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पुजारी समेत बुखार से तीन की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Tue, 22 Sep 2015 12:38 AM IST
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बागपत में बुखार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले 24 घंटे में जानलेवा बुखार की चपेट में आकर महिला समेत तीन लोगों की मौत हो गई। इससे क्षेत्र में दहशत है।
उत्तराखंड के उत्तरकाशी निवासी पुजारी लव प्रसाद चार दिन से बुखार से पीड़ित थे। रटौल गांव के शिव मंदिर में रहने वाले उनके भाई पुजारी कुश प्रसाद ने पहले उन्हें खेकड़ा अस्पताल में भर्ती कराया।
हालत बिगड़ने पर चिकित्सकों ने उन्हें हायर हॉस्पिटल के लिए रेफर कर दिया। दो दिन से उनका गाजियाबाद के निजी अस्पताल में उपचार चल रहा था। रविवार की रात उनकी मौत हो गई।
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उनके भाई कुश प्रसाद और काफी लोग शव लेकर उत्तरकाशी के लिए रवाना हो गए। इसके अलावा चौहल्दा निवासी विक्रम सिंह की माता समंदरी पांच दिन से बुखार से पीड़ित थी।
उनका अग्रवाल मंडी टटीरी के निजी चिकित्सकों से उपचार कराया गया था। हालत में सुधार न होने पर उनको गाजियाबाद के मोहननगर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
रविवार देर रात उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। सोमवार सुबह उनका शव गांव में पहुंचा। गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
इसके अलावा डौलचा गांव के किसान ब्रह्म सिंह कई दिनों से बुखार से पीड़ित थे। सोमवार को उनकी उपचार के दौरान मौत हो गई। इसी गांव में दो दिन पूर्व युवक भरत सिंह की भी बुखार से मौत हो गई थी।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस बारे में सीएमओ डॉ. रविंद्र कुमार मिश्र का कहना है कि बुखार से हुई मौतों की उन्हें जानकारी नहीं है। गांवों में चिकित्सकों की टीम भेजकर जांच कराई जाएगी।
अधिवक्ता के बेटे समेत पांच में डेंगू के लक्षण
बागपत। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते जनपद में डेंगू ने भी पैर पसार लिए है। हरचंदपुर गांव के अधिवक्ता सतीश कुमार के बेटे समय पांच लोग डेंगू की चपेट है। लोगों में दहशत व्याप्त है।
अधिवक्ता सतीश कुमार का कहना है कि उनका बेटा यश (8), पिछले पांच-छह दिन से बुखार से पीड़ित है। बागपत के निजी लैंब में जांच कराई, तो जांच रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि हुई है।
उनका कहना है कि यश का बड़ौत के निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। इसके अलावा पाली गांव के युवक मुनेद का छह वर्षीय बेटा शोएब, पिछले चार दिन से बुखार से पीड़ित है।
परिजन सोमवार दोपहर उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। चिकित्सकों को उसमें डेंगू के लक्षण प्रतीत हुए। चिकित्सकों ने उसे मेरठ मेडिकल के लिए रेफर कर दिया। हरचंदपुर गांव के राशिद के अलावा दीपक और सचिन में भी जिला अस्पताल के चिकित्सकों को डेंगू के लक्षण प्रतीत हुए।
चिकित्सकों ने उन्हें मेरठ मेडिकल के लिए रेफर कर दिया। सीएमओ डाक्टर रविंद्र कुमार मिश्र का कहना है कि एक-दो मरीजों में डेंगू के लक्षण मिले हैं। उन्हें मेरठ मेडिकल के लिए रेफर किया गया है।
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उत्तराखंड के उत्तरकाशी निवासी पुजारी लव प्रसाद चार दिन से बुखार से पीड़ित थे। रटौल गांव के शिव मंदिर में रहने वाले उनके भाई पुजारी कुश प्रसाद ने पहले उन्हें खेकड़ा अस्पताल में भर्ती कराया।
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हालत बिगड़ने पर चिकित्सकों ने उन्हें हायर हॉस्पिटल के लिए रेफर कर दिया। दो दिन से उनका गाजियाबाद के निजी अस्पताल में उपचार चल रहा था। रविवार की रात उनकी मौत हो गई।
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उनके भाई कुश प्रसाद और काफी लोग शव लेकर उत्तरकाशी के लिए रवाना हो गए। इसके अलावा चौहल्दा निवासी विक्रम सिंह की माता समंदरी पांच दिन से बुखार से पीड़ित थी।
उनका अग्रवाल मंडी टटीरी के निजी चिकित्सकों से उपचार कराया गया था। हालत में सुधार न होने पर उनको गाजियाबाद के मोहननगर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
रविवार देर रात उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। सोमवार सुबह उनका शव गांव में पहुंचा। गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
इसके अलावा डौलचा गांव के किसान ब्रह्म सिंह कई दिनों से बुखार से पीड़ित थे। सोमवार को उनकी उपचार के दौरान मौत हो गई। इसी गांव में दो दिन पूर्व युवक भरत सिंह की भी बुखार से मौत हो गई थी।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस बारे में सीएमओ डॉ. रविंद्र कुमार मिश्र का कहना है कि बुखार से हुई मौतों की उन्हें जानकारी नहीं है। गांवों में चिकित्सकों की टीम भेजकर जांच कराई जाएगी।
अधिवक्ता के बेटे समेत पांच में डेंगू के लक्षण
बागपत। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते जनपद में डेंगू ने भी पैर पसार लिए है। हरचंदपुर गांव के अधिवक्ता सतीश कुमार के बेटे समय पांच लोग डेंगू की चपेट है। लोगों में दहशत व्याप्त है।
अधिवक्ता सतीश कुमार का कहना है कि उनका बेटा यश (8), पिछले पांच-छह दिन से बुखार से पीड़ित है। बागपत के निजी लैंब में जांच कराई, तो जांच रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि हुई है।
उनका कहना है कि यश का बड़ौत के निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। इसके अलावा पाली गांव के युवक मुनेद का छह वर्षीय बेटा शोएब, पिछले चार दिन से बुखार से पीड़ित है।
परिजन सोमवार दोपहर उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। चिकित्सकों को उसमें डेंगू के लक्षण प्रतीत हुए। चिकित्सकों ने उसे मेरठ मेडिकल के लिए रेफर कर दिया। हरचंदपुर गांव के राशिद के अलावा दीपक और सचिन में भी जिला अस्पताल के चिकित्सकों को डेंगू के लक्षण प्रतीत हुए।
चिकित्सकों ने उन्हें मेरठ मेडिकल के लिए रेफर कर दिया। सीएमओ डाक्टर रविंद्र कुमार मिश्र का कहना है कि एक-दो मरीजों में डेंगू के लक्षण मिले हैं। उन्हें मेरठ मेडिकल के लिए रेफर किया गया है।