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राजस्थान जैसे होने लगे बागपत के हालात 

Tue, 22 Nov 2016 12:16 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत Updated Tue, 22 Nov 2016 12:16 AM IST
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Things began to like Rajasthan baghpat
डौला गांव में तालाबों का निरीक्षण करते सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव सुरेश चन्द्रा व जलपुरुष राजेन्द्र सिंह राणा। - फोटो : amar ujala
बागपत में जल पुरुष राजेंद्र सिंह और प्रमुख सचिव सिंचाई सुरेश चंद्रा ने कहा कि जल को बचाएं और उसका संचय करें। धरती के दो तिहाई हिस्से में पानी है, लेकिन शुद्ध पानी का प्रतिशत केवल दो से ढाई तक ही है। जल बचाने में सरकार के साथ-साथ आमजन का सहयोग जरूरी है। जल पुरुष ने कहा कि बागपत के हालात राजस्थान जैसे होने लगे हैं। 
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डौला गांव में आयोजित हिंडन नदी पुनर्जीवन सम्मेलन में पहुंचे प्रमुख सचिव सिंचाई सुरेश चंद्रा ने कहा कि शास्त्रों में लिखा है कि भगवान विष्णु ने मानव जीवन से पहले पानी की उत्पत्ति की। मानव जीवन के लिए जल जरूरी है। एक तालाब खुदवाने में दस फलदार वृृक्ष लगाने जैसा पुण्य मिलता है। तालाबों की खुदाई कराकर नहरों से उन्हें भरवाया जाएगा, जिससे पानी भू-गर्भ में जाए। हमें हर प्रकार से जल को बचाना है और इसका उचित प्रबंधन भी करना है। भू-जल स्तर को बढ़ाने के लिए पुराने कुओं की मरम्मत एवं उनका जीर्णोद्धार कराना होगा। जल पुरुष राजेंद्र सिंह ने कहा कि जल बचाने के लिए लोगों से सुझाव लिया जाएगा।

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धरती भी बैंक के सामान है, जिसको खाली किया जा रहा है। बागपत के हालात राजस्थान जैसे हो रहे हैं। अपने बच्चों के लिए हिंडन, यमुना और गंगा को शुद्ध बनाने का सहयोग करें। लोगों से उन्होंने किस प्रकार से पानी को बचाया जा सकता है सुझाव लिए। सीडीओ जेपी रस्तोगी ने कहा कि बागपत के सभी ब्लाक डार्क जोन में आ गए हैं। फसलों की सिंचाई क्यारी, पक्की नालियों या कैनवास, पीवीसी पाईप का प्रयोग से भी हम पानी की बचत कर सकते हैं। बागवानी की सिंचाई हेतु ड्रिप विधि तथा फसलों की सिंचाई हेतु स्प्रिंकलर विधि अपनाए जाने पर पानी की बचत होगी। तालाबों को अवैध कब्जा और अतिक्रमण से मुक्त कराया जा रहा है। एसडीएम मनोज कुमार सिंह, संजय कुमार, अलका तोमर, मेजर हिमांशु, राधेश्याम शर्मा, डीपीओ शशी वार्ष्णेय, ब्लॉक प्रमुख अनीस यादव, रामपाल धामा, अधीक्षण अभियंता सिंचाई, बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान, ब्लॉक प्रमुख, आशा, आंगनबाड़ी मौजूद रहीं।

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सुझाव पत्र वितरित किए
जलपुरुष राजेंद्र सिंह ने जल सम्मेलन के दौरान लोगों को सुझाव पत्र वितरित किए। जिसके माध्यम से पांच सुझाव मांगे। सभी लोगों ने अपने-अपने सुझाव लिखकर जलपुरुष को दिए।

सुब्बाराव ने सुनाया गीत
समाज सेवी डॉ. एमएन सुब्बाराव भी सम्मेलन में पहुंचे। लोगों को गीत के माध्यम से देश के लिए संदेश दिया। उनके गीत को वहां मौजूद हर महिला और पुरुष ने गुनगुनाया। उन्होंने लोगों से जल पुरुष की मुहिम से जुड़ने का आह्वान किया। लोगों के सबसे जरूरी जल है। इसे नष्ट होने से बचा लें। 

बागपत आएंगे सीएम अखिलेश यादव
जलपुरुष राजेंद्र सिंह ने बताया कि जिले में आने के लिए मुख्यमंत्री से वार्ता हो गई है। जो केवल जल पर ही वार्ता करेंगे। एजेंडा पानी रहेगा। अभी समय निर्धारित नहीं हुआ है। जिले में मुख्यमंत्री जल के मुद्दे पर विचार विमर्श करेंगे।


अपने गांव के तालाबों का किया निरीक्षण
सम्मेलन से पूर्व जल पुरुष राजेंद्र सिंह के साथ सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव सुरेश चंद्रा को डौला के तालाबों का निरीक्षण कराया। तालाबों के रख रखाव के बारे में उन्हें अवगत कराया। गौरतलब है कि जलपुरुष राजेंद्र सिंह डौला में ही जन्में हैं। यहां से राजस्थान जाकर उन्होंने जल बचाओ अभियान की शुरूआत की थी।

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