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इंटर अंग्रेेजी प्रथम का प्रश्नपत्र लीक
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 14 Apr 2017 12:34 AM IST
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इंटर अंग्रेेजी प्रथम का प्रश्नपत्र लीक
- फोटो : अमर उजाला
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बागपत। यूपी बोर्ड की 12वीं कक्षा के अंग्रेजी विषय का प्रथम प्रश्नपत्र लीक हो गया। परीक्षा से करीब दो घंटे पहले ही व्हाट्स एप के जरिये अंग्रेजी का प्रश्नपत्र जिलेभर में अधिकतर परीक्षार्थियों तक पहुंच गया।
संयुक्त शिक्षा निदेशक मेरठ के आदेश पर परीक्षा केेंद्रों पर प्रश्नपत्रों की जांच कराई, लेकिन सब दुरुस्त मिला। डीआईओएस ने कहा माफिया ने किसी अन्यत्र जिले से प्रश्नपत्र लीक कराने के बाद जिले में वायरल किया है।
बृहस्पतिवार को यूपी बोर्ड की 12वीं कक्षा की प्रथम पाली में नागरिक शास्त्र द्वितीय और द्वितीय पाली में अंग्रेजी प्रथम प्रश्नपत्र की परीक्षा थी। संयुक्त शिक्षा निदेशक मेरठ डॉ. महेंद्र देव को शिकायत की गई बड़ौत में पांच सौ रुपये में परीक्षा से पहले ही हस्तलिखित प्रश्नपत्र मिल रहा है। जेडी के आदेश पर डीआईओएस ने पांच टीमों का गठन किया। जिले के 61 परीक्षा केंद्रों में प्रश्नपत्रों के लिफाफे चेक कराए।
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एक तरफ शिक्षा विभाग की टीम परीक्षा केंद्रों में जांच कर रही थी, तो दूसरी तरफ प्रश्नपत्र व्हाट्स एप के जरिये एक से दूसरे मोबाइल में वायरल हो रहा था। द्वितीय पाली की परीक्षा शुरू हुई तो वायरल हो रहे प्रश्नपत्र का कंट्रोल रूम में मिलान कराया । डीआईओएस ने स्वीकार किया वायरल प्रश्नपत्र का हू ब हू मिलान हुआ है। डीआईओएस पीके मिश्रा ने कहा पर्यवेक्षक डॉ. कीर्ति गौतम ने भी दस सेंटरों में जांच की, लेकिन बागपत में कोई गड़बड़ी नहीं मिली है।
प्रश्नपत्र कहां से व्हाट्स एप पर वायरल हुआ, इसकी जांच कराई जा रही है। इसकी रिपोर्ट संयुक्त शिक्षा निदेशक और डीएम ह्दय शंकर तिवारी को भेजी गई है। साइबर क्राइम के जरिये प्रश्नपत्र किसी अन्य जिले से लीक कराया गया है, इसकी जांच होनी चाहिए।
उधर, आदर्श वैदिक विद्यालय, नंगला सिनौली के प्रधानाचार्य सुक्रम पाल तोमर का कहना है कि पेपर लीक का यह पहला मामला नहीं है। बोर्ड परीक्षा के दौरान कई प्रश्नपत्र ली हुए। जिले में कई क्षेत्रों में फोटो स्टेट कराकर पांच सौ पांच सौ रुपये में बिक्री की गई। इसकी शिकायत और कार्रवाई करने पर उन्हें केंद्र व्यवस्थापक पद से हटाया था।
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संयुक्त शिक्षा निदेशक मेरठ के आदेश पर परीक्षा केेंद्रों पर प्रश्नपत्रों की जांच कराई, लेकिन सब दुरुस्त मिला। डीआईओएस ने कहा माफिया ने किसी अन्यत्र जिले से प्रश्नपत्र लीक कराने के बाद जिले में वायरल किया है।
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बृहस्पतिवार को यूपी बोर्ड की 12वीं कक्षा की प्रथम पाली में नागरिक शास्त्र द्वितीय और द्वितीय पाली में अंग्रेजी प्रथम प्रश्नपत्र की परीक्षा थी। संयुक्त शिक्षा निदेशक मेरठ डॉ. महेंद्र देव को शिकायत की गई बड़ौत में पांच सौ रुपये में परीक्षा से पहले ही हस्तलिखित प्रश्नपत्र मिल रहा है। जेडी के आदेश पर डीआईओएस ने पांच टीमों का गठन किया। जिले के 61 परीक्षा केंद्रों में प्रश्नपत्रों के लिफाफे चेक कराए।
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एक तरफ शिक्षा विभाग की टीम परीक्षा केंद्रों में जांच कर रही थी, तो दूसरी तरफ प्रश्नपत्र व्हाट्स एप के जरिये एक से दूसरे मोबाइल में वायरल हो रहा था। द्वितीय पाली की परीक्षा शुरू हुई तो वायरल हो रहे प्रश्नपत्र का कंट्रोल रूम में मिलान कराया । डीआईओएस ने स्वीकार किया वायरल प्रश्नपत्र का हू ब हू मिलान हुआ है। डीआईओएस पीके मिश्रा ने कहा पर्यवेक्षक डॉ. कीर्ति गौतम ने भी दस सेंटरों में जांच की, लेकिन बागपत में कोई गड़बड़ी नहीं मिली है।
प्रश्नपत्र कहां से व्हाट्स एप पर वायरल हुआ, इसकी जांच कराई जा रही है। इसकी रिपोर्ट संयुक्त शिक्षा निदेशक और डीएम ह्दय शंकर तिवारी को भेजी गई है। साइबर क्राइम के जरिये प्रश्नपत्र किसी अन्य जिले से लीक कराया गया है, इसकी जांच होनी चाहिए।
उधर, आदर्श वैदिक विद्यालय, नंगला सिनौली के प्रधानाचार्य सुक्रम पाल तोमर का कहना है कि पेपर लीक का यह पहला मामला नहीं है। बोर्ड परीक्षा के दौरान कई प्रश्नपत्र ली हुए। जिले में कई क्षेत्रों में फोटो स्टेट कराकर पांच सौ पांच सौ रुपये में बिक्री की गई। इसकी शिकायत और कार्रवाई करने पर उन्हें केंद्र व्यवस्थापक पद से हटाया था।