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Baghpat News: नाबालिग से दुष्कर्म में गढ़ी कलंजरी के पूर्व प्रधान पर दोषसिद्ध
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बागपत। नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में गढ़ी कलंजरी गांव के पूर्व प्रधान निर्दोष पर न्यायाधीश ने दोषसिद्ध कर दिया। सजा पर सुनवाई के लिए 23 जनवरी नियत की गई है। मुकदमे की पीड़िता ने एक बच्चे को जन्म दिया, जिसकी डीएनए रिपोर्ट से पूर्व प्रधान के दुष्कर्म करने की पुष्टि हुई थी।
विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र पंवार और नरेश वेदवान ने बताया कि चांदीनगर क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली महिला ने 15 अक्तूबर 2016 को गढ़ी कलंजरी गांव के तत्कालीन प्रधान निर्दोष के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें शिकायतकर्ता ने बताया कि छह महीने पहले गढ़ी कलंजरी के प्रधान निर्दोष ने उसकी नाबालिग बेटी को फोन कर अपने पास बुलाया और खेत में ले जाकर बहला-फुसलाकर कई बार दुष्कर्म किया। शिकायत करने पर नाबालिग को जान से मारने की धमकी दी गई। इसके बाद नाबालिग गर्भवती हो गई, जिसका उलाहना देने वह गढ़ी कलंजरी गांव के तत्कालीन प्रधान के घर गई तो उसके साथ गाली-गलौज कर धमकी दी गई।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर प्रधान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। इसके बाद गर्भवती नाबालिग ने एक बच्चे को जन्म दिया। न्यायालय के आदेश पर नाबालिग पीड़िता से पैदा हुए बच्चे की डीएनए जांच कराई गई, जिसमें प्रधान निर्दोष के नाबालिग से दुष्कर्म किये जाने की पुष्टि हुई और बच्चा भी प्रधान का ही निकला। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय विशेष पॉक्सो में हुई। अभियोजन पक्ष ने पांच गवाह पेश किए। मुकदमे की सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश सुशील कुमार पंचम ने गढ़ी कलंजरी गांव के पूर्व प्रधान निर्दोष पर दोषसिद्ध कर दिया। सजा पर सुनवाई के लिए 23 जनवरी की तिथि नियत की गई है।
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विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र पंवार और नरेश वेदवान ने बताया कि चांदीनगर क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली महिला ने 15 अक्तूबर 2016 को गढ़ी कलंजरी गांव के तत्कालीन प्रधान निर्दोष के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें शिकायतकर्ता ने बताया कि छह महीने पहले गढ़ी कलंजरी के प्रधान निर्दोष ने उसकी नाबालिग बेटी को फोन कर अपने पास बुलाया और खेत में ले जाकर बहला-फुसलाकर कई बार दुष्कर्म किया। शिकायत करने पर नाबालिग को जान से मारने की धमकी दी गई। इसके बाद नाबालिग गर्भवती हो गई, जिसका उलाहना देने वह गढ़ी कलंजरी गांव के तत्कालीन प्रधान के घर गई तो उसके साथ गाली-गलौज कर धमकी दी गई।
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पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर प्रधान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। इसके बाद गर्भवती नाबालिग ने एक बच्चे को जन्म दिया। न्यायालय के आदेश पर नाबालिग पीड़िता से पैदा हुए बच्चे की डीएनए जांच कराई गई, जिसमें प्रधान निर्दोष के नाबालिग से दुष्कर्म किये जाने की पुष्टि हुई और बच्चा भी प्रधान का ही निकला। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय विशेष पॉक्सो में हुई। अभियोजन पक्ष ने पांच गवाह पेश किए। मुकदमे की सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश सुशील कुमार पंचम ने गढ़ी कलंजरी गांव के पूर्व प्रधान निर्दोष पर दोषसिद्ध कर दिया। सजा पर सुनवाई के लिए 23 जनवरी की तिथि नियत की गई है।
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