कटान के लिए बैल ले जाते तीन युवक पकड़े
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सरुरपुर चौकी प्रभारी प्रमोद कुमार का कहना है कि शुक्रवार सुबह चौकी पर पुलिस टीम वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान हरियाणा की ओर से एक ट्रक आया। पुलिस ने ट्रक रोकने का इशारा किया, लेकिन चालक ने ट्रक रोकने के बजाए और तेज कर दिया।
पीछा करने पर आरोपी ट्रक को दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित लधवाड़ी मोड़ के पास छोड़कर खेतों की ओर भाग गए। गांव के लोगों के सहयोग से आरोपियों को पकड़ लिया गया। पकड़े गए आरोपी शामली के कैराना निवासी अब्बास पुत्र शरीफ, सद्दाम पुत्र रफीक और कैरटू निवासी समीम पुत्र सिन्ना है। पूछताछ में बताया कि वे हरियाणा के जींद से बैल लेकर कैराना जा रहे थे। वहां पर बैलों का कटान किया जाता है। उसके बाद मांस सप्लाई होता है।
कुचलने का प्रयास
बागपत। पुलिस का कहना है कि ट्रक को पकड़ने के लिए पीछा किया तो ट्रक चालक ने पुलिसकर्मियों को कुचलने का भी प्रयास किया।
पुलिस बोले चोर-चोर, लोगों ने पकड़े आरोपी
बागपत। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक लधवाड़ी मोड़ के सामने ट्रक को गड्ढ़े में डालकर आरोपी खेतों की ओर भाग गए। उनका पीछा कर रहे पुलिस वालों ने उसे भागते हुए देखा तो उन्होंने चोर-चोर जोर से बोलना शुरू कर दिया। इस दौरान खेतों में काम कर रहे लोग और भट्ठे के मजदूर आरोपियों के पीछे दौड़ पड़े। लोगों ने उनको पकड़कर जमकर धुनाई की। बाद में उन्हें पुलिस को सौंप दिया।
बैल लेने वालों की लगी होड़
बागपत। बैलों के ट्रक के पकड़े जाने का पता चलते ही बैलों को सुपुर्दगी में लेने के लिए आसपास के गांवों से महिला-पुरुष पहुंच गए। उन्होंने पुलिस से बैलों की मांग की। पुलिस ने बैलों को गऊशाला भेजने का निर्णय लिया।
बड़े पैनामे पर कटान के लिए जा रहा गौवंश
बागपत। कटान के लिए बैल ले जाने का यह पहला मामला सामने नहीं है। इससे पहले 8-10 बार गौवंश के साथ अलग-अलग आरोपी पकड़े जा चुके हैं। उसके बावजूद यह अवैध धंधा बंद होने का नाम नहीं ले रहा है। दो-तीन बार तो हिंदू संगठन के लोगों ने खुद ही गौवंश को ले जाने वालों को पकड़कर पुलिस को सौंपा है।