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रेप में विफल होने पर छात्र ने महिला का कत्ल किया
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Wed, 30 Mar 2016 07:07 PM IST
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कोतवाली में अमीना के हत्यारे बाप-बेटे से पूछताछ करते सीओ।
- फोटो : amar ujala
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बागपत के पुसार गांव की सात दिन से लापता महिला की बड़ौत में रेप का विरोध करने पर कक्षा दस के छात्र ने फावड़े से गर्दन काटकर हत्या की और अपने पिता की मदद से बिजरौल रोड पर गन्ने के खेत में शव छिपाया। पुलिस ने बाप और बेटे को गिरफ्तार कर शव बरामद किया।
मृतक अमीना (52) पत्नी नवाब अली पुसार गांव की रहने वाली थी। वह हर्बल का प्रोडेक्ट बेचती थी। उसने 22 मार्च को रामबाग कॉलोनी में अपने पर्चे घर-घर बांटे थे। उसी पर्चे पर अंकित मोबाइल फोन नंबर पर रामबाग कॉलोनी निवासी कक्षा दस के छात्र रोबिन पुत्र बालेंद्र ने 23 मार्च को फोन कर अमीना को यह कह कर बुलाया उसकी मां बीमार है, उसे दवा देनी है।
महिला ने उसे बिजरौल रोड रेलवे क्रासिंग पर मिलने को कहा। इस पर रोबिन उसे बिजरौल रोड रेलवे क्रासिंग पर खड़ा मिला और वह अमीना को लेकर डूडा की निर्माणाधीन कॉलोनी में ले गया और उसके साथ जबरन रेप का प्रयास करने लगा, लेकिन अमीना ने शोर मचा दिया, तो छात्र उसके साथ मारपीट कर भाग निकला। इसके बाद महिला रामबाग कॉलोनी पहुंची और रोबिन की तलाश की तो उसे रोबिन मिल गया।
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महिला ने घर में घुसकर रोबिन के साथ मारपीट कर दी और पास में ही पड़े खुरपे से रोबिन पर कई वार किए। इससे रोबिन के हाथ में जख्म हो गया। इस पर रोबिन ने महिला का गला दबा दिया। इससे वह बेहोश हो गई। इसके बाद रोबिन फावड़ा उठाकर लाया और महिला की गर्दन फावड़े से काट दी। इस समय रोबिन की मां और बाप घर पर नहीं थे। जब वे शाम को घर आए तो उन्हें घटना का पता लगा। 23 मार्च की रात में रोबिन और उसका पिता बालेंद्र शव को बोरे में डालकर बिजरौल रोड पर स्थित गन्ने के खेत में छिपा आए।
सीओ सीपी सिंह ने पूरे घटनाक्रम का खुलासा कर बताया पकड़ा रोबिन 16 वर्ष का है और वह नगर के एक निजी स्कूल में कक्षा दस का छात्र है। जबकि पकड़ा उसका पिता बालेंद्र थ्री व्हीलर चलाता है। उन्होंने बताया पूरे घटनाक्रम का खुलासा महिला के मोबाइल फोन की सीडीआर निकलवाने से लगा। इसके आधार पर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया और उनकी निशानदेही पर सड़ा गला शव बरामद हुआ, क्योंकि 23 मार्च को ही उसकी हत्या की । उन्होंने बताया 26 मार्च को थाना दोघट पर मृतका के पति नवाब अली ने उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। अब यह मामला हत्या में तरमीम कर दिया।
मोबाइल की गुमशुदगी भी दर्ज कराई
बड़ौत। सीओ ने बताया रोबिन इस घटना को अंजाम देने के बाद 24 मार्च को कोतवाली पहुंचा और अपने मोबाइल की गुमशुदगी दर्ज कराई। 25 मार्च को उसने हाईस्कूल का पेपर भी दिया।
रोबिन की दादी की उम्र की थी अमीना
बड़ौत। मृतका अमीना के नौ बच्चे हैं। सबसे बड़ी बेटी 28 साल की है। सीओ ने पूछताछ के बाद बताया रोबिन को नहीं पता था कि यह महिला इतनी उम्र की होगी, लेकिन वह हवस में अंधा हो गया था।
पिता ने दिया अपराधी बेटे का साथ
बड़ौत। यदि रोबिन का पिता उसके अपराध पर पर्दा नहीं डालता और पुलिस को उसी दिन सारी हकीकत बता देता तो वह इस मामले में जेल जाने से बच सकता था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया और अपने बेटे के अपराध पर पर्दा ही नहीं डाला, बल्कि उसका पूरा साथ भी दिया और शव छिपाने के लिए उसकी मदद भी की। रोबिन की मां को भी इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी थी, लेकिन उसने बेटे को बचाने के लिए उसे अपने मायके भेजा।
कंधों पर उठाकर ले गए थे शव
बड़ौत। 23 मार्च की रात्रि में एक बजे के करीब दोनों बाप-बेटे अमीना के शव को अपने कंधों पर रखकर शव को एक किलोमीटर दूर तक ले गए थे और उन्होंने रेलवे लाइन भी पार की, लेकिन उन्हें किसी ने नहीं देखा। उन पर रास्ते में कुत्ते भी भोंके, लेकिन जरा से भी नहीं डरे।
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मृतक अमीना (52) पत्नी नवाब अली पुसार गांव की रहने वाली थी। वह हर्बल का प्रोडेक्ट बेचती थी। उसने 22 मार्च को रामबाग कॉलोनी में अपने पर्चे घर-घर बांटे थे। उसी पर्चे पर अंकित मोबाइल फोन नंबर पर रामबाग कॉलोनी निवासी कक्षा दस के छात्र रोबिन पुत्र बालेंद्र ने 23 मार्च को फोन कर अमीना को यह कह कर बुलाया उसकी मां बीमार है, उसे दवा देनी है।
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महिला ने उसे बिजरौल रोड रेलवे क्रासिंग पर मिलने को कहा। इस पर रोबिन उसे बिजरौल रोड रेलवे क्रासिंग पर खड़ा मिला और वह अमीना को लेकर डूडा की निर्माणाधीन कॉलोनी में ले गया और उसके साथ जबरन रेप का प्रयास करने लगा, लेकिन अमीना ने शोर मचा दिया, तो छात्र उसके साथ मारपीट कर भाग निकला। इसके बाद महिला रामबाग कॉलोनी पहुंची और रोबिन की तलाश की तो उसे रोबिन मिल गया।
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महिला ने घर में घुसकर रोबिन के साथ मारपीट कर दी और पास में ही पड़े खुरपे से रोबिन पर कई वार किए। इससे रोबिन के हाथ में जख्म हो गया। इस पर रोबिन ने महिला का गला दबा दिया। इससे वह बेहोश हो गई। इसके बाद रोबिन फावड़ा उठाकर लाया और महिला की गर्दन फावड़े से काट दी। इस समय रोबिन की मां और बाप घर पर नहीं थे। जब वे शाम को घर आए तो उन्हें घटना का पता लगा। 23 मार्च की रात में रोबिन और उसका पिता बालेंद्र शव को बोरे में डालकर बिजरौल रोड पर स्थित गन्ने के खेत में छिपा आए।
सीओ सीपी सिंह ने पूरे घटनाक्रम का खुलासा कर बताया पकड़ा रोबिन 16 वर्ष का है और वह नगर के एक निजी स्कूल में कक्षा दस का छात्र है। जबकि पकड़ा उसका पिता बालेंद्र थ्री व्हीलर चलाता है। उन्होंने बताया पूरे घटनाक्रम का खुलासा महिला के मोबाइल फोन की सीडीआर निकलवाने से लगा। इसके आधार पर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया और उनकी निशानदेही पर सड़ा गला शव बरामद हुआ, क्योंकि 23 मार्च को ही उसकी हत्या की । उन्होंने बताया 26 मार्च को थाना दोघट पर मृतका के पति नवाब अली ने उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। अब यह मामला हत्या में तरमीम कर दिया।
मोबाइल की गुमशुदगी भी दर्ज कराई
बड़ौत। सीओ ने बताया रोबिन इस घटना को अंजाम देने के बाद 24 मार्च को कोतवाली पहुंचा और अपने मोबाइल की गुमशुदगी दर्ज कराई। 25 मार्च को उसने हाईस्कूल का पेपर भी दिया।
रोबिन की दादी की उम्र की थी अमीना
बड़ौत। मृतका अमीना के नौ बच्चे हैं। सबसे बड़ी बेटी 28 साल की है। सीओ ने पूछताछ के बाद बताया रोबिन को नहीं पता था कि यह महिला इतनी उम्र की होगी, लेकिन वह हवस में अंधा हो गया था।
पिता ने दिया अपराधी बेटे का साथ
बड़ौत। यदि रोबिन का पिता उसके अपराध पर पर्दा नहीं डालता और पुलिस को उसी दिन सारी हकीकत बता देता तो वह इस मामले में जेल जाने से बच सकता था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया और अपने बेटे के अपराध पर पर्दा ही नहीं डाला, बल्कि उसका पूरा साथ भी दिया और शव छिपाने के लिए उसकी मदद भी की। रोबिन की मां को भी इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी थी, लेकिन उसने बेटे को बचाने के लिए उसे अपने मायके भेजा।
कंधों पर उठाकर ले गए थे शव
बड़ौत। 23 मार्च की रात्रि में एक बजे के करीब दोनों बाप-बेटे अमीना के शव को अपने कंधों पर रखकर शव को एक किलोमीटर दूर तक ले गए थे और उन्होंने रेलवे लाइन भी पार की, लेकिन उन्हें किसी ने नहीं देखा। उन पर रास्ते में कुत्ते भी भोंके, लेकिन जरा से भी नहीं डरे।