कृष्णपाल के घर दौड़े अफसर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बुधवार की सुबह कंडेरा गांव में दलित कृष्णपाल पर उस समय तेजाब फेंक दिया गया था, जब वह मशीन पर चारा काट रहा था। झुलसने के बाद परिजन उसे दिल्ली में जीटीवी अस्पताल ले गए थे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। बृहस्पतिवार को उसके बेटे सचिन ने अज्ञात लोगों के खिलाफ पिता को तेजाब छिड़क कर जलाकर मारने की तहरीर दी थी। पुलिस ने इसे आत्महत्या बताया था।
शुक्रवार को डीएम और एसपी गांव पहुंचे और उन्होंने कृष्णपाल की पत्नी सुनीता, बेटे सचिन, बेटी ऋतु, पायल, नेहा से बातचीत की और घटना स्थल का भी बारीकी से निरीक्षण किया। एसपी ने बताया कि जिस स्थान पर तेल छिड़क कर जलाकर मारने की बात कही गई, वहां पर आसपास कोई साक्ष्य नहीं मिले है। मृतक के बेटे सचिन की तहरीर पर रमाला पुलिस ने धारा 302 आईपीसी के तहत मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने वहां से कुछ साक्ष्य भी एकत्रित किए है और थाना प्रभारी सतीश चंद्र को पोस्टमार्टम रिपोर्ट लाने के लिए जीटीवी दिल्ली भेजा गया है। उधर, पत्नी सुनीता ने अधिकारियों को बताया कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। हाल में ही बड़ी बेटी प्रीति की शादी हुई थी। जांच में यह भी आया है कि मृतक कृष्णपाल ने अपने परिवार के ही सुरेंद्र से 70 हजार रुपये व गांव के ओमवीर एवं करण से पैसा उधार लिया था। ग्राम वासियों ने अधिकारियों को यह भी बताया कि वह एक दिन पहले काफी उदास था। एसपी ने बताया कि अभी हत्या की गई है, यह स्पष्ट नहीं है। यह जांच का बिंदू है।
पीड़ित परिवार की कराई जाएगी मदद : विधायक
बड़ौत। बसपा के बड़ौत विधायक लोकेश दीक्षित और जिलाध्यक्ष जय कुमार जाटव ने भी कंडेरा गांव पहुंचकर परिजनों से घटनाक्रम की जानकारी ली और शोक संवेदना प्रकट की। उन्होंने परिजनों को आश्वासन दिया कि वे इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराएंगे और पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद भी दिलाएंगे।
अधिकारियों ने घटनाक्रम का कराया रिहर्सल
बड़ौत। डीएम और एसपी ने घटनास्थल पर घटनाक्रम का रिहर्सल भी कराया। एसपी ने बताया कि जिस तरह से परिजन घटना होना बता रहे है, उस तरह से आग नहीं लग सकती है और यह बात गले नहीं उतर रही है। दूसरी ओर कृष्णपाल अपने घर में चारपाई पर सोया हुआ था और उसके पास ही पूरा परिवार भी सोया हुआ था, लेकिन वहां कुछ भी नहीं जला।