वेतन और पेंशन के बोझ से और बिगड़ गए हालात
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नोटबंदी के बाद 25 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक हालात सामान्य नहीं हो सके है। पुराने 500 और 1000 के नोट बंद होने से व्यवस्था जिस तरह प्रभावित हुई ढर्रे पर आने का नाम नहीं ले रही। हर दिन ही बैंकों पर सैकड़ों लोग धन निकासी के लिए उमड़ते हैं। जब सामान्य दिनों में यह हालात हैं, तो आने वाले दिनों में जब मौजूदा और सेवानिवृत्त कर्मचारी जब अपने वेतन और पेंशन के रुपये निकालने पहुंचेंगे तो क्या स्थिति होगी। शिक्षक नेता कुलदीप तोमर व प्रचार मंत्री अजयराज शर्मा ने बताया कि नवंबर का वेतन भुगतान व पेंशन भुगतान बैंकों में आ चुकी है, लेकिन निकालने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने अनुमान लगाकर बताया कि माध्यमिक विद्यालयों मेें तैनात कर्मचारियों का वेतन भुगतान हर माह करीबन 6 करोड़, बेसिक विद्यालयों में तैनात शिक्षकों का 15-16 करोड़ व सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन भुगतान करीबन छह करोड़ रुपये हर माह बताया। वहीं खेकड़ा में नोटबंदी हुए 25 दिन बीत जाने के बाद भी ग्राहकों की भीड़ छंटने का नाम नहीं ले रही है। शनिवार को भी बैंक शाखाओं के बाहर दिनभर लोगों की भारी भीड़ लगी रही। शनिवार सुबह सात बजे से ही बैंक के बाहर भीड़ लगनी शुरू हो गई थी।
पूरे दिन बैंकों और एटीएम में हंगामे के हालात
बड़ौत। नोटबंदी के बाद लगातार बैंकों पर ग्राहकों की नई करेंसी निकालने को लेकर भीड़ बढ़ती जा रही है। शनिवार को भी नगर की बैंक शाखाओं सहित ग्रामीण आंचल की बैंकों में ग्राहकों ने पैसे न निकलने पर हंगामा किया। बैंक कर्मचारियों ने जैसे ही ग्राहकों को बताया की कैश नहीं आया है तो आक्रोशित ग्राहक भड़क उठे और उन्होंने प्रदर्शन शुरू कर दिया। पंजाब नेशनल बैंक बड़ौत सहित अन्य बैंक शाखाओं पर बढ़ते हंगामे को देख सूचना पर पहुंची पुलिस से भी ग्राहक उलझ गए। पूरे दिन हंगामे की स्थिति बनी रही। ग्राहकों ने बैंक कर्मचारियों पर गलत तरीके से नई करेंसी को बड़े व्यापारियों व उद्योगपतियों को देने का भी आरोप लगाया। हंगामा करने वालों में नितिन, सूरज वीर, प्रकाश, महेंद्र, सुरेश पाल, अमरदीप, अशोक, कर्मवीर, राजेश, सुरेंद्र, भगत सिंह, ओमपाल, हरवीर, जयवीर शामिल रहे।