह करेंगे, लेकिन एकादशी 15 नवंबर को सुबह समाप्त होगी। इसलिए तुलसी विवाह रविवार को उत्तम होगा और यह विवाह कराने पर सुख समृद्धि की प्राप्ति होगी।
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