{"_id":"56f6ebbc4f1c1b6731f14dfe","slug":"lapse","type":"story","status":"publish","title_hn":"...तो 20 करोड़ रुपये हो जाएंगे लैप्स?","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
...तो 20 करोड़ रुपये हो जाएंगे लैप्स?
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत
Updated Sun, 27 Mar 2016 01:43 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागपत । अधिकारियों की उदासीनता और आपसी खींचतान जिले के गांवों के विकास को पलीता लगा दिया है।
राज्य वित्त एवं 13वें वित्त का लगभग 20 करोड़ रुपया मात्र एक हस्ताक्षर के लिए एक माह से खाते में पड़ा है, गांवों को स्थानांतरित नहीं हो सका है। जबकि वित्तीय वर्ष समाप्त होने में सिर्फ चार दिन बचे हैं। यही खींचतान चलती रही तो जिले के विकास के लिए आया 20 करोड़ रुपया लैप्स हो जाएगा।
बागपत को वैसे ही बजट नहीं मिल पा रहा है, गांवों के लिए बजट आ भी गया तो अधिकारियों की उदासीनता और खींचतान की भेंट चढ़ने जा रहा है। जिला पंचायत अधिकारी सर्वेश को वित्तीय अधिकार न होने के कारण इस बजट को निकलवाया नहीं जा सका है। जबकि जिला पंचायत राज अधिकारी ने दावा किया कोर्ट से वित्तीय अधिकार के लिए 24 फरवरी को आदेश होने के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर अनुमति नहीं दी जा रही है।
शासन से आदेश मंगवाए जा रहे हैं, जबकि कोर्ट के आदेश में प्रशासनिक अधिकारी भी पार्टी हैं। लेकिन प्रशासनिक अधिकारी शासन के आदेश के इंतजार में है। एक माह से अधिक तो बीत गया इंतजार में, अब चार दिन में आदेश नहीं आया तो पूरे बीस करोड़ रुपये लैप्स हो जाएंगे।
विज्ञापन
जिला पंचायत राज अधिकारी सर्वेश पांडेय ने कहा कि पूरा प्रयास कर रहे हैं कि सोमवार को आदेश प्रशासन को प्राप्त हो जाएं। ऐसा नहीं हुआ तो जिले को काफी नुकसान हो जाएगा। वह लगातार शासन और प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र भेज रहे हैं।
विज्ञापन
राज्य वित्त एवं 13वें वित्त का लगभग 20 करोड़ रुपया मात्र एक हस्ताक्षर के लिए एक माह से खाते में पड़ा है, गांवों को स्थानांतरित नहीं हो सका है। जबकि वित्तीय वर्ष समाप्त होने में सिर्फ चार दिन बचे हैं। यही खींचतान चलती रही तो जिले के विकास के लिए आया 20 करोड़ रुपया लैप्स हो जाएगा।
बागपत को वैसे ही बजट नहीं मिल पा रहा है, गांवों के लिए बजट आ भी गया तो अधिकारियों की उदासीनता और खींचतान की भेंट चढ़ने जा रहा है। जिला पंचायत अधिकारी सर्वेश को वित्तीय अधिकार न होने के कारण इस बजट को निकलवाया नहीं जा सका है। जबकि जिला पंचायत राज अधिकारी ने दावा किया कोर्ट से वित्तीय अधिकार के लिए 24 फरवरी को आदेश होने के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर अनुमति नहीं दी जा रही है।
विज्ञापन
शासन से आदेश मंगवाए जा रहे हैं, जबकि कोर्ट के आदेश में प्रशासनिक अधिकारी भी पार्टी हैं। लेकिन प्रशासनिक अधिकारी शासन के आदेश के इंतजार में है। एक माह से अधिक तो बीत गया इंतजार में, अब चार दिन में आदेश नहीं आया तो पूरे बीस करोड़ रुपये लैप्स हो जाएंगे।
विज्ञापन
जिला पंचायत राज अधिकारी सर्वेश पांडेय ने कहा कि पूरा प्रयास कर रहे हैं कि सोमवार को आदेश प्रशासन को प्राप्त हो जाएं। ऐसा नहीं हुआ तो जिले को काफी नुकसान हो जाएगा। वह लगातार शासन और प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र भेज रहे हैं।