नगर और ग्रामीण क्षेत्र में कोहरे की दस्तक
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बुधवार की सुबह घने कोहरे के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। बाजार भी वीरान से दिखाई दिए। सड़कों पर वाहन रेंगते दिखाई दिए। दिल्ली-सहारनपुर यमुनौत्री हाईवे पर वाहनों की गति धीमी दिखाई दी और वाहन चालक एक दूसरे के वाहन के पीछे लाइन लगाकर चलते दिखाई दिए। कोहरे के कारण स्कूली बच्चों को भी काफी परेशानी का सामना उठाना पड़ा। इससे अभिभावक चिंतित रहे। पूरे दिन नगर को कोहरे ने ढके रखा। शाम ढलते ही कोहरे की चाल बढ़ गई और घरों में ही रहे। इससे पूरे दिन जन-जीवन अस्त-व्यस्त रहा।
वहीं स्कूलों में जाने वाले बच्चों को भी घने कोहरे और कड़ाके की ठंड से सिकुड़ते नजर आए। रेल मार्ग भी कोहरे के कारण प्रभावित रहा। हरिद्वार से दिल्ली जाने वाली ट्रेन तीन घंटे लेट बड़ौत पहुंची। इससे लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। दिन छिपते ही फिर कोहरे ने नगर को अपने आगोश में ले लिया और सड़कों पर विरानी छाई दिखाई दी और लोग अपने घरों में दुबक गए।
ठिठुरते हुए स्कूल पहुंचे बच्चे
बागपत। मंगलवार शाम से ही कोहरे ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया था। रात के समय कोहरे की अधिकता रही। बुधवार सुबह 11 बजे तक कोहरा रहा। इस बीच वाहनों की रफ्तार धीमी रही। सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए। सबसे अधिक समस्या स्कूली बच्चों को हुई। ठंड के कारण बच्चे ठिठुरते हुए स्कूल पहुंचे। निवाड़ा, चमरावल रोड समेत अन्य कई जगह पर बच्चों ने अलाव भी सेंका। अभिभावकों का कहना था कि अगर ऐसी ही ठंड रही तो स्कूलों में अवकाश घोषित किया जाना चाहिए। कोहरे से अधिक परेशानी हो रही है। मंगलवार को जहां न्यूनतम पारा 15 डिग्री पर था, वहीं बुधवार को यह लुढ़ककर 11 डिग्री पर पहुंच गया। इससे एकाएक ठंड बढ़ी और लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
सरकारी स्कूलों में बदहाल सिस्टम
ठंड में सरकारी स्कूलों में बच्चों को और अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। यहां शिक्षकों से पहले बच्चे पहुंच गए, लेकिन काफी देर इंतजार करने के बाद क्लासरूम खुले, तब कहीं जाकर बच्चे अपनी-अपनी कक्षाओं में बैठे।