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Baghpat News: मंशापूर्ण महावीर विधान में पूजा कर अर्घ्य समर्पित किए
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-जैन संत आचार्य सौरभ सागर महाराज के पावन सानिध्य में हुई पूजा
फोटो संख्या 4
बिनौली। श्री दिगम्बर जैन पुराना मंदिर बिनौली में मंगलवार को जैन संत आचार्य सौरभ सागर महाराज के पावन सानिध्य में मंशापूर्ण महावीर विधान हुआ। इसमें श्रद्धालुओं ने विधि विधान पूर्वक पूजा अर्चना कर भगवान श्री को अर्घ्य समर्पित किए।
विधानाचार्य विमल शास्त्री के निर्देशन में श्रद्धालुओं ने प्रातःकाल सर्व प्रथम भक्तिभाव से वृहद शांतिधारा की। इसके बाद इंद्र-इंद्राणियों ने मंत्रोच्चारण के साथ जिनेंद्र प्रभु के समक्ष मंडल पर अर्घ्य समर्पित कर मंशा पूर्ण महावीर विधान की मांगलिक क्रियाएं संपन्न कीं। इस दौरान आचार्य सौरभ सागर महाराज ने भगवान महावीर स्वामी के पांचों कल्याणकों का वर्णन करते हुए कहा कि यदि मनुष्य अपने जीवन में सुख और शांति चाहता है तो उसे भगवान महावीर स्वामी के बताये मार्गों पर चलना होगा। उन्होंने कहा कि भगवान महावीर ने राजा श्रेणिक, चंदनबाला जाने कितनों का कल्याण किया। उन्होंने अहिंसा, सत्य, आचार्य, ब्रह्मचार्य और अपरिग्रह के लिए कहा कि व्यक्ति को अपना जीवन वशिष्ट बनाना है तो इनको अपनाना होगा। विधान में सत्यप्रकाश गोयल, अनुज जैन, मदन जैन, मदनलाल जैन, जिवेंद्र जैन, नीरज जैन, सचिन जैन, अनुभव जैन, रविन्द्र जैन, भावुक जैन आदि उपस्थित रहे।
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फोटो संख्या 4
बिनौली। श्री दिगम्बर जैन पुराना मंदिर बिनौली में मंगलवार को जैन संत आचार्य सौरभ सागर महाराज के पावन सानिध्य में मंशापूर्ण महावीर विधान हुआ। इसमें श्रद्धालुओं ने विधि विधान पूर्वक पूजा अर्चना कर भगवान श्री को अर्घ्य समर्पित किए।
विधानाचार्य विमल शास्त्री के निर्देशन में श्रद्धालुओं ने प्रातःकाल सर्व प्रथम भक्तिभाव से वृहद शांतिधारा की। इसके बाद इंद्र-इंद्राणियों ने मंत्रोच्चारण के साथ जिनेंद्र प्रभु के समक्ष मंडल पर अर्घ्य समर्पित कर मंशा पूर्ण महावीर विधान की मांगलिक क्रियाएं संपन्न कीं। इस दौरान आचार्य सौरभ सागर महाराज ने भगवान महावीर स्वामी के पांचों कल्याणकों का वर्णन करते हुए कहा कि यदि मनुष्य अपने जीवन में सुख और शांति चाहता है तो उसे भगवान महावीर स्वामी के बताये मार्गों पर चलना होगा। उन्होंने कहा कि भगवान महावीर ने राजा श्रेणिक, चंदनबाला जाने कितनों का कल्याण किया। उन्होंने अहिंसा, सत्य, आचार्य, ब्रह्मचार्य और अपरिग्रह के लिए कहा कि व्यक्ति को अपना जीवन वशिष्ट बनाना है तो इनको अपनाना होगा। विधान में सत्यप्रकाश गोयल, अनुज जैन, मदन जैन, मदनलाल जैन, जिवेंद्र जैन, नीरज जैन, सचिन जैन, अनुभव जैन, रविन्द्र जैन, भावुक जैन आदि उपस्थित रहे।
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