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Baghpat News: पोस्टमार्टम नहीं कराने पर अड़े जैन समाज के लोगों का हंगामा, एंबुलेंस रोकी
Wed, 29 Jan 2025 12:46 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Wed, 29 Jan 2025 12:46 AM IST
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बड़ौत में निर्वाण महोत्सव स्थल के बाहर घटना के बाद लगी भीड़। संवाद
बड़ौत/बागपत। निर्वाण महोत्सव के दौरान हुए हादसे में मृतकों के शव को अधिकारी पोस्टमार्टम के लिए भेजने लगे। इसपर जैन समाज के लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया और पोस्टमार्टम नहीं कराने की जिद पर अड़ गए। एसपी अर्पित विजयवर्गीय व डीएम अस्मिता लाल ने पोस्टमार्टम नहीं कराने की बात लिखकर देने के लिए कहा और मृतकों के शव बड़ौत सीएचसी में मंगवाए गए। इसके बाद ही लोग शांत हुए।
निजी अस्पताल पर पहुंचे एसपी व डीएम ने वहां से सभी चार शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाने के आदेश दिए तो एंबुलेंस में कर्मचारी शव को रखकर ले जाने लगे। तभी उनके परिजनों व जैन समाज के लोगों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। इस पर एसपी ने उनको समझाने का प्रयास किया, मगर लोग नहीं माने। वह हंगामा करने लगे और एंबुलेंस के सामने भीड़ जमा हो गई। एसपी ने उनको कहा कि वह अगर लिखकर देते हैं कि उनको पोस्टमार्टम नहीं कराना है तो पोस्टमार्टम नहीं कराया जाएगा। मगर, पुलिस जिला अस्पताल में कागजी कार्रवाई करके शव उनके सुपुर्द कर देगी।
इसके बाद भी परिजन व अन्य लोग हंगामा करते रहे कि वे शव को जिला अस्पताल नहीं जाने देंगे और इसको लेकर अधिकारियों के साथ उनकी नोकझोंक होने लगी। तब सहमति बनी कि सभी के शव बड़ौत सीएचसी पर रखवाए जाएंगे और वहां कागजी कार्रवाई करने के बाद शव को परिजनों को सुपुर्द कर दिया जाएगा। वहां से सभी शव बड़ौत सीएचसी पर भिजवाए गए और जिला अस्पताल से भी शव वहां मंगवाया गया। वहां से केवल एक शिक्षक अरुण जैन के शव को परिजनों के कहने पर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। वहां से पांच शव को कागजी कार्रवाई के बाद परिजनों को सौंप दिया गया और शिक्षक के शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा गया। इन सभी के शव का शाम को अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार में जैन समाज के काफी लोगों के साथ ही नेता भी शामिल रहे।
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निजी अस्पताल पर पहुंचे एसपी व डीएम ने वहां से सभी चार शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाने के आदेश दिए तो एंबुलेंस में कर्मचारी शव को रखकर ले जाने लगे। तभी उनके परिजनों व जैन समाज के लोगों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। इस पर एसपी ने उनको समझाने का प्रयास किया, मगर लोग नहीं माने। वह हंगामा करने लगे और एंबुलेंस के सामने भीड़ जमा हो गई। एसपी ने उनको कहा कि वह अगर लिखकर देते हैं कि उनको पोस्टमार्टम नहीं कराना है तो पोस्टमार्टम नहीं कराया जाएगा। मगर, पुलिस जिला अस्पताल में कागजी कार्रवाई करके शव उनके सुपुर्द कर देगी।
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इसके बाद भी परिजन व अन्य लोग हंगामा करते रहे कि वे शव को जिला अस्पताल नहीं जाने देंगे और इसको लेकर अधिकारियों के साथ उनकी नोकझोंक होने लगी। तब सहमति बनी कि सभी के शव बड़ौत सीएचसी पर रखवाए जाएंगे और वहां कागजी कार्रवाई करने के बाद शव को परिजनों को सुपुर्द कर दिया जाएगा। वहां से सभी शव बड़ौत सीएचसी पर भिजवाए गए और जिला अस्पताल से भी शव वहां मंगवाया गया। वहां से केवल एक शिक्षक अरुण जैन के शव को परिजनों के कहने पर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। वहां से पांच शव को कागजी कार्रवाई के बाद परिजनों को सौंप दिया गया और शिक्षक के शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा गया। इन सभी के शव का शाम को अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार में जैन समाज के काफी लोगों के साथ ही नेता भी शामिल रहे।
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