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कहीं तोड़ दी गई टहनियां और कहीं पानी देना भूल गए
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बागपत पुलिस लाइन स्थित वन विभाग के मैदान में लगे पौधे सूख हुए
- फोटो : BAGHPAT
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कहीं तोड़ दी गई टहनियां और कहीं पानी देना भूल गए
बागपत। भारत छोड़ों आंदोलन की 77वीं वर्षगांठ पर जिले में रोंपे गए नौ लाख से अधिक पौधों को भी असामाजिक तत्वों ने निशाना बनाना शुरू कर दिया है। ऐसे भी मामले हैं, जहां पौधरोपण के बाद पानी तक नहीं दिया गया। सैंकड़ों पौधों की टहनियां तोड़ दी गई हैं।
भारत छोड़ों आंदोलन की 77वीं वर्षगांठ पर जिले में नौ लाख सात हजार 277 पौधे रोपित किए गए थे। इसके लिए विभागवार जिम्मेदारी लगाई गई थी। पौधरोपण के बाद अब असामाजिक तत्वों से इन पौधों को सबसे बड़ा खतरा हैं। मुख्य मार्गों पर लगाए गए पौधों की टहनियां तोड़ दी गई हैं। कईं जगह ऐसी भी हैं, जहां पर पौधरोपण किया गया, लेकिन पानी नहीं दिया गया। ऐसे में हरियाली कैसे फैलेगी। देहात क्षेत्र में लगाए गए पौधों को भी क्षतिग्रस्त करना शुरू कर दिया गया है। प्रभागीय वन अधिकारी एके त्यागी का कहना है कि अगर कहीं पौधे को पानी नहीं दिया गया तो वहां कर्मचारियों को भेजकर पानी डलवाने की व्यवस्था की जाएगी। शुरूआत में पत्ते झड़ जाते हैं, जल्द ही यह हरेभरे हो जाएंगे।
पक्का घाट पर नहीं लौटने दी हरियाली
बागपत। पालिका की ओर से शहर के पक्का घाट पर कई बार पौधरोपण कराया जा चुका है। लेकिन असामाजिक तत्व बार बार पौधों को तोड़ देते हैं, ऐसे में धीरे-धीरे पौध सूख जाते हैं। यहां भी हरियाली लाने के प्रयास परवान नहीं चढ़े हैं।
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पौधे लगाए हैं तो जरूर करें देखभाल
बागपत। पौधरोपण के बाद अब सबसे बड़ी जरूरत देखभाल करने की है। समय पर पौधों को पानी दें और पशुओं और असामाजिक तत्वों से पौधों की सुरक्षा जरूर करें। लोगों को पौधे बचाने के लिए जागरूक करें।
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बागपत। भारत छोड़ों आंदोलन की 77वीं वर्षगांठ पर जिले में रोंपे गए नौ लाख से अधिक पौधों को भी असामाजिक तत्वों ने निशाना बनाना शुरू कर दिया है। ऐसे भी मामले हैं, जहां पौधरोपण के बाद पानी तक नहीं दिया गया। सैंकड़ों पौधों की टहनियां तोड़ दी गई हैं।
भारत छोड़ों आंदोलन की 77वीं वर्षगांठ पर जिले में नौ लाख सात हजार 277 पौधे रोपित किए गए थे। इसके लिए विभागवार जिम्मेदारी लगाई गई थी। पौधरोपण के बाद अब असामाजिक तत्वों से इन पौधों को सबसे बड़ा खतरा हैं। मुख्य मार्गों पर लगाए गए पौधों की टहनियां तोड़ दी गई हैं। कईं जगह ऐसी भी हैं, जहां पर पौधरोपण किया गया, लेकिन पानी नहीं दिया गया। ऐसे में हरियाली कैसे फैलेगी। देहात क्षेत्र में लगाए गए पौधों को भी क्षतिग्रस्त करना शुरू कर दिया गया है। प्रभागीय वन अधिकारी एके त्यागी का कहना है कि अगर कहीं पौधे को पानी नहीं दिया गया तो वहां कर्मचारियों को भेजकर पानी डलवाने की व्यवस्था की जाएगी। शुरूआत में पत्ते झड़ जाते हैं, जल्द ही यह हरेभरे हो जाएंगे।
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पक्का घाट पर नहीं लौटने दी हरियाली
बागपत। पालिका की ओर से शहर के पक्का घाट पर कई बार पौधरोपण कराया जा चुका है। लेकिन असामाजिक तत्व बार बार पौधों को तोड़ देते हैं, ऐसे में धीरे-धीरे पौध सूख जाते हैं। यहां भी हरियाली लाने के प्रयास परवान नहीं चढ़े हैं।
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पौधे लगाए हैं तो जरूर करें देखभाल
बागपत। पौधरोपण के बाद अब सबसे बड़ी जरूरत देखभाल करने की है। समय पर पौधों को पानी दें और पशुओं और असामाजिक तत्वों से पौधों की सुरक्षा जरूर करें। लोगों को पौधे बचाने के लिए जागरूक करें।