फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   For happiness and peace, give up worldly pleasures and adopt yoga

Baghpat News: सुख-शांति के लिए भोगों को छोड़कर योग धारण करो

Mon, 19 Aug 2024 01:13 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 19 Aug 2024 01:13 AM IST
विज्ञापन
For happiness and peace, give up worldly pleasures and adopt yoga
-अजितनाथ सभागार में आयोजित धर्मसभा में मुनि विशुभ्र सागर महाराज ने किए प्रवचन
विज्ञापन

फोटो संख्या 8

बड़ौत। मुनि विशुभ्र सागर महाराज ने कहा कि भावना को हमेशा श्रेष्ठ ही मानना चाहिए। भावना भव नाशनी होती है। शुभ-भावना से शुभासव होता है और अशुभ भावना से अशुभ-आस्रव होता है।

जैन मुनि रविवार को अजितनाथ सभागार में आयोजित धर्मसभा में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि भोग ही रोग है और अतिभोग भयंकर बीमारियों की जड़ है। भोगों में लिप्त होकर मानव दुर्गति को प्राप्त होता है। भोगों में लिप्त लंपटी मरकर दुर्गति को प्राप्त होता है। भोग-भावना योग-साधना की ओर नहीं बढ़ने देती है। सुख-शांति प्राप्त करना है, तो भोगों को छोड़कर योग धारण करो । त्याग ही सुख का साधन है। त्याग से आनन्द आता है। त्याग मुक्ति का साधन है। त्याग मुक्ति का द्वार है। त्याग के मार्ग पर चलने वाला परम-शांति को प्राप्त करता है। त्याग करो, मुक्ति प्राप्त करो। मलिन चित्त धारक शांति प्राप्त नहीं कर सकता। भोजन करना भी एक कला है। अति भोजन बीमारी एवं कुमरण का कारण बन जाता है। सभा में सुभाष जैन, प्रमोद जैन, राजकुमार जैन, हंस कुमार जैन, वरदान जैन, सुधीर जैन, अशोक जैन, विमल जैन, अंकुर जैन शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed