तीसरे दिन ही बहाल हो गए गोकशी पर सस्पेंड पुलिसवाले
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खेकड़ा क्षेत्र के गांव रटौल में 15 अप्रैल को सीओ श्वेतांभर पांडेय के नेतृत्व में छापामारी कर गोकशी करते हुए एक युवक पकड़ा था। जबकि उसके साथी भागने में कामयाब हो गए थे। पुलिस ने वहां से मांस और औजार बरामद किए थे। रटौल के लोगों ने राज्य मद्य निषेध परिषद के चेयरमैन डाक्टर कुलदीप उज्ज्वल के सामने खुलकर कहा था कि रटौल चौकी पुलिस के संरक्षण में गोकशी का धंधा चल रहा था।
एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए चौकी प्रभारी अनूप सिंह और सिपाही प्रेम सिंह को सस्पेंड कर दिया था। उसके बाद आरोपी पुलिस वालों की हिमायत शुरू हो गई थी। रटौल और क्षेत्र के लोगों ने पुलिस अफसरों के पास पहुुंचकर कहा था कि गोकशी चौकी प्रभारी की वजह से ही पकड़ी गई है। पुलिस वालों को इनाम मिलने के बजाए उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। वे अफसरों से पुलिस वालों की बहाली की मांग कर रहे थे।
जबकि विपक्षियों ने चेतावनी दी थी कि आरोपी पुलिस वाले बहाल किए गए तो इनके विरोध में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। एसपी ने इस मामले में चौकी प्रभारी अनूप सिंह और कांस्टेबल प्रेम सिंह को सोमवार को बहाल कर दिया है। इसको लेकर रटौल और क्षेत्र में खींचतान शुरू हो गई है।
कुछ लोग इसको सही बता रहे हैं तो कुछ गलत। इसको लेकर वहां पर टकराव की स्थिति बनी हुई है। एसपी रवि शंकर छवि का कहना है कि सस्पेंड किए गए दारोगा अनूप सिंह और कांस्टेबल प्रेम सिंह को बहाल कर दिया गया है। मामले की विभागीय जांच चल रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी।