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हाईवे पर अंतिम संस्कार
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Tue, 05 Apr 2016 12:14 AM IST
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हसनपुर जिवानी में दिल्ली हाईवे पर जलती चिता।
- फोटो : amar ujala
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बागपत के हसरनपुर जिवानी गांव के श्मशान घाट में पानी भरा होने के कारण कई साल से ग्रामीण शवों के अंतिम संस्कार नहीं कर पा रहे हैं। शासन और प्रशासन से कई बार शिकायतें की, लेकिन हल नहीं निकला। ग्रामीण सोमवार को गांव में गरीब व्यक्ति शव लेकर जिवानी गेट पर पहुंचे और शव दिल्ली - सहारनपुर हाईवे पर रखकर जाम कर दिया। इसके बाद शव का हाईवे पर अंतिम संस्कार कर दिया। इसकी सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस से ग्रामीणों की तीखी नोक झोंक हुई।
हसनपुर जिवानी निवासी धर्मपाल पुत्र सीता राम कश्यप की रविवार की रात में बीमारी के कारण मौत हो गई थी। जब उसके अंतिम संस्कार की बात आई तो गांव के श्मशान घाट में पानी भरा हुआ था। इसको लेकर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त हो गया। बाद में ग्रामीण धर्म पाल की शव यात्रा लेकर गांव से हसनपुर जिवानी गेट पर पहुंचे और दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर शव रखकर मार्ग अवरुद्ध कर दिया। आधा घंटे तक जब कोई अधिकारी मौके पर नहीं आया तो हाईवे के किनारे उसकी चिता लगाकर ग्रामीणों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
भनक लगने पर रमाला थाना प्रभारी सतीश चंद्र मौके पर पहुंचे और उन्होंने ग्राम प्रधान नीरज उर्फ बिल्लू और ग्रामीणों को खरी खोटी सुनाई। इससे ग्रामीण भड़क उठे और उनकी थानाध्यक्ष से जमकर नोक झोंक हुई। थाना प्रभारी ने ग्रामीणों को इसका नतीजा भुगताने की धमकी भी दे डाली। बाद में ग्रामीण अंतिम संस्कार कर चले गए। ग्राम प्रधान नीरज समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया गांव का श्मशान घाट गहरे में है और रजवाहे के किनारे हैं।
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वहां पानी भरा रहता है। तीन साल से गांव में मौत हो जाने के बाद ग्रामीण इसका खामियाजा भुगत रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा किसान तो अपने खेतों में शव का अंतिम संस्कार कर लेते हैं, लेकिन गांव के अन्य गरीब लोगों को शव का अंतिम संस्कार करने में परेशानी होती है। 29 मार्च को गांव के ओमकार के शव का अंतिम संस्कार में ग्रामीणों ने दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर ही किया था।
उन्होंने कहा समस्या कई बार प्रशासनिक अधिकारी को बताई, लेकिन स्थानीय अधिकारी समस्या हल करने में कोई रुचि नहीं ले रहे हैं। उन्होंने कहा यदि समस्या शीघ्र हल नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इस दौरान प्रधान नीरज उर्फ बिल्लू, सहेंद्र सिंह, मनोज डायरेक्टर, अरविंद, सत्येंद्र, प्रवीण कुमार, संजीव चेयरमैन, विनय कुमार, ब्रजवीर, वेदू कश्यप, इंद्र कश्यप, बाबू खां, नवाब, तेजपाल कश्यप आदि मौजूद रहे।
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हसनपुर जिवानी निवासी धर्मपाल पुत्र सीता राम कश्यप की रविवार की रात में बीमारी के कारण मौत हो गई थी। जब उसके अंतिम संस्कार की बात आई तो गांव के श्मशान घाट में पानी भरा हुआ था। इसको लेकर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त हो गया। बाद में ग्रामीण धर्म पाल की शव यात्रा लेकर गांव से हसनपुर जिवानी गेट पर पहुंचे और दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर शव रखकर मार्ग अवरुद्ध कर दिया। आधा घंटे तक जब कोई अधिकारी मौके पर नहीं आया तो हाईवे के किनारे उसकी चिता लगाकर ग्रामीणों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
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भनक लगने पर रमाला थाना प्रभारी सतीश चंद्र मौके पर पहुंचे और उन्होंने ग्राम प्रधान नीरज उर्फ बिल्लू और ग्रामीणों को खरी खोटी सुनाई। इससे ग्रामीण भड़क उठे और उनकी थानाध्यक्ष से जमकर नोक झोंक हुई। थाना प्रभारी ने ग्रामीणों को इसका नतीजा भुगताने की धमकी भी दे डाली। बाद में ग्रामीण अंतिम संस्कार कर चले गए। ग्राम प्रधान नीरज समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया गांव का श्मशान घाट गहरे में है और रजवाहे के किनारे हैं।
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वहां पानी भरा रहता है। तीन साल से गांव में मौत हो जाने के बाद ग्रामीण इसका खामियाजा भुगत रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा किसान तो अपने खेतों में शव का अंतिम संस्कार कर लेते हैं, लेकिन गांव के अन्य गरीब लोगों को शव का अंतिम संस्कार करने में परेशानी होती है। 29 मार्च को गांव के ओमकार के शव का अंतिम संस्कार में ग्रामीणों ने दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर ही किया था।
उन्होंने कहा समस्या कई बार प्रशासनिक अधिकारी को बताई, लेकिन स्थानीय अधिकारी समस्या हल करने में कोई रुचि नहीं ले रहे हैं। उन्होंने कहा यदि समस्या शीघ्र हल नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इस दौरान प्रधान नीरज उर्फ बिल्लू, सहेंद्र सिंह, मनोज डायरेक्टर, अरविंद, सत्येंद्र, प्रवीण कुमार, संजीव चेयरमैन, विनय कुमार, ब्रजवीर, वेदू कश्यप, इंद्र कश्यप, बाबू खां, नवाब, तेजपाल कश्यप आदि मौजूद रहे।