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स्वास्थ्य कर्मियों ने काली पट्टी बांधकर किया विरोध प्रदर्शन
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बागपत/खेकड़ा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कार्यरत संविदा कर्मचारियों ने पांच मांगों को लेकर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने समस्याओं का समाधान न होने पर 26 जुलाई को निदेशक कार्यालय का घेराव करने की चेतावनी दी।
उनका कहना था कि प्रदेश में एनएचएम के अंतर्गत तैनात संविदा कर्मचारियों का गैर जनपदीय स्थानांतरण प्रक्रिया पर एक वर्ष पूर्व रोक लगा दी थी। कर्मचारियों के लिए वेतन पॉलिसी न होने के कारण कर्मचारियों को 16 वर्षों से समान पद और समान योग्यता के बावजूद समान मानदेय नहीं मिल रहा है। आउटसोर्स नीति के तहत कर्मचारियों को निर्धारित मानदेय नहीं मिल रहा है। कोरोना महामारी में कर्मचारी स्क्रीनिंग, सैंपलिंग, कांटेक्ट ट्रेसिंग कर अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे है, जबकि कर्मचारियों को सरकार की ओर से घोषित 25 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि से बाहर रखा गया है। उन्होंने स्थानांतरण नीति बहाल करने, वेतन पॉलिसी की विसंगति दूर करने, समान योग्यता के आधार पर समान वेतन, प्रोत्साहन राशि और पीईटी की अनिवार्यता को समाप्त करने की मांग की। समस्याओं का समाधान न होने पर 17 से 18 जुलाई तक एक घंटे और 19 से 21 जुलाई तक दो घंटे कार्य का बहिष्कार करने और 26 जुलाई को मिशन निदेशक कार्यालय का घेराव करने की चेतावनी दी। इस मौके पर डॉ श्रवण, एलटी अनिल कुमार, धमेंद्र, सत्यदेव, आस मौहम्मद, इमरान, रजनी, हेमलता, चंचल, दीपा, शोएब मौजूद रहे।
उधर, खेकड़ा में भी संविदा कर्मियों ने काला फीता बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान गौरव वशिष्ठ, नफीस खान, प्रिया राज, प्रीति, नीलम, दीपा, कोमल आदि शामिल रहे।
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उनका कहना था कि प्रदेश में एनएचएम के अंतर्गत तैनात संविदा कर्मचारियों का गैर जनपदीय स्थानांतरण प्रक्रिया पर एक वर्ष पूर्व रोक लगा दी थी। कर्मचारियों के लिए वेतन पॉलिसी न होने के कारण कर्मचारियों को 16 वर्षों से समान पद और समान योग्यता के बावजूद समान मानदेय नहीं मिल रहा है। आउटसोर्स नीति के तहत कर्मचारियों को निर्धारित मानदेय नहीं मिल रहा है। कोरोना महामारी में कर्मचारी स्क्रीनिंग, सैंपलिंग, कांटेक्ट ट्रेसिंग कर अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे है, जबकि कर्मचारियों को सरकार की ओर से घोषित 25 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि से बाहर रखा गया है। उन्होंने स्थानांतरण नीति बहाल करने, वेतन पॉलिसी की विसंगति दूर करने, समान योग्यता के आधार पर समान वेतन, प्रोत्साहन राशि और पीईटी की अनिवार्यता को समाप्त करने की मांग की। समस्याओं का समाधान न होने पर 17 से 18 जुलाई तक एक घंटे और 19 से 21 जुलाई तक दो घंटे कार्य का बहिष्कार करने और 26 जुलाई को मिशन निदेशक कार्यालय का घेराव करने की चेतावनी दी। इस मौके पर डॉ श्रवण, एलटी अनिल कुमार, धमेंद्र, सत्यदेव, आस मौहम्मद, इमरान, रजनी, हेमलता, चंचल, दीपा, शोएब मौजूद रहे।
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उधर, खेकड़ा में भी संविदा कर्मियों ने काला फीता बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान गौरव वशिष्ठ, नफीस खान, प्रिया राज, प्रीति, नीलम, दीपा, कोमल आदि शामिल रहे।
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