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रंगदारी मामले में पुलिस खाली हाथ
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Fri, 08 Jul 2016 12:56 AM IST
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- फोटो : demo
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बागपत के अग्रवाल मंडी टटीरी के खल व्यापारी राधेश्याम अग्रवाल से मांगी 20 लाख रुपये की रंगदारी के मामले में शिकायत करने के 30 घंटे बाद भी पुलिस खाली हाथ है। पुलिस सचिन नंदा का ब्योरा जुटाने में लगी है। छह संदिग्ध लोगों को थाना पर लाकर पूछताछ कर रही है।
अग्रवाल मंडी टटीरी निवासी व्यापारी राधेश्याम अग्रवाल की खल-चूरी की दुकान पर पांच जुलाई को सुबह एक कागज का टुकड़ा पड़ा मिला था। इसमें सचिन नंदा के नाम से 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। खत डालने वाले ने खुद को सचिन नंदा का आदमी बताया। रकम का इंतजाम करने के लिए पांच दिन का समय दिया था। इसकी दहशत में पीड़ित व्यापारी ने 24 घंटे तक तो किसी को जानकारी भी नहीं दी थी। बुधवार सुबह हिम्मत जुटाकर उन्होंने साथियों को घटना की जानकारी दी थी। बाद में साथी व्यापारियों के साथ उन्होंने एसपी दफ्तर पर पहुंचकर एएसपी से शिकायत की।
एएसपी अजीजुल हक ने पीड़ित व्यापारी को सुरक्षा मुहैय्या करा दी थी। पुलिस तभी से ही रंगदारी मांगने वालों का पता लगाने में जुटी है। आखिरकार किसने दुकान में चिट्ठी डाली, लेकिन पुलिस अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। इससे पीड़ित व्यापारी समेत अन्य व्यापारी भी दहशत में हैं। कोतवाली प्रभारी मुकेश कुमार ने कहा केस के खुलासे के प्रयास किए जा रहे हैं, अभी सफलता नहीं मिली है। छह संदिग्ध लोगों के साथ थाने में पूछताछ चल रही है।
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सचिन के मुलाकातियों का पता लगाने में जुटी पुलिस
बागपत। नोएडा की कासना जेल में सचिन नंदा से किस-किसने मुलाकात की है। पुलिस उनका ब्योरा जुटा रही है। साथ ही सचिन के कौन-कौन साथी है। उसने किसके साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया है। उनमें से कौन जेल में हैं और कौन जेल से बाहर? पुलिस उन सभी की जानकारी कर रही है।
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अग्रवाल मंडी टटीरी निवासी व्यापारी राधेश्याम अग्रवाल की खल-चूरी की दुकान पर पांच जुलाई को सुबह एक कागज का टुकड़ा पड़ा मिला था। इसमें सचिन नंदा के नाम से 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। खत डालने वाले ने खुद को सचिन नंदा का आदमी बताया। रकम का इंतजाम करने के लिए पांच दिन का समय दिया था। इसकी दहशत में पीड़ित व्यापारी ने 24 घंटे तक तो किसी को जानकारी भी नहीं दी थी। बुधवार सुबह हिम्मत जुटाकर उन्होंने साथियों को घटना की जानकारी दी थी। बाद में साथी व्यापारियों के साथ उन्होंने एसपी दफ्तर पर पहुंचकर एएसपी से शिकायत की।
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एएसपी अजीजुल हक ने पीड़ित व्यापारी को सुरक्षा मुहैय्या करा दी थी। पुलिस तभी से ही रंगदारी मांगने वालों का पता लगाने में जुटी है। आखिरकार किसने दुकान में चिट्ठी डाली, लेकिन पुलिस अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। इससे पीड़ित व्यापारी समेत अन्य व्यापारी भी दहशत में हैं। कोतवाली प्रभारी मुकेश कुमार ने कहा केस के खुलासे के प्रयास किए जा रहे हैं, अभी सफलता नहीं मिली है। छह संदिग्ध लोगों के साथ थाने में पूछताछ चल रही है।
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सचिन के मुलाकातियों का पता लगाने में जुटी पुलिस
बागपत। नोएडा की कासना जेल में सचिन नंदा से किस-किसने मुलाकात की है। पुलिस उनका ब्योरा जुटा रही है। साथ ही सचिन के कौन-कौन साथी है। उसने किसके साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया है। उनमें से कौन जेल में हैं और कौन जेल से बाहर? पुलिस उन सभी की जानकारी कर रही है।