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स्वर्ग की इच्छा रखने वालों को करना चाहिए यज्ञ : सत्यपाल
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बिनौली। महर्षि दयानंद सरस्वती की 200 वीं जयंती के उपलक्ष्य में रविवार को आर्य वीर दल के आह्वान पर महाभारतकालीन ऐतिहासिक लाक्षाग्रह बरनावा स्थित श्री महानंद संस्कृत विद्यालय गुरुकुल में आचार्य स्वदेश महाराज के पावन सानिध्य में 200 कुंडीय महायज्ञ हुआ। इस अवसर पर हुए ऋषि चर्चा सम्मेलन में ऋषि मुनियों के विचारों व आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया गया।
महायज्ञ का शुभारंभ स्वामी चंद्रदेव, पूर्व जीएम चंद्रहास ने ओम पताका का ध्वजारोहण कर किया। यज्ञ के ब्रह्मा प्रधानाचार्य आचार्य अरविंद कुमार शास्त्री, आचार्य गुरुवचन शास्त्री ने यज्ञोपवीत धारण कराया। सम्मेलन के मुख्य अतिथि भाजपा सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह ने कहा कि ओम भगवान का श्रेष्ठ नाम है। स्वर्ग की इच्छा रखने वालों को यज्ञ करना चाहिए।
यज्ञ के मुख्य वक्ता आचार्य डॉ. हरिशंकर अग्निहोत्री ने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती के विचारों व आदर्शों को आत्मसात करना चाहिए। संचालक आर्य वीर दल पंकज आर्य, पूर्व आईपीएस डॉ. आनंद कुमार ने भी विचार व्यक्त किये। डॉ. हरि सिंह आर्य के निर्देशन में आर्य वीर वीरांगनाओं ने व्यायाम प्रदर्शन किया। गुरुकुल के आचार्यों ने सस्वर वेदपाठ किया। भजनोपदेशक भूपेंद्र आर्य ने समधुर भजनों की प्रस्तुति की।
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सम्मेलन की अध्यक्षता ठाकुर विक्रम सिंह आर्य ने व संचालन मुख्य संयोजक डॉ. कपिल आचार्य ने किया। महायज्ञ में अध्यक्ष यशोधर्मा सोलंकी, मंत्री राजपाल त्यागी, पूर्व प्रधानाचार्य आचार्य विनोद शास्त्री, ब्रजपाल सिंह शास्त्री, अरुण त्यागी, राजीव धामा, प्रधान उपेंद्र धामा, राजवीर आर्य, अजय आर्य, उदयवीर आर्य, विजेंद्र गुप्ता सहित विभिन्न प्रांतों से बड़ी संख्या में आए श्रद्धालुओं ने महायज्ञ में आहूति देकर राष्ट्र कल्याण की कामना की।
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महायज्ञ का शुभारंभ स्वामी चंद्रदेव, पूर्व जीएम चंद्रहास ने ओम पताका का ध्वजारोहण कर किया। यज्ञ के ब्रह्मा प्रधानाचार्य आचार्य अरविंद कुमार शास्त्री, आचार्य गुरुवचन शास्त्री ने यज्ञोपवीत धारण कराया। सम्मेलन के मुख्य अतिथि भाजपा सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह ने कहा कि ओम भगवान का श्रेष्ठ नाम है। स्वर्ग की इच्छा रखने वालों को यज्ञ करना चाहिए।
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यज्ञ के मुख्य वक्ता आचार्य डॉ. हरिशंकर अग्निहोत्री ने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती के विचारों व आदर्शों को आत्मसात करना चाहिए। संचालक आर्य वीर दल पंकज आर्य, पूर्व आईपीएस डॉ. आनंद कुमार ने भी विचार व्यक्त किये। डॉ. हरि सिंह आर्य के निर्देशन में आर्य वीर वीरांगनाओं ने व्यायाम प्रदर्शन किया। गुरुकुल के आचार्यों ने सस्वर वेदपाठ किया। भजनोपदेशक भूपेंद्र आर्य ने समधुर भजनों की प्रस्तुति की।
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सम्मेलन की अध्यक्षता ठाकुर विक्रम सिंह आर्य ने व संचालन मुख्य संयोजक डॉ. कपिल आचार्य ने किया। महायज्ञ में अध्यक्ष यशोधर्मा सोलंकी, मंत्री राजपाल त्यागी, पूर्व प्रधानाचार्य आचार्य विनोद शास्त्री, ब्रजपाल सिंह शास्त्री, अरुण त्यागी, राजीव धामा, प्रधान उपेंद्र धामा, राजवीर आर्य, अजय आर्य, उदयवीर आर्य, विजेंद्र गुप्ता सहित विभिन्न प्रांतों से बड़ी संख्या में आए श्रद्धालुओं ने महायज्ञ में आहूति देकर राष्ट्र कल्याण की कामना की।