मलकपुर मिल मालिकों पर मुकदमा दर्ज करने के आदेश
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बदरखा गांव के किसान कंवरपाल ने एसबीईसी शुगर मिल मलकपुर के निदेशक अभिषेक मोदी, उमेश कुमार मोदी, कुमकुम मोदी, जयेश मोदी के खिलाफ वाद दायर करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। सीजेएम मुकेश कुमार ने पांच बिंदुओं पर बड़ौत पुलिस से आख्या मांगी थी, लेकिन पुलिस के नोटिस पर शुगर मिल ने कोई भी वांछित सूचना उपलब्ध नहीं कराई। बृहस्पतिवार को सीजेएम ने सुनवाई की। पीड़ित किसान के अधिवक्ता कृष्ण कुमार ने पक्ष रखा। सीजेएम ने बड़ौत कोतवाली पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। प्रार्थना पत्र में दिए गए तथ्यों के आधार पर पुलिस जांच करेगी और मुकदमा दर्ज होगा। यही नहीं 24 घंटे में मुकदमा दर्ज कर इसकी एक प्रति कोर्ट में दाखिल करनी होगी।
कोर्ट ने क्या मांगे थे तथ्य
किसान कंवरपाल की पर्चियों का सत्यापन और भुगतान की जांच करने की बात कही थी। मिल ने वित्तीय वर्ष 2014-15 और वर्ष 2015-16 में मिल को क्या कोई अनुदान मिला है। इन दोनों सत्रों की बैलेंस सीट और मिल की आय जाननी चाही थी। मिल के प्रपत्र की स्थिति जाननी चाही थी।
पुलिस ने कोर्ट में दिया जवाब
पुलिस की ओर से कोर्ट में जो जवाब दिया गया है, उसमें लिखा गया है कि मिल ने कहा है कि गन्ना सहकारी समिति के द्वारा खरीदा जाता है और भुगतान भी समिति के द्वारा ही किया जाता है। जबकि प्रार्थी ने स्पष्ट तौर पर लिखा है कि मुख्य लाभार्थी निदेशकगण है और भुगतान का अंतिम दायित्व भी उनका ही है।