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Baghpat News: प्रशासक तैनात होने से नहीं होगी गांवों की समस्या दूर
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बागपत। प्रधानों का कार्यकाल खत्म होने वाला है और ऐसे में प्रधान अपना कार्यकाल बढ़ाने की मांग करने लगे हैं। प्रधानों की मांग है कि अगर कार्यकाल नहीं बढ़ाया जाता है तो सरकार को समय से पंचायत चुनाव कराने चाहिएं ताकि गांवों के विकास में कोई कमी न आए। उनका मानना है कि गांवों में प्रशासक नियुक्त किए जाते हैं तो गांवों की समस्याएं दूर नहीं होंगी, बल्कि समस्याएं बढ़ जाएंगी।
-प्रशासक गांवों में नहीं दे पाएंगे समय
फतेहपुर माजरा गांव की प्रधान मीनाक्षी का कहना है कि प्रशासक को प्रधान के दायित्व देने से लोगों की समस्याएं बढ़ जाएंगी, क्योंकि प्रशासक गांव में समय नहीं दे पाएंगे। वह अपने विभागीय कार्य में लगे रहेंगे। ऐसे में लोगों को भी अपनी समस्या का समाधान करवाने के लिए प्रशासकों के चक्कर लगाने पड़ेंगे।
-भ्रष्टाचार को मिलेगा बढ़ावा
खेड़की गांव के प्रधान आशीष शर्मा ने बताया कि पिछले चुनाव में प्रशासक तैनात किए गए थे, जो महीने में एक या दो बार ही गांव आते थे। गांव के विकास कार्यों में भी लापरवाही बरती गई थी और भ्रष्टाचार अधिक हो गया था। वहीं कई गांवों में प्रशासकों के कार्यकाल की अभी तक जांच चल रही है।
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-प्रधान की देखरेख में होंगे बेहतर कार्य
नौरोजपुर गुर्जर गांव की प्रधान रीना ने बताया कि यदि गांवों में बेहतर कार्य कराने हैं तो प्रधानों को जिम्मेदारी सौंपी जानी चाहिए, क्योंकि प्रशासक को गांव की जानकारी नहीं होती है। प्रदेश सरकार को इस तरफ ध्यान देना चाहिए और प्रधानों को अधिकार सौंपकर गांवों की समस्या को दूर करवाना चाहिए।
-विकास कार्यों का रुक जाएगा पहिया
मुकुंदपुर गांव के प्रधान संजीव कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार को पहले तो चुनाव समय से करवाने चाहिएं। यदि चुनाव नहीं कराए जाते हैं तो प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाना चाहिए, क्योंकि प्रशासक नियुक्त होने से विकास कार्यों का पहिया रुक जाएगा। वहीं इससे लोगों को परेशानी होगी।
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-प्रशासक गांवों में नहीं दे पाएंगे समय
फतेहपुर माजरा गांव की प्रधान मीनाक्षी का कहना है कि प्रशासक को प्रधान के दायित्व देने से लोगों की समस्याएं बढ़ जाएंगी, क्योंकि प्रशासक गांव में समय नहीं दे पाएंगे। वह अपने विभागीय कार्य में लगे रहेंगे। ऐसे में लोगों को भी अपनी समस्या का समाधान करवाने के लिए प्रशासकों के चक्कर लगाने पड़ेंगे।
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-भ्रष्टाचार को मिलेगा बढ़ावा
खेड़की गांव के प्रधान आशीष शर्मा ने बताया कि पिछले चुनाव में प्रशासक तैनात किए गए थे, जो महीने में एक या दो बार ही गांव आते थे। गांव के विकास कार्यों में भी लापरवाही बरती गई थी और भ्रष्टाचार अधिक हो गया था। वहीं कई गांवों में प्रशासकों के कार्यकाल की अभी तक जांच चल रही है।
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-प्रधान की देखरेख में होंगे बेहतर कार्य
नौरोजपुर गुर्जर गांव की प्रधान रीना ने बताया कि यदि गांवों में बेहतर कार्य कराने हैं तो प्रधानों को जिम्मेदारी सौंपी जानी चाहिए, क्योंकि प्रशासक को गांव की जानकारी नहीं होती है। प्रदेश सरकार को इस तरफ ध्यान देना चाहिए और प्रधानों को अधिकार सौंपकर गांवों की समस्या को दूर करवाना चाहिए।
-विकास कार्यों का रुक जाएगा पहिया
मुकुंदपुर गांव के प्रधान संजीव कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार को पहले तो चुनाव समय से करवाने चाहिएं। यदि चुनाव नहीं कराए जाते हैं तो प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाना चाहिए, क्योंकि प्रशासक नियुक्त होने से विकास कार्यों का पहिया रुक जाएगा। वहीं इससे लोगों को परेशानी होगी।