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Baghpat News: मोक्ष और शांति पाने का साधना ही एकमात्र विकल्प
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-दशलक्षण पर्व के दूसरे दिन दिगंबर जैन मंदिर में श्रद्धालुओं ने श्रीजी की पूजा अर्चना
फोटो - 4
संवाद न्यूज एजेंसी
छपरौली। कस्बे में चल रहे दशलक्षण पर्व के दूसरे दिन दिगंबर जैन मंदिर में श्रद्धालुओं ने श्रीजी की पूजा अर्चना की। मंदिरों में सुबह विधान के बाद श्रीजी का अभिषेक कराकर शांतिधारा कराई गई।
धर्मसभा में विधानाचार्य पंडित जयकुमार जैन ने कहा कि जीवन में मान-सम्मान जरूरी है। प्रतिष्ठा और प्रभाव के बिना जीवन का कोई मतलब नहीं होता है। उन्होंने कहा कि जीवन में मान-सम्मान पाने के लिए विनय और त्याग जरूरी है। श्री 1008 भगवान पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर कमेटी के प्रधान राजेश जैन ने कहा कि उत्तम मार्दव धर्म सही वृत्ति को समझने का जरिया है। उन्होंने कहा कि तप, त्याग और साधना से ही परिग्रहों का त्याग किया जा सकता है। जीवन में शांति और मोक्ष पाने का साधना ही एक मात्र विकल्प है। शाम को मंदिर में आरती के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस मौके पर जिनेंद्र जैन, सत्येंद्र जैन, दीपक जैन, राहुल जैन, संजीव जैन सहित काफी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालु मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
छपरौली। कस्बे में चल रहे दशलक्षण पर्व के दूसरे दिन दिगंबर जैन मंदिर में श्रद्धालुओं ने श्रीजी की पूजा अर्चना की। मंदिरों में सुबह विधान के बाद श्रीजी का अभिषेक कराकर शांतिधारा कराई गई।
धर्मसभा में विधानाचार्य पंडित जयकुमार जैन ने कहा कि जीवन में मान-सम्मान जरूरी है। प्रतिष्ठा और प्रभाव के बिना जीवन का कोई मतलब नहीं होता है। उन्होंने कहा कि जीवन में मान-सम्मान पाने के लिए विनय और त्याग जरूरी है। श्री 1008 भगवान पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर कमेटी के प्रधान राजेश जैन ने कहा कि उत्तम मार्दव धर्म सही वृत्ति को समझने का जरिया है। उन्होंने कहा कि तप, त्याग और साधना से ही परिग्रहों का त्याग किया जा सकता है। जीवन में शांति और मोक्ष पाने का साधना ही एक मात्र विकल्प है। शाम को मंदिर में आरती के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस मौके पर जिनेंद्र जैन, सत्येंद्र जैन, दीपक जैन, राहुल जैन, संजीव जैन सहित काफी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालु मौजूद रहे।
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