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परदेसियों के नाम पर तीन साल तक डकारते रहे राशन
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बड़ौत तहसील में स्थित आपूर्ति कार्यालय में जांच के दौरान काटे गए अपात्र राशन कार्ड की रिपोर्ट तै?
- फोटो : BARAUT
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बड़ौत (बागपत)। जिले के करीब 250 परदेसियों के नाम पर बनाए गए राशनकार्ड के नाम तीन साल तक राशन विक्रेता खाद्यान्न डकारते रहे। इसका खुलासा राशन कार्ड में दर्ज यूनिटों को आधार कार्ड से लिंक कराने पर हुआ है। इसमें ऐसे लोगों के नाम सामने आए जो वर्तमान में हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली आदि प्रांतों में रह रहे हैं और वहां भी राशनकार्ड बनवा योजना का लाभ ले रहे हैं। फिलहाल क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी ने इन सभी राशन कार्डों को निरस्त कर विभाग के अफसरों को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की है।
शासन को लगातार शिकायत प्राप्त हो रही थी कि जनपद के राशन डीलर हर माह उन लोगों के नाम पर फर्जी राशन वितरण कर रिकार्ड को दुरुस्त कर रहे है जो वर्षों से गैर जनपदों और राज्यों में रह रहे है। मामले को गंभीरता से लेते हुए शासन के निर्देशों पर आपूर्ति विभाग के अफसरों ने जांच शुरू कराई तो राशनकार्ड में दर्ज यूनिटों को आधार कार्ड से लिंक किए जाने के बाद इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। जांच में जनपद के करीबन 250 लोग ऐसे पाए गए हैं जो पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र, दिल्ली आदि प्रांतों में काफी समय से रह रहे हैं और वहां भी राशनकार्ड भी बनवा रखे हैं। इनके नाम यहां भी राशनकार्डों में दर्ज हैं। इसका खुलासा होने के बाद क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी ने इन सभी राशन कार्डों को निरस्त कर विभाग के अफसरों को रिपोर्ट भेजी है।
तीन साल में दर्शाया 2664 क्विंटल राशन का वितरण
आपूर्ति विभाग के मुताबिक एक राशन कार्ड में तीन यूनिट मानी गई है। एक यूनिट पर तीन किलो गेहूं और दो किलो चावल मिला है यानी एक यूनिट पर पांच किलो राशन हो गया। ऐसे में 250 कार्ड पर एक माह में तकरीबन 74 क्विंटल राशन और साल में तकरीबन 888 क्विंटल वितरण किया गया। तीन साल में तकरीबन 2664 क्विंटल राशन वितरण दर्शाया गया है।
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250 अपात्र राशन कार्डों को निरस्त किया गया है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुए ऐसे नामों को सूची से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिन विवाहित युवतियों के नाम राशनकार्ड में दर्ज हैं, उनके नामों को भी राशनकार्डों से हटाने का कार्य शुरू करा दिया गया है। - आलोक कुमार, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी।
जनपद से बहुत से लोग बाहर जाकर रहने लगे है, ऐसे में उनके नाम से राशन वितरित करना दर्शाना गलत है। उन्होंने जनपद के राशन डीलरों से अपील की कि वे ऐसा न करें। यदि कोई व्यक्ति बाहर चला गया है कि उसकी सूचना आपूर्ति विभाग के अफसरों को दे और उसका नाम राशन कार्ड से हटा दें। - सुधीर दांगी, जिलाध्यक्ष, राशन विक्रेता कल्याण समिति।
तीन साल में निरस्त किए गए राशन कार्ड
वर्ष निरस्त कार्ड
2021 50
2020 120
2019 80
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शासन को लगातार शिकायत प्राप्त हो रही थी कि जनपद के राशन डीलर हर माह उन लोगों के नाम पर फर्जी राशन वितरण कर रिकार्ड को दुरुस्त कर रहे है जो वर्षों से गैर जनपदों और राज्यों में रह रहे है। मामले को गंभीरता से लेते हुए शासन के निर्देशों पर आपूर्ति विभाग के अफसरों ने जांच शुरू कराई तो राशनकार्ड में दर्ज यूनिटों को आधार कार्ड से लिंक किए जाने के बाद इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। जांच में जनपद के करीबन 250 लोग ऐसे पाए गए हैं जो पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र, दिल्ली आदि प्रांतों में काफी समय से रह रहे हैं और वहां भी राशनकार्ड भी बनवा रखे हैं। इनके नाम यहां भी राशनकार्डों में दर्ज हैं। इसका खुलासा होने के बाद क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी ने इन सभी राशन कार्डों को निरस्त कर विभाग के अफसरों को रिपोर्ट भेजी है।
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तीन साल में दर्शाया 2664 क्विंटल राशन का वितरण
आपूर्ति विभाग के मुताबिक एक राशन कार्ड में तीन यूनिट मानी गई है। एक यूनिट पर तीन किलो गेहूं और दो किलो चावल मिला है यानी एक यूनिट पर पांच किलो राशन हो गया। ऐसे में 250 कार्ड पर एक माह में तकरीबन 74 क्विंटल राशन और साल में तकरीबन 888 क्विंटल वितरण किया गया। तीन साल में तकरीबन 2664 क्विंटल राशन वितरण दर्शाया गया है।
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250 अपात्र राशन कार्डों को निरस्त किया गया है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुए ऐसे नामों को सूची से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिन विवाहित युवतियों के नाम राशनकार्ड में दर्ज हैं, उनके नामों को भी राशनकार्डों से हटाने का कार्य शुरू करा दिया गया है। - आलोक कुमार, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी।
जनपद से बहुत से लोग बाहर जाकर रहने लगे है, ऐसे में उनके नाम से राशन वितरित करना दर्शाना गलत है। उन्होंने जनपद के राशन डीलरों से अपील की कि वे ऐसा न करें। यदि कोई व्यक्ति बाहर चला गया है कि उसकी सूचना आपूर्ति विभाग के अफसरों को दे और उसका नाम राशन कार्ड से हटा दें। - सुधीर दांगी, जिलाध्यक्ष, राशन विक्रेता कल्याण समिति।
तीन साल में निरस्त किए गए राशन कार्ड
वर्ष निरस्त कार्ड
2021 50
2020 120
2019 80