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अहैड़ा के किसानों ने हाईटेंशन लाइन का कार्य रोका
अमर उजाला / ब्यूरो/ बागपत
Updated Thu, 08 Jun 2017 01:01 AM IST
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बागपत। अहैड़ा गांव में किसानों ने एक बार फिर हाईटेंशन लाइन का काम रोक दिया। किसानों और विद्युत निगम के अफसरों की नोकझोंक हुई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत कराया। किसान बोले पहले भूमि का मुआवजा तय हो, तभी यहां पर पोल लगने देंगे।
बागपत से हरसिया बिजलीघर पर हाईटेंशन लाइन ले जाने का कार्य चल रहा है। विद्युत निगम के अफसरों की दुड़भा, अहैड़ा, हरचंदपुर, पाबला बेगमाबाद, ढ़िकौली आदि गांवों के किसानों के खेतों से लाइन निकालने की तैयारी है। कई बार कार्य शुरू भी हो चुका है, किसान काम को रुकवा देते हैं। उनकी मांग है कि पहले जमीन का मुआवजा तय हो, इसके बाद खेतों से लाइन निकलने दी जाएगी। जबकि विद्युत निगम किसानों को खेती का मुआवजा देने को तैयार है न की जमीन का। इस पर किसान सहमत नहीं है।
निगम की टीम ने बुधवार शाम फिर अहेड़ा गांव के खेतों में काम शुरू कर दिया। पता चलते ही वहां पर सभी गांवों के किसान इकट्ठे हो गए। उन्होंने काम रोक दिया। उनकी निगम टीम से नोकझोंक हुई। वहां पर तहसील प्रशासन की टीम भी पहुंच गई। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मामला शांत कराया। किसानों ने कहा इस संबंध में डीएम से मिला जाएगा।
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उधर, विद्युत निगम के एक्सईएन (ट्रांसमिशन) पूरण चंद ने कहा बिजलीघर का 80 फीसदी काम हो गया है। कुछ किसान विद्युत लाइन नहीं निकलने दे रहे हैं। सरकार फसल के नुकसान का मुआवजा देने को तैयार है।
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बागपत से हरसिया बिजलीघर पर हाईटेंशन लाइन ले जाने का कार्य चल रहा है। विद्युत निगम के अफसरों की दुड़भा, अहैड़ा, हरचंदपुर, पाबला बेगमाबाद, ढ़िकौली आदि गांवों के किसानों के खेतों से लाइन निकालने की तैयारी है। कई बार कार्य शुरू भी हो चुका है, किसान काम को रुकवा देते हैं। उनकी मांग है कि पहले जमीन का मुआवजा तय हो, इसके बाद खेतों से लाइन निकलने दी जाएगी। जबकि विद्युत निगम किसानों को खेती का मुआवजा देने को तैयार है न की जमीन का। इस पर किसान सहमत नहीं है।
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निगम की टीम ने बुधवार शाम फिर अहेड़ा गांव के खेतों में काम शुरू कर दिया। पता चलते ही वहां पर सभी गांवों के किसान इकट्ठे हो गए। उन्होंने काम रोक दिया। उनकी निगम टीम से नोकझोंक हुई। वहां पर तहसील प्रशासन की टीम भी पहुंच गई। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मामला शांत कराया। किसानों ने कहा इस संबंध में डीएम से मिला जाएगा।
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उधर, विद्युत निगम के एक्सईएन (ट्रांसमिशन) पूरण चंद ने कहा बिजलीघर का 80 फीसदी काम हो गया है। कुछ किसान विद्युत लाइन नहीं निकलने दे रहे हैं। सरकार फसल के नुकसान का मुआवजा देने को तैयार है।