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Baghpat News: स्वर्ग सिधारने वाले और यूपी पुलिस कर्मी भी बना दिए मनरेगा के मजदूर
Mon, 27 Oct 2025 12:03 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Mon, 27 Oct 2025 12:03 AM IST
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बागपत। मनरेगा में घोटाला करने के लिए स्वर्ग सिधारने वाले और यूपी पुलिस कर्मी भी मनरेगा में मजदूर बना दिए गए। गांवों में मनरेगा के तहत वर्ष 2019-23 तक किए गए भुगतान का सोशल ऑडिट कराया गया तो इसका खुलासा हो रहा है। अब सचिव व अन्य को नोटिस जारी करके जवाब तलब किया जा रहा है।
मनरेगा के तहत वर्ष 2019-23 के बीच रजबहों की सफाई और पौधरोपण समेत अन्य कार्य कराए गए। गांवों में यह कार्य कराने की बात कहते हुए भुगतान भी कर दिया गया। अब इन कार्यों का सोशल ऑडिट कराया गया तो जिनके खातों में भुगतान किया गया, उनको लेकर नए-नए खुलासे हो रहे हैं।
यहां चंदायन गांव में वर्ष 2022-23 में बरदान से दस दिन तक पौधरोपण कराने की बात कहते हुए 2040 रुपये का भुगतान दिखाया गया है। सोशल ऑडिट में पता चला कि इसकी 16 नवंबर 2021 को मौत हो चुकी थी। इस तरह अलावलपुर गांव की गीता से वर्ष 2019-20 में मनरेगा में 30 दिन काम कराना दिखाकर 5250 रुपये का भुगतान किया गया। यह यूपी पुलिस में सिपाही है। इस तरह मनरेगा में खूब गड़बड़ी की गई।
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- दिल्ली में नौकरी करने वाले भी बनाए मजदूर
अलावलपुर गांव में वर्ष 2019-20 में राजवीर और दीपक को 24-24 दिन कार्य करना दिखाकर 4200-4200 रुपये का भुगतान किया गया। ये दोनों दिल्ली में नौकरी करते हैं। इसका भी सोशल ऑडिट में पता चला है।
- गृहिणी भी कागजों में मजदूर
अलावलपुर गांव की अनीता को वर्ष 2019-20 में 12 दिन तक पौधरोपण करना दिखाकर 2100 रुपये भुगतान किया गया, जबकि यह गृहिणी है। इसने मनरेगा में कार्य ही नहीं किया। इस तरह ही राजकली को 24 दिन कार्य करना दिखाकर 4200 रुपये का भुगतान किया। इसने भी कार्य नहीं किया।
-- सोशल ऑडिट में जिन कार्यों पर आपत्ति लगाई गई हैं, उनके लिए जिम्मेदार सचिवों व अन्य को नोटिस भेजे गए हैं। उन सभी का जवाब आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - राहुल वर्मा, परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास विभाग
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मनरेगा के तहत वर्ष 2019-23 के बीच रजबहों की सफाई और पौधरोपण समेत अन्य कार्य कराए गए। गांवों में यह कार्य कराने की बात कहते हुए भुगतान भी कर दिया गया। अब इन कार्यों का सोशल ऑडिट कराया गया तो जिनके खातों में भुगतान किया गया, उनको लेकर नए-नए खुलासे हो रहे हैं।
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यहां चंदायन गांव में वर्ष 2022-23 में बरदान से दस दिन तक पौधरोपण कराने की बात कहते हुए 2040 रुपये का भुगतान दिखाया गया है। सोशल ऑडिट में पता चला कि इसकी 16 नवंबर 2021 को मौत हो चुकी थी। इस तरह अलावलपुर गांव की गीता से वर्ष 2019-20 में मनरेगा में 30 दिन काम कराना दिखाकर 5250 रुपये का भुगतान किया गया। यह यूपी पुलिस में सिपाही है। इस तरह मनरेगा में खूब गड़बड़ी की गई।
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- दिल्ली में नौकरी करने वाले भी बनाए मजदूर
अलावलपुर गांव में वर्ष 2019-20 में राजवीर और दीपक को 24-24 दिन कार्य करना दिखाकर 4200-4200 रुपये का भुगतान किया गया। ये दोनों दिल्ली में नौकरी करते हैं। इसका भी सोशल ऑडिट में पता चला है।
- गृहिणी भी कागजों में मजदूर
अलावलपुर गांव की अनीता को वर्ष 2019-20 में 12 दिन तक पौधरोपण करना दिखाकर 2100 रुपये भुगतान किया गया, जबकि यह गृहिणी है। इसने मनरेगा में कार्य ही नहीं किया। इस तरह ही राजकली को 24 दिन कार्य करना दिखाकर 4200 रुपये का भुगतान किया। इसने भी कार्य नहीं किया।