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किसानों को एकजुट करने पर बल दिया
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किसानों की समस्याओं पर किया मंथन, सिनौली में पंचायत आज
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत।
किसानों की समस्याओं को लेकर मंगलवार को नगर में किसानों की बैठक हुई। इसमेें वक्ताओं ने किसानों को एकजुट करने पर बल दिया। इसमें सिनौली गांव के इंटर कॉलेज में बुधवार को पंचायत करने का निर्णय लिया।
इस दौरान वक्ताओं ने कहा हरियाणा के किसानों को 35 रुपये प्रति हार्स पावर व यूपी के किसानों को 195 रुपये बिजली का बिल देना पड़ता है। जबकि सरकार द्वारा फसलों के घोषित मूल्य सारे देश में एक जैसे हैं। किसानों के साथ भेदभाव पूर्ण नीति अपनाई जा रही है। यूपी में गन्ना एक्ट के तहत 14 दिन में गन्ना भुगतान का प्रावधान है। इसके बाद ऊी 270 दिन बाद भी गन्ना भुगतान नहीं हो रहा है। हाई कोर्ट के 14 दिन बाद गन्ना भुगतान करने पर ब्याज देने के आदेश देने के बाद भी प्रदेश सरकार चुप्पी साधे है। विद्युत निगम 24 प्रतिशत की दर से ब्याज सहित बिल वसूल कर रहा है। वक्ताओं ने बताया कि गन्ने का मूल्य 9.5 की रिकवरी पर 325 रुपये एसएपी के रूप में किसानों को मिल रहा है। पिछले तीन साल में गन्ने पर एक रुपये भी नहीं बढ़ाया गया है। जबकि गन्ने में रिकवरी तीन किलो बढ़ गई है। करीब 100 रुपये की चीनी अधिक बन रही है। इसमें विक्रम आर्य, संजीव मान, ब्रजपाल, बलजोर, देवेंद्र, अनिल, सुबोध आदि रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत।
किसानों की समस्याओं को लेकर मंगलवार को नगर में किसानों की बैठक हुई। इसमेें वक्ताओं ने किसानों को एकजुट करने पर बल दिया। इसमें सिनौली गांव के इंटर कॉलेज में बुधवार को पंचायत करने का निर्णय लिया।
इस दौरान वक्ताओं ने कहा हरियाणा के किसानों को 35 रुपये प्रति हार्स पावर व यूपी के किसानों को 195 रुपये बिजली का बिल देना पड़ता है। जबकि सरकार द्वारा फसलों के घोषित मूल्य सारे देश में एक जैसे हैं। किसानों के साथ भेदभाव पूर्ण नीति अपनाई जा रही है। यूपी में गन्ना एक्ट के तहत 14 दिन में गन्ना भुगतान का प्रावधान है। इसके बाद ऊी 270 दिन बाद भी गन्ना भुगतान नहीं हो रहा है। हाई कोर्ट के 14 दिन बाद गन्ना भुगतान करने पर ब्याज देने के आदेश देने के बाद भी प्रदेश सरकार चुप्पी साधे है। विद्युत निगम 24 प्रतिशत की दर से ब्याज सहित बिल वसूल कर रहा है। वक्ताओं ने बताया कि गन्ने का मूल्य 9.5 की रिकवरी पर 325 रुपये एसएपी के रूप में किसानों को मिल रहा है। पिछले तीन साल में गन्ने पर एक रुपये भी नहीं बढ़ाया गया है। जबकि गन्ने में रिकवरी तीन किलो बढ़ गई है। करीब 100 रुपये की चीनी अधिक बन रही है। इसमें विक्रम आर्य, संजीव मान, ब्रजपाल, बलजोर, देवेंद्र, अनिल, सुबोध आदि रहे।
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