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इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाने में 1.6 करोड़ का गोलमाल
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बड़ौत के अंगदपुर गांव में रखी नॉन आईएसआई मार्का की इंटरलाकिंग टाइल्स।
- फोटो : BARAUT
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150 ग्राम पंचायतों में खपा दी गई नॉन आईएसआई मार्का इंटरलॉकिंग टाइल्स
दो सालों में बनाए गए रास्तों के निर्माणों में खर्च हुए लगभग 4.5 करोड़ रुपये
ठेकेदार से लेकर विभागीय अधिकारियों की खूब गर्म हुई जेबें, डीपीआरओ ने बैठाई जांच
बड़ौत (बागपत)। जनपद की 150 ग्राम पंचायतों में भारतीय प्रमाणीकरण संस्थान (आईएसआई) के मानकों को दरकिनार कर नॉन इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाने में 1.6 करोड़ का खेल सामने आया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीपीआरओ ने पूरे मामले में जांच बैठा दी है। जनपद के सभी छह ब्लॉक के बीडीओ को एक सप्ताह के अंदर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है।
जनपद में 244 ग्राम पंचायतें है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार दो साल में जनपद की 150 ग्राम पंचायतों में इंटर लॉकिग टाइल्स से रास्तों के निर्माणों मेें करीब 4.5 करोड़ रुपयों की धनराशि खर्च हुई है। हैरानी की बात यह है कि इनमें से लगभग 1.60 करोड़ की इंटरलॉकिंग टाइल्स मानकों को दरकिनार कर नॉन आईएसआई मार्का खपा दी गई है। इस गड़बड़झाले में ठेकेदार से लेकर ग्राम सचिव सहित ग्राम प्रधान व विभागीय अफसरों ने जेबें भरी है। अब मामला उजागर हुआ तो विभागीय अफसरों में हड़कंप मच गया। फिलहाल डीपीआरओ बनवारी सिंह ने पूरे मामले में जांच बैठा दी है। बागपत, बड़ौत, छपरौली, बिनौली, पिलाना और खेकड़ा के बीडीओ को एक सप्ताह के अंदर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है।
जनपद में है 14 लाइसेंस धारक ठेकेदार
जनपद में लगभग 14 लाइसेंस धारक ठेकेदार है, जो आईएसआई मार्का से बनी इंटरलॉकिंग टाइल्स बनाने का काम करते है। यह ठेकेदार हर साल विभाग में लगभग 1.10 लाख रुपये राजस्व भी जमा करते है। इन लाइसेंस धारक ठेकेदारों के पास लैब टेस्टिंग की भी व्यवस्था होती है, जिसमें टाइल्स की गुणवत्ता की जांच की जाती है। मगर, इसके विपरीत जनपद में ऐसे बहुत से ठेकेदार है, जिनके पास न तो लाइसेंस है, न ही लैब टेस्टिंग व्यवस्था और न ही विभाग में किसी प्रकार का राजस्व जमा करते है।
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नॉन आईएसआई इंटरलॉकिंग टाइल्स गुणवत्ता में आधी
खंड विकास मुख्यालय बड़ौत पर तैनात अवर अभियंता लघु सिंचाई अमित देशवाल ने बताया कि आईएसआई के मानकों के अनुसार इंटरलॉकिंग टाइल्स का वजन 4.8 किलोग्राम होता है। इस टाइल्स की मोटाई 80 मिलीमीटर होती है, जिसकी कीमत लगभग 15 रुपये प्रति पीस होती है। इंटरलॉकिंग टाइल्स तैयार करते वक्त उस पर आईएसआई मार्का मुहर लगाई जाती है। मगर, आईएसआई मानकों को दरकिनार कर जो इंटरलॉकिंग टाइल्स तैयार कर ग्राम पंचायतों में लगाई जा रही है, उसका वजन 4.60 किलोग्राम है और मोटाई 75 मिलीमीटर के लगभग है। बाजार में ये नॉन आईएसआई मार्का टाइल्स लगभग नौ से दस रुपये में आती है।
मामला संज्ञान में आने के बाद प्रकरण में जांच बैठा दी गई है। सभी छह ब्लॉक बागपत, बड़ौत, छपरौली, बिनौली, पिलाना और खेकड़ा के बीडीओ को एक सप्ताह के अंदर आख्या देने के निर्देश दिए गए है। - बनवारी सिंह, डीपीआरओ।
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दो सालों में बनाए गए रास्तों के निर्माणों में खर्च हुए लगभग 4.5 करोड़ रुपये
ठेकेदार से लेकर विभागीय अधिकारियों की खूब गर्म हुई जेबें, डीपीआरओ ने बैठाई जांच
बड़ौत (बागपत)। जनपद की 150 ग्राम पंचायतों में भारतीय प्रमाणीकरण संस्थान (आईएसआई) के मानकों को दरकिनार कर नॉन इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाने में 1.6 करोड़ का खेल सामने आया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीपीआरओ ने पूरे मामले में जांच बैठा दी है। जनपद के सभी छह ब्लॉक के बीडीओ को एक सप्ताह के अंदर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है।
जनपद में 244 ग्राम पंचायतें है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार दो साल में जनपद की 150 ग्राम पंचायतों में इंटर लॉकिग टाइल्स से रास्तों के निर्माणों मेें करीब 4.5 करोड़ रुपयों की धनराशि खर्च हुई है। हैरानी की बात यह है कि इनमें से लगभग 1.60 करोड़ की इंटरलॉकिंग टाइल्स मानकों को दरकिनार कर नॉन आईएसआई मार्का खपा दी गई है। इस गड़बड़झाले में ठेकेदार से लेकर ग्राम सचिव सहित ग्राम प्रधान व विभागीय अफसरों ने जेबें भरी है। अब मामला उजागर हुआ तो विभागीय अफसरों में हड़कंप मच गया। फिलहाल डीपीआरओ बनवारी सिंह ने पूरे मामले में जांच बैठा दी है। बागपत, बड़ौत, छपरौली, बिनौली, पिलाना और खेकड़ा के बीडीओ को एक सप्ताह के अंदर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है।
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जनपद में है 14 लाइसेंस धारक ठेकेदार
जनपद में लगभग 14 लाइसेंस धारक ठेकेदार है, जो आईएसआई मार्का से बनी इंटरलॉकिंग टाइल्स बनाने का काम करते है। यह ठेकेदार हर साल विभाग में लगभग 1.10 लाख रुपये राजस्व भी जमा करते है। इन लाइसेंस धारक ठेकेदारों के पास लैब टेस्टिंग की भी व्यवस्था होती है, जिसमें टाइल्स की गुणवत्ता की जांच की जाती है। मगर, इसके विपरीत जनपद में ऐसे बहुत से ठेकेदार है, जिनके पास न तो लाइसेंस है, न ही लैब टेस्टिंग व्यवस्था और न ही विभाग में किसी प्रकार का राजस्व जमा करते है।
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नॉन आईएसआई इंटरलॉकिंग टाइल्स गुणवत्ता में आधी
खंड विकास मुख्यालय बड़ौत पर तैनात अवर अभियंता लघु सिंचाई अमित देशवाल ने बताया कि आईएसआई के मानकों के अनुसार इंटरलॉकिंग टाइल्स का वजन 4.8 किलोग्राम होता है। इस टाइल्स की मोटाई 80 मिलीमीटर होती है, जिसकी कीमत लगभग 15 रुपये प्रति पीस होती है। इंटरलॉकिंग टाइल्स तैयार करते वक्त उस पर आईएसआई मार्का मुहर लगाई जाती है। मगर, आईएसआई मानकों को दरकिनार कर जो इंटरलॉकिंग टाइल्स तैयार कर ग्राम पंचायतों में लगाई जा रही है, उसका वजन 4.60 किलोग्राम है और मोटाई 75 मिलीमीटर के लगभग है। बाजार में ये नॉन आईएसआई मार्का टाइल्स लगभग नौ से दस रुपये में आती है।
मामला संज्ञान में आने के बाद प्रकरण में जांच बैठा दी गई है। सभी छह ब्लॉक बागपत, बड़ौत, छपरौली, बिनौली, पिलाना और खेकड़ा के बीडीओ को एक सप्ताह के अंदर आख्या देने के निर्देश दिए गए है। - बनवारी सिंह, डीपीआरओ।