{"_id":"591ca25f4f1c1b8b51f2418b","slug":"give-mnrega-work-to-dead-body","type":"story","status":"publish","title_hn":" बिचपड़ी में मृतकों को दे दिया मनरेगा में काम ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिचपड़ी में मृतकों को दे दिया मनरेगा में काम
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Thu, 18 May 2017 01:04 AM IST
विज्ञापन
बागपत में डीएम से शिकायत करने जाते बिचपड़ी के लोग।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिचपड़ी गांव के लोगों ने कहा अफसरों ने मृतकों को भी मनरेगा में काम दे दिया। उन्होंने कहा अफसरों की मिल भगत से गांव में चल रही मनरेगा में फर्जीवाड़ा हो रहा है। शिकायत करने के बाद भी प्रकरण की जांच नहीं हुई। ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट में ग्राम प्रधान के खिलाफ प्रदर्शन कर कार्रवाई की मांग की।
बुधवार को बिचपड़ी गांव के ग्रामीण कलक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने नारेबाजी कर हंगामा किया। उन्होंने कहा प्रधान के प्रतिनिधि ने फर्जी मोहर बनवाकर अपात्रों के बीपीएल कार्ड बनवाए। यह ही नहीं पूर्व की सरकार में अपने लोगों को साइकिल बांटी। वृद्धा पेंशन का लाभ दिलाया।
मजदूरों के जॉब कार्ड और एटीएम अपने पास रखे हैं। गांव के कई लोगों की मौत हो चुकी है, इसके बावजूद उनके नाम पर मनरेगा में हाजिरी लगाई जा रही है। यही नहीं वृद्धावस्था पेंशन का भी लाभ दिया जा रहा है। मार्ग और सोलर लाइटों में फर्जीवाड़ा हुआ। जाति और आयु में भी फर्जी बदलाव कराया। सरकारी जमीन पर भी आज तक पौधरोपण नहीं किया। फर्जी तरीके से शौचालय बनाए।
विज्ञापन
उन्होंने कहा प्रधान ने अपने परिवार के कई सदस्यों को मनरेगा मजदूरी का भुगतान कराया। ग्रामीणों ने डीएम से जांच पूरी कराकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ब्रजपाल, आदित्य, राजवीर प्रधान, महेश प्रधान, राजेंद्र, डेनी, अतुल, महेश, मुनेश, आजाद, शोकेंद्र आदि रहे।
विज्ञापन
बुधवार को बिचपड़ी गांव के ग्रामीण कलक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने नारेबाजी कर हंगामा किया। उन्होंने कहा प्रधान के प्रतिनिधि ने फर्जी मोहर बनवाकर अपात्रों के बीपीएल कार्ड बनवाए। यह ही नहीं पूर्व की सरकार में अपने लोगों को साइकिल बांटी। वृद्धा पेंशन का लाभ दिलाया।
विज्ञापन
मजदूरों के जॉब कार्ड और एटीएम अपने पास रखे हैं। गांव के कई लोगों की मौत हो चुकी है, इसके बावजूद उनके नाम पर मनरेगा में हाजिरी लगाई जा रही है। यही नहीं वृद्धावस्था पेंशन का भी लाभ दिया जा रहा है। मार्ग और सोलर लाइटों में फर्जीवाड़ा हुआ। जाति और आयु में भी फर्जी बदलाव कराया। सरकारी जमीन पर भी आज तक पौधरोपण नहीं किया। फर्जी तरीके से शौचालय बनाए।
विज्ञापन
उन्होंने कहा प्रधान ने अपने परिवार के कई सदस्यों को मनरेगा मजदूरी का भुगतान कराया। ग्रामीणों ने डीएम से जांच पूरी कराकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ब्रजपाल, आदित्य, राजवीर प्रधान, महेश प्रधान, राजेंद्र, डेनी, अतुल, महेश, मुनेश, आजाद, शोकेंद्र आदि रहे।