{"_id":"57911f3a4f1c1b5a3dc4b89d","slug":"rld-jumped-compensation-battle","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुआवजे की लड़ाई में रालोद कूदा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुआवजे की लड़ाई में रालोद कूदा
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Fri, 22 Jul 2016 12:45 AM IST
विज्ञापन
निवाड़ा गांव में पंचायत में बोलते रालोद जिलाध्यक्ष सुखबीर सिंह गठीना।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बढ़े मुआवजे की मांग को लेकर तीन गांवों के किसानों की पंचायत निवाड़ा गांव में हुई। पंचायत में निर्णय लिया गया कि महाशिवरात्रि के बाद कलक्ट्रेट पर अनिश्चितकाल के लिए धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। मुआवजे के लिए जिला प्रशासन से आरपार की लड़ाई का एलान किया गया। रालोद पदाधिकारियों ने किसानों को अपना समर्थन दिया।
बृहस्पतिवार को निवाड़ा गांव स्थित चौधरी मुकर्रम के आवास पर गौरीपुर, निवाड़ा और सिसाना गांव के किसानों की पंचायत हुई। प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष रामपाल धामा और सुनील प्रधान ने बताया कि किसानों के साथ जिला प्रशासन का व्यवहार सही नहीं रहा है।
महाशिवरात्रि का जलाभिषेक के अगले ही दिन तीनों गांवों के किसान कलक्ट्रेट पर अनिश्चितकाल के लिए धरना प्रदर्शन होगा। दोबारा किसानों को लाठियां भांजी तो इसका जवाब दिया जाएगा। उन्होंने जिला प्रशासन से आरपार की लड़ाई का एलान कर दिया। किसान अखलाख ने बताया कि डीएम ही किसानों के बीच में मीडिएटर बनकर समझौता करा सकते हैं, लेकिन वह ऐसा नहीं कर रहे हैं।
विज्ञापन
वह, उन्हें टरका रहे हैं। अब तीनों गांवों के किसान लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है। रालोद जिलाध्यक्ष सुखबीर सिंह गठीना और अश्वनी तोमर पहुंचे। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने निवाड़ा, गौरीपुर और सिसाना गांव के किसानों के साथ धोखा किया है। सर्किल रेट से भी कई गुना कम जमीन का रेट दिया था, जो पूरी तरह गलत है।
1983 में हरियाणा को जोड़ने वाली सड़क का भी मुआवजा आज तक नहीं दिया गया है। रालोद तीनों गांवों के किसानों के साथ है। सरवर प्रधान, सावर अली, हाजी जमात, सत्तार, अंगूर ठेकेदार, सौराज, पारूख, हनीफ, सुगम चौहान, रामदास, जवाहर, लूम सिंह, रोहताश मौजूद रहे।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को निवाड़ा गांव स्थित चौधरी मुकर्रम के आवास पर गौरीपुर, निवाड़ा और सिसाना गांव के किसानों की पंचायत हुई। प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष रामपाल धामा और सुनील प्रधान ने बताया कि किसानों के साथ जिला प्रशासन का व्यवहार सही नहीं रहा है।
विज्ञापन
महाशिवरात्रि का जलाभिषेक के अगले ही दिन तीनों गांवों के किसान कलक्ट्रेट पर अनिश्चितकाल के लिए धरना प्रदर्शन होगा। दोबारा किसानों को लाठियां भांजी तो इसका जवाब दिया जाएगा। उन्होंने जिला प्रशासन से आरपार की लड़ाई का एलान कर दिया। किसान अखलाख ने बताया कि डीएम ही किसानों के बीच में मीडिएटर बनकर समझौता करा सकते हैं, लेकिन वह ऐसा नहीं कर रहे हैं।
विज्ञापन
वह, उन्हें टरका रहे हैं। अब तीनों गांवों के किसान लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है। रालोद जिलाध्यक्ष सुखबीर सिंह गठीना और अश्वनी तोमर पहुंचे। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने निवाड़ा, गौरीपुर और सिसाना गांव के किसानों के साथ धोखा किया है। सर्किल रेट से भी कई गुना कम जमीन का रेट दिया था, जो पूरी तरह गलत है।
1983 में हरियाणा को जोड़ने वाली सड़क का भी मुआवजा आज तक नहीं दिया गया है। रालोद तीनों गांवों के किसानों के साथ है। सरवर प्रधान, सावर अली, हाजी जमात, सत्तार, अंगूर ठेकेदार, सौराज, पारूख, हनीफ, सुगम चौहान, रामदास, जवाहर, लूम सिंह, रोहताश मौजूद रहे।