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अति कुपोषित बच्चे 832 और दुधारू गाय सिर्फ 14
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अति कुपोषित बच्चे 832 और दुधारू गाय सिर्फ 14
बागपत। जिले में 28 गो आश्रय स्थलों में 1333 गाय में से केवल 14 गाय ही दुधारू है। शासन ने कुपोषित बच्चों की सेहत सुधारने के लिए दुधारू गाय उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिले में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 832 अति कुपोषित बच्चे है। दुधारु गाय के अभाव में जिले में 14 बच्चों के परिवारों को ही गाय उपलब्ध हो सकीं है।
शासन ने कुपोषण दूर करने और कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों की सेहत सुधारने के लिए बच्चों के परिवारों को दुधारू गाय उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। पशु पालन विभाग की ओर से कराए गए सर्वे में गोआश्रय स्थलों में 14 गाय ही दुधारू व 25 गोवंश गर्भित मिली है। जबकि जिले मे 832 अति कुपोषित बच्चें है। गोवंश के अभाव में जिले के 14 बच्चों के परिवारों को ही दुधारू गोवंश उपलब्ध कराया।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. खुशीराम ने कहा विभाग की ओर से जिले के गोआश्रय स्थलों का सर्वे कराया। जिले के गोआश्रय स्थलों में 14 गाय दुधारू मिली है, जबकि 25 गोवंश गर्भित मिला है।
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पशुपालन विभाग की ओर से कराए गोआश्रय स्थलों सर्वे में गोवंश का ब्योरा
कुल आश्रय स्थल 28
संरक्षित गोवंश 2877
संरक्षित मादा गोवंश 1333
संरक्षित नर गोवंश 1544
गोआश्रय स्थलों में दुधारू गोवंश 14
गोआश्रय स्थलों में गर्भित गोवंश 25
वर्जन
14 बच्चों के परिवारों को गाय उपलब्ध कराई
जिला कार्यक्रम अधिकारी विपिन मैत्रेय ने बताया कि जिले में 832 अति कुपोषित बच्चे हैं। शासन ने बच्चों के परिवारों को दुधारू गाय उपलब्ध कराने के निर्देश दिए , मगर जिले के गोआश्रय स्थलों में 14 दुधारू गाय मिली थी, जो 14 अतिकुपोषित बच्चों के परिवारों को उपलब्ध करा दी । दुधारू गोवंश के अभाव में अन्य बच्चों के परिवारों को गाय उपलब्ध नही कराई जा सकी है।
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बागपत। जिले में 28 गो आश्रय स्थलों में 1333 गाय में से केवल 14 गाय ही दुधारू है। शासन ने कुपोषित बच्चों की सेहत सुधारने के लिए दुधारू गाय उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिले में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 832 अति कुपोषित बच्चे है। दुधारु गाय के अभाव में जिले में 14 बच्चों के परिवारों को ही गाय उपलब्ध हो सकीं है।
शासन ने कुपोषण दूर करने और कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों की सेहत सुधारने के लिए बच्चों के परिवारों को दुधारू गाय उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। पशु पालन विभाग की ओर से कराए गए सर्वे में गोआश्रय स्थलों में 14 गाय ही दुधारू व 25 गोवंश गर्भित मिली है। जबकि जिले मे 832 अति कुपोषित बच्चें है। गोवंश के अभाव में जिले के 14 बच्चों के परिवारों को ही दुधारू गोवंश उपलब्ध कराया।
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मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. खुशीराम ने कहा विभाग की ओर से जिले के गोआश्रय स्थलों का सर्वे कराया। जिले के गोआश्रय स्थलों में 14 गाय दुधारू मिली है, जबकि 25 गोवंश गर्भित मिला है।
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पशुपालन विभाग की ओर से कराए गोआश्रय स्थलों सर्वे में गोवंश का ब्योरा
कुल आश्रय स्थल 28
संरक्षित गोवंश 2877
संरक्षित मादा गोवंश 1333
संरक्षित नर गोवंश 1544
गोआश्रय स्थलों में दुधारू गोवंश 14
गोआश्रय स्थलों में गर्भित गोवंश 25
वर्जन
14 बच्चों के परिवारों को गाय उपलब्ध कराई
जिला कार्यक्रम अधिकारी विपिन मैत्रेय ने बताया कि जिले में 832 अति कुपोषित बच्चे हैं। शासन ने बच्चों के परिवारों को दुधारू गाय उपलब्ध कराने के निर्देश दिए , मगर जिले के गोआश्रय स्थलों में 14 दुधारू गाय मिली थी, जो 14 अतिकुपोषित बच्चों के परिवारों को उपलब्ध करा दी । दुधारू गोवंश के अभाव में अन्य बच्चों के परिवारों को गाय उपलब्ध नही कराई जा सकी है।