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बेटी के जन्म पर भी नाचेंगे किन्नर
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Sat, 28 May 2016 01:20 AM IST
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किन्नर अब सिर्फ बेटों ही नहीं, बल्कि बेटियों के जन्म पर भी बधाई गाएंगी। नाचेंगी और खुशी मनाएंगी। ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत सालभर चलने वाली योजनाओं में प्रशासन की ओर से यह महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा गया है। किन्नरों से वार्ता के बाद उन्हें बेटी के जन्म पर खुशी मनाने के लिए तैयार किया जाएगा।
बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम चलाया जा रहा है। नए साल की कार्ययोजना तैयार की गई है। लोगों को अभियान से जोड़ने और इस अभियान को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए इस बार नई पहल की जाएगी।
अभियान की समन्वयक रेहाना सुल्ताना ने बताया कि सामाजिक व्यवस्था में बेटे के जन्म पर ही खुशी मनाए जाने का चलन है, लेकिन अब बागपत में इसके बदलाव पर मंथन किया गया है।
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तय किया गया है कि किन्नरों से बातचीत कर जिलेभर में बेटियों के जन्म पर उनसे बधाइयां दिलवाई जाएंगी। लोगों को भी इसमें सहयोग के लिए प्रेरित किया जाएगा। प्रशासन इस पर सहमत हो गया है। फाइलों पर योजना तैयार है, अब किन्नरों इस सामाजिक परिवर्तन के लिए तैयार किया जाना है।
प्रशासन घर भेजेगा मिठाई
हरियाणा की तर्ज पर अब बागपत में बेटी के जन्म पर प्रशासन की ओर से अभिभावकों को मिठाई का डिब्बा भेजा जाएगा। एक बधाई पत्र डीएम अथवा मंडलायुक्त की ओर से जारी होगा।
ग्राम प्रधान, आंगनबाड़ी आशा कार्यकर्ता, बीडीसी, ब्लॉक अध्यक्ष और जिला पंचायत सदस्यों की मदद ली जाएगी। जिस घर में बेटी का जन्म होगा, उन्हें इन लोगों के माध्यम से सम्मानित भी कराए जाने की योजना है।
घट रहा लिंगानुपात
बागपत में लिंगानुपात का आंकड़ा चिंताजनक है। यहां एक हजार लड़कों पर सिर्फ 841 लड़कियां है। अभियान की समन्वयक रेहाना सुल्ताना कहती हैं कि सामाजिक लोगों को इसमें सहयोग करना होगा।
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बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम चलाया जा रहा है। नए साल की कार्ययोजना तैयार की गई है। लोगों को अभियान से जोड़ने और इस अभियान को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए इस बार नई पहल की जाएगी।
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अभियान की समन्वयक रेहाना सुल्ताना ने बताया कि सामाजिक व्यवस्था में बेटे के जन्म पर ही खुशी मनाए जाने का चलन है, लेकिन अब बागपत में इसके बदलाव पर मंथन किया गया है।
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तय किया गया है कि किन्नरों से बातचीत कर जिलेभर में बेटियों के जन्म पर उनसे बधाइयां दिलवाई जाएंगी। लोगों को भी इसमें सहयोग के लिए प्रेरित किया जाएगा। प्रशासन इस पर सहमत हो गया है। फाइलों पर योजना तैयार है, अब किन्नरों इस सामाजिक परिवर्तन के लिए तैयार किया जाना है।
प्रशासन घर भेजेगा मिठाई
हरियाणा की तर्ज पर अब बागपत में बेटी के जन्म पर प्रशासन की ओर से अभिभावकों को मिठाई का डिब्बा भेजा जाएगा। एक बधाई पत्र डीएम अथवा मंडलायुक्त की ओर से जारी होगा।
ग्राम प्रधान, आंगनबाड़ी आशा कार्यकर्ता, बीडीसी, ब्लॉक अध्यक्ष और जिला पंचायत सदस्यों की मदद ली जाएगी। जिस घर में बेटी का जन्म होगा, उन्हें इन लोगों के माध्यम से सम्मानित भी कराए जाने की योजना है।
घट रहा लिंगानुपात
बागपत में लिंगानुपात का आंकड़ा चिंताजनक है। यहां एक हजार लड़कों पर सिर्फ 841 लड़कियां है। अभियान की समन्वयक रेहाना सुल्ताना कहती हैं कि सामाजिक लोगों को इसमें सहयोग करना होगा।