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कहीं जानलेवा न बन जाए सीएचसी की टंकी
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Wed, 27 Jul 2016 12:45 AM IST
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सीएचसी में जर्जर पानी की टंकी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जर्जर भवन गिराए जाने पर सिस्टम की चुप्पी खतरों को बुलावा दे रही है। खेकड़ा में प्राथमिक विद्यालय संख्या तीन के जर्जर भवन की जगह नया भवन का निर्माण हो चुका है, लेकिन पुराना भवन नहीं गिराया गया।
सीएचसी बागपत में पुरानी टंकी गिराने का आदेश है, लेकिन इसका पालन नहीं हुआ। बारिश के मौसम में दोनों भवन हादसों को न्योता दे रहे हैं।
सीएचसी बागपत के परिसर में खड़ी पुरानी टंकी जर्जर घोषित हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के स्थानीय अधिकारियों ने लखनऊ को भी इसे गिराने के लिए संदेश भेजा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आवासीय परिसर और सीएचसी के पास होने के कारण यहां मरीजों का आना जाना लगा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के परिवार भी इसके आसपास रहते हैं।
मास्टर कॉलोनी से सटी इस जर्जर टंकी के कारण कॉलोनी के लोग भी दहशत में हैं। एक या दो बार नहीं सैकड़ों बार प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को टंकी गिराने के लिए चिट्ठी दी जा चुकी है, लेकिन लोगों की आवाज सिस्टम में दबकर रह जाती है। टंकी नहीं गिराई, बरसात का मौसम शुरू होते ही लोगों को इसके गिरने का भय है।
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उधर, खेकड़ा तहसील क्षेत्र के कई सरकारी स्कूलों के भवन जर्जर हालत में है। प्राथमिक विद्यालय नंबर तीन के नए भवन का निर्माण हो चुका है। इसके बगल में ही पुराना भवन है। इसकी दीवारें और भवन अब भी खड़ा है।
बच्चे खेलते हुए इसकी दीवारों के नजदीक पहुंच जाते हैं, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है। अभिभावकों ने कई बार विभागीय अधिकारियों को पुराने भवन की दीवारों को हटाए जाने के लिए प्रार्थना पत्र दिए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
क्या कहते हैं नागरिक?
मास्टर कॉलोनी निवासी इंद्रपाल सिंह, मास्टर धारा सिंह, जेके जैन और आवासीय कॉलोनी में रह रही नेहा और सोनिया बताती है टंकी उनके लिए खतरा बन गई है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कई बार इसे गिरवाने के लिए लिखा जा चुका है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। डीएम से मिलकर भी मांग की, कोई सुध नहीं ली गई। जर्जर टंकी किसी भी दिन हादसे का कारण बन सकती है।
अधिकारी कहिन
सीएचसी बागपत की टंकी को जर्जर घोषित किया जा चुका है। इसके लिए शासन को पत्र लिखा गया। जैसे ही शासन से अनुमति मिलेगी, फौरन ही टंकी के भवन को गिरवा दिया जाएगा।
- डॉ. रविंद्र मिश्रा, सीएमओ बागपत।
जर्जर स्कूल के भवन की जगह नए भवन का निर्माण हो चुका है। शिक्षकों को निर्देश दिए पुराने जर्जर भवन के पास बच्चों को न खेलने दें। जल्द ही नियमानुसार पुराने भवन के मलबे को हटवाया जाएगा, ताकि कोई हादसा न हो। लापरवाही पर शिक्षकों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
- डॉ. एमपी वर्मा, बीएसए, बागपत।
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सीएचसी बागपत में पुरानी टंकी गिराने का आदेश है, लेकिन इसका पालन नहीं हुआ। बारिश के मौसम में दोनों भवन हादसों को न्योता दे रहे हैं।
सीएचसी बागपत के परिसर में खड़ी पुरानी टंकी जर्जर घोषित हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के स्थानीय अधिकारियों ने लखनऊ को भी इसे गिराने के लिए संदेश भेजा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आवासीय परिसर और सीएचसी के पास होने के कारण यहां मरीजों का आना जाना लगा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के परिवार भी इसके आसपास रहते हैं।
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मास्टर कॉलोनी से सटी इस जर्जर टंकी के कारण कॉलोनी के लोग भी दहशत में हैं। एक या दो बार नहीं सैकड़ों बार प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को टंकी गिराने के लिए चिट्ठी दी जा चुकी है, लेकिन लोगों की आवाज सिस्टम में दबकर रह जाती है। टंकी नहीं गिराई, बरसात का मौसम शुरू होते ही लोगों को इसके गिरने का भय है।
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उधर, खेकड़ा तहसील क्षेत्र के कई सरकारी स्कूलों के भवन जर्जर हालत में है। प्राथमिक विद्यालय नंबर तीन के नए भवन का निर्माण हो चुका है। इसके बगल में ही पुराना भवन है। इसकी दीवारें और भवन अब भी खड़ा है।
बच्चे खेलते हुए इसकी दीवारों के नजदीक पहुंच जाते हैं, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है। अभिभावकों ने कई बार विभागीय अधिकारियों को पुराने भवन की दीवारों को हटाए जाने के लिए प्रार्थना पत्र दिए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
क्या कहते हैं नागरिक?
मास्टर कॉलोनी निवासी इंद्रपाल सिंह, मास्टर धारा सिंह, जेके जैन और आवासीय कॉलोनी में रह रही नेहा और सोनिया बताती है टंकी उनके लिए खतरा बन गई है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कई बार इसे गिरवाने के लिए लिखा जा चुका है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। डीएम से मिलकर भी मांग की, कोई सुध नहीं ली गई। जर्जर टंकी किसी भी दिन हादसे का कारण बन सकती है।
अधिकारी कहिन
सीएचसी बागपत की टंकी को जर्जर घोषित किया जा चुका है। इसके लिए शासन को पत्र लिखा गया। जैसे ही शासन से अनुमति मिलेगी, फौरन ही टंकी के भवन को गिरवा दिया जाएगा।
- डॉ. रविंद्र मिश्रा, सीएमओ बागपत।
जर्जर स्कूल के भवन की जगह नए भवन का निर्माण हो चुका है। शिक्षकों को निर्देश दिए पुराने जर्जर भवन के पास बच्चों को न खेलने दें। जल्द ही नियमानुसार पुराने भवन के मलबे को हटवाया जाएगा, ताकि कोई हादसा न हो। लापरवाही पर शिक्षकों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
- डॉ. एमपी वर्मा, बीएसए, बागपत।