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जाट आरक्षण के लिए होंगे सांकेतिक धरने
ब्यूरो/अमर उजाला, बड़ौत
Updated Tue, 07 Jun 2016 01:12 AM IST
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अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने बिरादरी के लोगों से अपील की है कि वे अपने नेताओं को टटोलें कि वे उनका साथ देंगे या नहीं। उन्होंने बताया बागपत जनपद में 10 जून को किशनपुर बिराल, 16 को पुसार और 25 को बड़ौत में सांकेतिक धरने-प्रदर्शन किए जाएंगे।
सोमवार को बावली रोड पर स्थित चौधरी एसोसिएट पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि जातीय भेदभाव जाटों के साथ हुआ है। इसे लेकर 15 दिन से शांतिपूर्वक धरने चल रहे हैं।
हरियाणा में पिछले दिनों हुई जातीय हिंसा के लिए उन्होंने वहां की सरकार, भाजपा के एक सांसद की बयानबाजी और अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा भाजपा ने उप्र में जाट-मुस्लिम को भिड़ाया और हरियाणा में जाट और गैर जाट की लड़ाई कराई, लेकिन केंद्र सरकार चुप्पी साधे है।
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उन्होंने कहा अब पंजाब और उत्तराखंड में होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा को इसका परिणाम भोगना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा मथुरा कांड पर रोज बयानबाजी कर रही है, लेकिन हरियाणा हिंसा पर कुछ नहीं बोलती।
उन्होंने बताया पश्चिमी उप्र में 8 से 30 जून तक जाट आरक्षण को लेकर शांतिपूर्वक धरने-प्रदर्शन किए जाएंगे। उन्होंने मांग की कि सरकार संसद के मानसून सत्र में जाट आरक्षण का बिल पास कराए।
इस दौरान युवा प्रदेशाध्यक्ष अभिषेक तोमर, जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिंह, युवा जिलाध्यक्ष कमल सिंह तोमर, डॉ. जितेंद्र तोमर उर्फ बिल्लू, बीएस अहलावत, संजीव तोमर, विनोद तोमर, अरविंद प्रधान आदि मौजूद रहे।
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सोमवार को बावली रोड पर स्थित चौधरी एसोसिएट पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि जातीय भेदभाव जाटों के साथ हुआ है। इसे लेकर 15 दिन से शांतिपूर्वक धरने चल रहे हैं।
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हरियाणा में पिछले दिनों हुई जातीय हिंसा के लिए उन्होंने वहां की सरकार, भाजपा के एक सांसद की बयानबाजी और अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा भाजपा ने उप्र में जाट-मुस्लिम को भिड़ाया और हरियाणा में जाट और गैर जाट की लड़ाई कराई, लेकिन केंद्र सरकार चुप्पी साधे है।
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उन्होंने कहा अब पंजाब और उत्तराखंड में होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा को इसका परिणाम भोगना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा मथुरा कांड पर रोज बयानबाजी कर रही है, लेकिन हरियाणा हिंसा पर कुछ नहीं बोलती।
उन्होंने बताया पश्चिमी उप्र में 8 से 30 जून तक जाट आरक्षण को लेकर शांतिपूर्वक धरने-प्रदर्शन किए जाएंगे। उन्होंने मांग की कि सरकार संसद के मानसून सत्र में जाट आरक्षण का बिल पास कराए।
इस दौरान युवा प्रदेशाध्यक्ष अभिषेक तोमर, जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिंह, युवा जिलाध्यक्ष कमल सिंह तोमर, डॉ. जितेंद्र तोमर उर्फ बिल्लू, बीएस अहलावत, संजीव तोमर, विनोद तोमर, अरविंद प्रधान आदि मौजूद रहे।