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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   High Court seeks status report from the authorities

हाईकोर्ट ने बरनावा गांव की चकबंदी के संबंध में अधिकारियों से मांगी प्रगति रिपोर्ट

Thu, 06 Oct 2016 03:33 PM IST
अमर उजाला/ ब्यूरो/ बागपत
अमर उजाला/ ब्यूरो/ बागपत Updated Thu, 06 Oct 2016 03:33 PM IST
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बिनौली के  बरनावा गांव की वर्ष 1980 से चल रही चकबंदी प्रक्रिया चकबंदी विभाग के अफसरों की लापरवाही के चलते 36 साल बाद भी पूरी नहीं हुई। इस कारण चकबंदी प्रक्रिया बरनावा, बिनौली, शेखपुरा, चंदायन, संतनगर, बेगमबाद गढ़ी के किसानों के लिए गले की फंस बन गई है।   
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    सैकड़ों शिकायत करने के बाद भी जब समस्या का समाधान नहीं हुआ तो बरनावा गांव के किसान यासीन ने उच्च न्यायालय इलाहाबाद में याचिका दायर कर चकबंदी प्रक्रिया जल्द से जल्द पूर्ण कर धारा 52 की कार्रवाई करने की मांग की।
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इस मामले को गंभीरता से लेकर उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने बीती एक सितंबर को प्रदेश सरकार, डीएम बागपत, बंदोबस्त चकबंदी अधिकारी और चकबंदी अधिकारियों को 20 सितंबर तक न्यायालय में पेश होकर कारण बताओ नोटिस जारी कर तलब किया था।
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इस प्रकरण मेें अब दोबारा से उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने चकबंदी अधिकारियों से अब तक की प्रगति रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं,  लापरवाही पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी। यासीन ने बताया कि इस मामले की सुनवाई आगामी वर्ष जनवरी के दूसरे सप्ताह में होगी।


ये है धारा 52 ः चकबंदी प्रक्रिया के दौरान चक की कीमत लगाई जाती है, इसके बाद सहायक चकबंदी अधिकारी स्तर पर किसानों को चकों का आवंटन होता है और कब्जा परिवर्तन की कार्रवाई की जाती है। कब्जा परिवर्तन के बाद चकबंदी विभाग धारा 52 में भूमि रिकार्ड तैयार करके राजस्व विभाग को सौंपते हैं।
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