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Baghpat News: हरियाणा का जिन्होंने बढ़ाया मान, उनको यूपी में मिला सम्मान
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हरियाणा व एनसीआर के लिए भी
- हरियाणा के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को नहीं मिली नौकरी तो यूपी का रुख करके पहनी खाकी
- हरियाणा के ऐसे 13 खिलाड़ी, सभी राष्ट्रीय स्तर पर जीत चुके स्वर्ण, नियुक्ति लेकर छह महीने की ट्रेनिंग की शुरू
- पश्चिमी उप्र के 96 खिलाडिय़ों की भी ट्रेनिंग शुरू हुई, बागपत के 12 और मेरठ के सबसे ज्यादा 13 खिलाड़ी
अंकित चौहान
बागपत। हरियाणा की खेत नीति को भले ही देश में सबसे बेहतर माना जाता हो। लेकिन वहां के खिलाड़ियों को नौकरी के लिए यूपी का रुख करना पड़ रहा है। यूपी पुलिस में खेल कोटे से हुई सिपाहियों की भर्ती में हरियाणा के ऐसे 13 खिलाड़ी है, जिनको अपने प्रदेश के लिए पदक जीतने के बाद भी नौकरी नहीं मिली। अब उन्होंने यूपी पुलिस में ज्वाइन भी कर लिया है और पिछले सप्ताह ट्रेनिंग शुरू कर दी।
यूपी पुलिस में खेल कोटे के तहत सिपाहियों की सीधी भर्ती हुई थी। जिनका मार्च में मूल्यांकन के बाद परिणाम जारी किया गया था। अब उनको ट्रेनिंग के लिए अलग-अलग जगहों पर भेजा गया है। बॉक्सरों को मेरठ में ट्रेनिंग मिल रही है तो हॉकी व आर्चरी वालों को बाराबंकी में भेजा गया। इनमें सभी खेलो इंडिया, यूनिवर्सिटी नेशनल गेम्स के पदक विजेता है तो कई ऐसे भी खिलाड़ी हैं, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके हैं। यहां हरियाणा के 13 खिलाड़ी ऐसे भर्ती हुए है जो अपने प्रदेश में नौकरी का इंतजार करके थक गए और उनको यहां नौकरी के लिए आना पड़ा।
पश्चिमी उप्र के 96 खिलाड़ी, मेरठ के 13 तो बागपत के 12 ने ज्वाइन किया
ट्रेनिंग के लिए गए खिलाड़ियों में पश्चिमी उप्र के 96 खिलाड़ी शामिल है। जिनमें सबसे ज्यादा मेरठ के 13 और बागपत के 12 खिलाड़ी शामिल है। क्योंकि बागपत की एक खिलाड़ी ने सिपाही की नौकरी से इंकार कर दिया है। इनके बाद सबसे ज्यादा गाजियाबाद के दस खिलाड़ी है। इनके अलावा सहारनपुर, गौतमबुद्धनगर, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, हापुड़, शामली, बिजनौर के खिलाड़ी भी शामिल है।
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मैने खेलो इंडिया और यूनिवर्सिटी गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था। हरियाणा में भर्ती नहीं निकल रही थी। यहां भर्ती निकली तो आवेदन कर दिया और नौकरी मिल गई। अब पिछले सप्ताह बाराबंकी ट्रेनिंग के लिए हम काफी खिलाड़ी आए हैं।- विक्की हुड्डा, तीरंदाज फरीदाबाद
राष्ट्रीय स्तर पर कई स्वर्ण पदक जीते हैं, तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी खेली हूं। पिता का मुझे खाकी में देखने का सपना था। उस सपने को पूरा किया है और मेरठ में ट्रेनिंग कर रही हूं। सिवी बूरा, बॉक्सर हिसार
हरियाणा में काफी समय से खिलाड़ियों को नौकरी के लिए जूझना पड़ रहा है। इसलिए ही खिलाड़ी अन्य राज्यों में नौकरी के लिए जा रहे हैं। यूपी में काफी खिलाड़ी नौकरी के लिए गए है। कुलदीप मलिक, लक्ष्मण अवार्डी व पूर्व अंतरराष्ट्रीय कोच
यूपी में इस बार खेल कोटे के तहत काफी खिलाड़ियों को नौकरी मिली है। इसका अच्छा परिणाम दिखाई देगा। यहां नौकरी मिलने से खेलों में युवा आगे बढ़ेंगे। राजीव तोमर, अर्जुन अवार्डी व अंतरराष्ट्रीय कुश्ती कोच
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- हरियाणा के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को नहीं मिली नौकरी तो यूपी का रुख करके पहनी खाकी
- हरियाणा के ऐसे 13 खिलाड़ी, सभी राष्ट्रीय स्तर पर जीत चुके स्वर्ण, नियुक्ति लेकर छह महीने की ट्रेनिंग की शुरू
- पश्चिमी उप्र के 96 खिलाडिय़ों की भी ट्रेनिंग शुरू हुई, बागपत के 12 और मेरठ के सबसे ज्यादा 13 खिलाड़ी
अंकित चौहान
बागपत। हरियाणा की खेत नीति को भले ही देश में सबसे बेहतर माना जाता हो। लेकिन वहां के खिलाड़ियों को नौकरी के लिए यूपी का रुख करना पड़ रहा है। यूपी पुलिस में खेल कोटे से हुई सिपाहियों की भर्ती में हरियाणा के ऐसे 13 खिलाड़ी है, जिनको अपने प्रदेश के लिए पदक जीतने के बाद भी नौकरी नहीं मिली। अब उन्होंने यूपी पुलिस में ज्वाइन भी कर लिया है और पिछले सप्ताह ट्रेनिंग शुरू कर दी।
यूपी पुलिस में खेल कोटे के तहत सिपाहियों की सीधी भर्ती हुई थी। जिनका मार्च में मूल्यांकन के बाद परिणाम जारी किया गया था। अब उनको ट्रेनिंग के लिए अलग-अलग जगहों पर भेजा गया है। बॉक्सरों को मेरठ में ट्रेनिंग मिल रही है तो हॉकी व आर्चरी वालों को बाराबंकी में भेजा गया। इनमें सभी खेलो इंडिया, यूनिवर्सिटी नेशनल गेम्स के पदक विजेता है तो कई ऐसे भी खिलाड़ी हैं, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके हैं। यहां हरियाणा के 13 खिलाड़ी ऐसे भर्ती हुए है जो अपने प्रदेश में नौकरी का इंतजार करके थक गए और उनको यहां नौकरी के लिए आना पड़ा।
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पश्चिमी उप्र के 96 खिलाड़ी, मेरठ के 13 तो बागपत के 12 ने ज्वाइन किया
ट्रेनिंग के लिए गए खिलाड़ियों में पश्चिमी उप्र के 96 खिलाड़ी शामिल है। जिनमें सबसे ज्यादा मेरठ के 13 और बागपत के 12 खिलाड़ी शामिल है। क्योंकि बागपत की एक खिलाड़ी ने सिपाही की नौकरी से इंकार कर दिया है। इनके बाद सबसे ज्यादा गाजियाबाद के दस खिलाड़ी है। इनके अलावा सहारनपुर, गौतमबुद्धनगर, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, हापुड़, शामली, बिजनौर के खिलाड़ी भी शामिल है।
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मैने खेलो इंडिया और यूनिवर्सिटी गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था। हरियाणा में भर्ती नहीं निकल रही थी। यहां भर्ती निकली तो आवेदन कर दिया और नौकरी मिल गई। अब पिछले सप्ताह बाराबंकी ट्रेनिंग के लिए हम काफी खिलाड़ी आए हैं।- विक्की हुड्डा, तीरंदाज फरीदाबाद
राष्ट्रीय स्तर पर कई स्वर्ण पदक जीते हैं, तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी खेली हूं। पिता का मुझे खाकी में देखने का सपना था। उस सपने को पूरा किया है और मेरठ में ट्रेनिंग कर रही हूं। सिवी बूरा, बॉक्सर हिसार
हरियाणा में काफी समय से खिलाड़ियों को नौकरी के लिए जूझना पड़ रहा है। इसलिए ही खिलाड़ी अन्य राज्यों में नौकरी के लिए जा रहे हैं। यूपी में काफी खिलाड़ी नौकरी के लिए गए है। कुलदीप मलिक, लक्ष्मण अवार्डी व पूर्व अंतरराष्ट्रीय कोच
यूपी में इस बार खेल कोटे के तहत काफी खिलाड़ियों को नौकरी मिली है। इसका अच्छा परिणाम दिखाई देगा। यहां नौकरी मिलने से खेलों में युवा आगे बढ़ेंगे। राजीव तोमर, अर्जुन अवार्डी व अंतरराष्ट्रीय कुश्ती कोच