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बालिका शिक्षा और गांव के विकास के लिए जीजान से जुटी सुनीता
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दोघट। रानी लक्ष्मीबाई वीरता पुरस्कार से सम्मानित आजमपुर मुलसम गांव की प्रधान सुनीता देवी ग्राम प्रधानों के नजीर बन गई है। बालिका शिक्षा से लेकर गांव के विकास के लिए वह जीजान से जुटी है।
सुनीता देवी पहली बार वर्ष 2010 में ग्राम प्रधान चुनी गई थी। इसके बाद उन्होंने अपना पूरा ध्यान गांव के विकास और बालिका शिक्षा की ओर लगाया। घर-घर जाकर लोगों से संपर्क किया और उन्हें महिला सशक्तिकरण, बेटी की शिक्षा के प्रति जागरूक किया। जरूरतमंदों की मदद के अलावा गांव का विकास एवं ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल को प्राथमिकता दी। गांव के तीन प्राइमरी व एक जूनियर हाई स्कूल के भवनों की मरम्मत कराकर सुंदरीकरण कराया। शिक्षा विभाग की टीम के साथ मिलकर घर-घर जाकर अधिक से अधिक बच्चों का स्कूलों में नामांकन कराने में सहयोग किया। उनके उत्कर्ष कार्य के लिए वर्ष 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उन्हें रानी लक्ष्मीबाई वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया।
क्या कहती हैं प्रधान
सुनाती देवी कहती है कि गांव के विकास कार्यों में उनके पति डॉ कृष्णपाल का सहयोग रहा। गांव में पानी की निकासी की व्यवस्था के लिए पाइप लाइन बिछवाई गई है। गांव में बालिकाओं के लिए अलग से हाई स्कूल और इंटर कॉलेज की व्यवस्था कराने के लिए वे प्रयासरत है।
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सुनीता देवी पहली बार वर्ष 2010 में ग्राम प्रधान चुनी गई थी। इसके बाद उन्होंने अपना पूरा ध्यान गांव के विकास और बालिका शिक्षा की ओर लगाया। घर-घर जाकर लोगों से संपर्क किया और उन्हें महिला सशक्तिकरण, बेटी की शिक्षा के प्रति जागरूक किया। जरूरतमंदों की मदद के अलावा गांव का विकास एवं ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल को प्राथमिकता दी। गांव के तीन प्राइमरी व एक जूनियर हाई स्कूल के भवनों की मरम्मत कराकर सुंदरीकरण कराया। शिक्षा विभाग की टीम के साथ मिलकर घर-घर जाकर अधिक से अधिक बच्चों का स्कूलों में नामांकन कराने में सहयोग किया। उनके उत्कर्ष कार्य के लिए वर्ष 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उन्हें रानी लक्ष्मीबाई वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया।
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क्या कहती हैं प्रधान
सुनाती देवी कहती है कि गांव के विकास कार्यों में उनके पति डॉ कृष्णपाल का सहयोग रहा। गांव में पानी की निकासी की व्यवस्था के लिए पाइप लाइन बिछवाई गई है। गांव में बालिकाओं के लिए अलग से हाई स्कूल और इंटर कॉलेज की व्यवस्था कराने के लिए वे प्रयासरत है।
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