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पाला और कोहरा होने से फसलों को खतरा

Fri, 03 Jan 2020 12:39 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 03 Jan 2020 12:39 AM IST
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पाला और कोहरा होने से फसलों को खतरा
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बागपत। पाला और कोहरा होने सेआलू, सरसों और टमाटर की फसलों में बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है। इससे बचाव बेहद जरूरी है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने कहा कि किसान थोड़ी सी जागरूकता से फसलों को सुरक्षित कर सकते हैं।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी डॉ. सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि अगेती झुलसा रोग के शुरूआत में आलू की निचली एवं पुरानी पत्ती पर छोटे-छोटे भूरे धब्बे बन जाते हैं। पछेता झुलसा रोग फसल का सबसे भयंकर रोग हैं। मौसम में बादल होने पर यह रोग तेजी से फैलता है। इस रोग में पौधों की पत्तियां किनारों से सूखना शुरू का देती है। धीरे-धीरे पूरी पत्तियां सूख जाती है और पौधा नष्ट हो जाता है। दोनों रोगों से बचाव के लिए जिनेब 75 प्रतिशत 2 से 2.5 किलोग्राम या कापर आक्सीक्लोराइड 50 प्रतिशत 2.00 किलोग्राम मात्रा को 500-600 लीटर पर में घोलकर प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करने पर लाभ मिलेगा।
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सरसों की फसल में आल्टरनेरिया पत्ती धब्बा रोग का प्रकोप हो जाता है। रोग की चपेट में आने से पत्तियों एवं फलियों पर गहरे कत्थई रंग के धब्बे बनते हैं, जो गोल छल्ले के रूप में दिखाई पड़ते हैं। अधिक प्रकोप की दशा में धब्बे आपस में मिलकर पत्तियां सूख जाती है। सफेद गेरूई रोग पत्तियों की निचली सतह पर सफेद फफोले बनते हैं। इससे पत्तियां पीली होकर सूख जाती है। फूल आने की अवस्था में पुष्पकम सूखने लगता है, इससे फली नहीं बनती है। रोगों के नियंत्रण के लिए मैंकोजेब 75 प्रतिशत डब्ल्यूपी की 2.0 किलोग्राम अथवा जिनेब 75 प्रतिशत डब्ल्यपी की 2.0 किलोग्राम कॉपर आक्सीक्लोराइड 50 प्रतिशत डब्ल्यूपी की 3.0 किलोग्राम मात्रा को प्रति हेक्टेयर की दर से 500-600 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करना चाहिए। इससे रोग फसल सुरक्षित होगी।
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इसके अलावा टमाटर में अगेता झुलसा रोग का प्रकोप हो जाता है। यह रोग आल्टरनेरिया सोलेनी नाम फफूंदी से होता है। पुरानी पत्तियों पर छोटे-छोटे गोल एवं काले रंग के धब्बे के रूप में प्रकट होता है। प्रभावित पत्तियां पीली पड़ कर सूख जाती है। सूखकर नीचे गिर जाती है। रोग के नियंत्रण के लिए कैंकोजेब 75 प्रतिशत 2 से 2.5 किलोग्राम मात्रा को 500-600 लीटर पानी में घोलकर प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करने पर लाभ मिलेगा। जिला कृषि रक्षा अधिकारी डॉ. सूर्य प्रताप सिंह ने फसलों को सुरक्षित करने के लिए दवा का छिड़काव समय पर करेंगे तो लाभ मिलेगा।
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