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जवान का शव पहुंचते ही मचा कोहराम
अमर उजाला बागपत
Updated Wed, 17 Aug 2016 01:25 AM IST
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बिजरौल गांव में मृतक सैनिक को मुखाग्नि देता बच्चा।
- फोटो : अमर उजाला
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बागपत के बिजरौल गांव में जवान का शव पहुंचते ही लोगों की भीड़ जमा हो गई। जवान की शव यात्रा में हजारों लोगों ने शिरकत की। श्मशान घाट में पहुंचकर प्रशासनिक अधिकारियों, विधायक समेत अन्य गणमान्य लोगों ने शोक संवेदना व्यक्त की। जवान के पांच साल के बेटे ने शव को मुखाग्नि दी।
मृतक जवान सुनील उम्र 28 वर्ष पुत्र विरेंद्र बिजरौल गांव का रहने वाला है। वह 2005 में मेरठ में भर्ती हुआ था। हाल में वह जम्मू के लाल बाग में तैनात था। 14 अगस्त को दोपहर साढ़े 12 बजे जब वह मशीन से घास काट रहा था, तभी उसकी मौत हो गई। इसकी सूचना उसी दिन फोन कर गांव की प्रधान के पति रविंद्र को दी। सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। मंगलवार की तड़के उसका शव जैसे ही गांव पहुंचा तो उनके घर पर लोगों की भीड़ जमा हो गई । जवान सुनील का शव घर आते ही मां सुंदरी और पत्नी पारुल का बुरा हाल था।
सूचना पर एसडीएम दिपाली कौशिक और सीओ सीपी सिंह भी गांव पहुंचे। जवान की शव यात्रा में हजारों लोगों ने शिरकत की। श्मशान घाट में पहुंचकर एसडीएम और सीओ, विधायक वीरपाल राठी समेत अन्य गणमान्य लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित की। बाद में जनाव सुनील के पांच वर्षीय बेटे अभिनव ने शव को मुखाग्नि दी और सेना के जवानों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। मृतक जवान दो भाई है। एक भाई सुशील दिल्ली में अध्यापक है। जवान की मौत से पूरा गांव शोक में डूबा है।
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मृतक जवान सुनील उम्र 28 वर्ष पुत्र विरेंद्र बिजरौल गांव का रहने वाला है। वह 2005 में मेरठ में भर्ती हुआ था। हाल में वह जम्मू के लाल बाग में तैनात था। 14 अगस्त को दोपहर साढ़े 12 बजे जब वह मशीन से घास काट रहा था, तभी उसकी मौत हो गई। इसकी सूचना उसी दिन फोन कर गांव की प्रधान के पति रविंद्र को दी। सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। मंगलवार की तड़के उसका शव जैसे ही गांव पहुंचा तो उनके घर पर लोगों की भीड़ जमा हो गई । जवान सुनील का शव घर आते ही मां सुंदरी और पत्नी पारुल का बुरा हाल था।
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सूचना पर एसडीएम दिपाली कौशिक और सीओ सीपी सिंह भी गांव पहुंचे। जवान की शव यात्रा में हजारों लोगों ने शिरकत की। श्मशान घाट में पहुंचकर एसडीएम और सीओ, विधायक वीरपाल राठी समेत अन्य गणमान्य लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित की। बाद में जनाव सुनील के पांच वर्षीय बेटे अभिनव ने शव को मुखाग्नि दी और सेना के जवानों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। मृतक जवान दो भाई है। एक भाई सुशील दिल्ली में अध्यापक है। जवान की मौत से पूरा गांव शोक में डूबा है।
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